Monday, 2 November 2026

अमित शाह चंडीगढ़ आए, लेकिन शहर के लोगों के हाथ फिर लगी सिर्फ निराशा: एच.एस. लक्की




By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमित शाह , “हजूर, आते-आते बहुत देर कर दी! चंडीगढ़ के लोग वर्षों से अपने हक और बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आपके दौरे के बाद भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा। शहर को एक बार फिर आश्वासनों और निराशा के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में आता है और केंद्रीय गृह मंत्री होने के नाते अमित शाह की जिम्मेदारी थी कि वे शहर की वर्षों से लंबित समस्याओं पर कोई ठोस और समयबद्ध निर्णय लेकर जाते। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण दौरे के बावजूद चंडीगढ़ के आम नागरिकों, कॉलोनीवासियों, गांवों के लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली।
कॉलोनियों के मालिकाना हक पर अन्यायपूर्ण शर्तें क्यों?
लक्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दिलाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक लगातार संघर्ष कर रही है। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संसद में कई बार उठाया है। लेकिन अब जो बात सामने आ रही है कि केवल ओरिजिनल अलॉटी को ही मालिकाना हक दिया जाएगा, वह हजारों परिवारों के साथ सरासर अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़ की कॉलोनियों में 90 प्रतिशत से अधिक मकान मूल आवंटियों द्वारा बेचे जा चुके हैं और केवल लगभग 10 प्रतिशत मूल अलॉटी ही वहां रह गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि बाकी 90 प्रतिशत परिवारों का क्या होगा? क्या वे दशकों से इन मकानों में रहने के बावजूद अपने मालिकाना हक से वंचित रहेंगे?
लक्की ने कहा कि मालिकाना हक देने की व्यवस्था सभी वास्तविक निवासियों और वर्तमान कब्जाधारकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, न कि केवल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो पुराने आवंटियों और पावर ऑफ अटॉर्नी अथवा अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर मकानों में रह रहे मौजूदा परिवारों के बीच नए विवाद पैदा होंगे। कांग्रेस किसी भी कीमत पर हजारों परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ने देगी।

गांवों के 30 हजार से अधिक मकानों और दुकानों का क्या होगा?

लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ के गांवों के लोगों को भी गृह मंत्री से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं हुई। शहर के गांवों में 30 हजार से अधिक मकान और दुकानें लाल डोरे के बाहर बनी हुई हैं। इन संपत्तियों को नियमित करने की मांग वर्षों से लंबित है।
उन्होंने सवाल किया कि गांवों के लोगों को आखिर कब तक कानूनी अनिश्चितता में रखा जाएगा? इन मकानों और दुकानों को नियमित करने, नगर निगम के माध्यम से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराने और लैंड पूलिंग स्कीम लागू करने पर कोई फैसला क्यों नहीं लिया गया?
लक्की ने कहा कि गांवों के लोग भी चंडीगढ़ का हिस्सा हैं। उन्हें विकास और बुनियादी सुविधाओं का समान अधिकार है। भाजपा सरकार को केवल चुनाव के समय गांवों की याद आती है, लेकिन उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान के समय सरकार मौन हो जाती है।

हाउसिंग बोर्ड के हजारों परिवारों को नोटिस नहीं, राहत चाहिए

हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों की समस्या उठाते हुए लक्की ने कहा कि लोग वर्षों से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार नोटिस जारी करके मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। गृह मंत्री को इन परिवारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की घोषणा करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई इन मकानों में लगाई है। सरकार का काम उन्हें डराना और नोटिस भेजना नहीं, बल्कि व्यावहारिक नीति बनाकर राहत देना है। हाउसिंग बोर्ड के मकानों में किए गए बदलावों और अन्य लंबित मामलों का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए था, लेकिन इस मुद्दे पर भी गृह मंत्री ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।

इंडस्ट्री को एफएआर और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड की राहत कब मिलेगी?

चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर बोलते हुए लक्की ने कहा कि इंडस्ट्री के लोग लंबे समय से एफएआर (FAR) बढ़ाने और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड करने की मांग कर रहे हैं। उद्योगपति लगातार प्रशासन और केंद्र सरकार के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की इंडस्ट्री को राहत दिए बिना रोजगार के नए अवसर पैदा करने और शहर की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बातें खोखली हैं। उद्योगों को विस्तार और निवेश के अवसर देने के लिए एफएआर में बढ़ोतरी तथा लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड करने का रास्ता तत्काल खोला जाना चाहिए।

शेयरवाइज रजिस्ट्री पर हजारों लोग परेशान, प्रशासन की चुप्पी क्यों ?

लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ में शेयरवाइज रजिस्ट्री का मामला हजारों परिवारों और संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। लोग अपनी ही संपत्ति के कानूनी अधिकारों को लेकर दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रशासन के पास इस समस्या का समाधान निकालने का पर्याप्त समय था, लेकिन आज तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
उन्होंने सवाल किया कि जब गृह मंत्री स्वयं चंडीगढ़ आए थे, तो क्या यह उचित अवसर नहीं था कि इस लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान घोषित किया जाता? आखिर आम नागरिक कब तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहेंगे?

नगर निगम में भ्रष्टाचार, टूटी सड़कें, जाम और पार्किंग—इनका जवाब कौन देगा?

लक्की ने चंडीगढ़ नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सड़कों की हालत खराब है, जगह-जगह ट्रैफिक जाम लगता है और पार्किंग की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिस चंडीगढ़ को कभी देश के सबसे व्यवस्थित और खूबसूरत शहरों में गिना जाता था, आज वहां बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी बदहाल होती जा रही हैं। भाजपा के शासन में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गृह मंत्री ने न तो इन समस्याओं पर कोई जवाब दिया और न ही इनके समाधान के लिए किसी विशेष योजना की घोषणा की।

न नई नौकरियां, न नया प्रोजेक्ट, न चंडीगढ़ के भविष्य का कोई विजन

लक्की ने कहा कि शहर के युवाओं को रोजगार की जरूरत है। चंडीगढ़ के विकास के लिए नए प्रोजेक्ट, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा किए जाने चाहिए थे। लेकिन गृह मंत्री के दौरे में न किसी बड़े नए प्रोजेक्ट की घोषणा हुई, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई रोडमैप सामने आया और न ही शहर के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट विजन दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह उदासीनता बताती है कि चंडीगढ़ की जनता की समस्याएं उनकी प्राथमिकताओं में शामिल ही नहीं हैं।
अब लॉलीपॉप नहीं, जवाब और समयबद्ध समाधान चाहिए
एच.एस. लक्की ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से चंडीगढ़ के लोगों को कभी मालिकाना हक, कभी हाउसिंग बोर्ड, कभी गांवों के लाल डोरे, कभी इंडस्ट्री और कभी विकास के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। चुनाव आते हैं तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अब चंडीगढ़ की जनता भाजपा के खोखले वादों और राजनीतिक लॉलीपॉप से ऊब चुकी है। आने वाले नगर निगम चुनाव में शहर के लोग भाजपा से उसके शासन का हिसाब मांगेंगे और उसे करारा जवाब देंगे।
लक्की ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी चंडीगढ़ के हर वर्ग की आवाज बनकर संघर्ष कर रही है। कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दिलाना हो, हाउसिंग बोर्ड के परिवारों को राहत दिलाना हो, गांवों की संपत्तियों को नियमित करवाना हो, इंडस्ट्री को बढ़ावा देना हो या शेयरवाइज रजिस्ट्री की समस्या का समाधान—कांग्रेस हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन ने इन लंबित मुद्दों पर शीघ्र ठोस और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया तो चंडीगढ़ कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर संसद तक निर्णायक आंदोलन करेगी।
लक्की ने अंत में कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल भाजपा की नाकामियों को उजागर करना नहीं, बल्कि चंडीगढ़ को फिर से देश का नंबर वन शहर बनाना है। चंडीगढ़ के लोगों को उनका हक, सम्मान और बेहतर सुविधाएं दिलाना कांग्रेस की प्राथमिकता है। अब सवाल यह नहीं है कि गृह मंत्री चंडीगढ़ आए या नहीं, सवाल यह है कि वे शहर के लोगों को उनका हक देकर क्यों नहीं गए?

अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे पर आप का हमला, बोले—10 साल से सिर्फ चुनावी लॉलीपॉप दे रही है भाजपा

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:- आम आदमी पार्टी (आप), चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, पार्षद अंजू कात्याल और दीपा दुबे ने सेक्टर-3 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया चंडीगढ़ दौरे पर सवाल उठाए। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री का दौरा शहर की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करने के बजाय चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के लोगों को हाउसिंग बोर्ड के मकानों, मालिकाना हक, लाल डोरा, लीजहोल्ड संपत्तियों और पुनर्वास कॉलोनियों से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसलों की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला।

विजयपाल सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ के नागरिक वर्षों से अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गृह मंत्री ने अपने दौरे के दौरान ऐसी कोई ठोस योजना या समयसीमा सामने नहीं रखी, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर के लोगों को दी जाने वाली सौगातें केवल राज्यपाल या यूटी प्रशासन की ओर से मिलनी हैं, तो गृह मंत्री के दौरे का वास्तविक उद्देश्य क्या था? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले कई वर्षों से चुनावों के नजदीक आते ही जनता को नए वादे देती है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं करती। अपनी बात रखते हुए उन्होंने शेर पढ़ा, “बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, जब चीरा तो इक कतरा-ए-ख़ून निकला।” उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के दौरे को लेकर खूब प्रचार किया गया, लेकिन शहर के लोगों को ठोस राहत के नाम पर निराशा ही हाथ लगी।

विजयपाल सिंह ने मनीमाजरा में 24 घंटे पानी की आपूर्ति से जुड़ी परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े दावों और प्रचार के साथ शुरू की गई इस परियोजना से लोगों की उम्मीदों के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। उन्होंने लगभग 1,400 करोड़ रुपये के खर्च का हवाला देते हुए परियोजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि स्थानीय निवासियों को पानी की कमी तथा पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भाजपा के उन दावों का उदाहरण है, जिनमें घोषणाएं तो बड़े स्तर पर की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलतीं।

हाउसिंग बोर्ड के मकानों के मालिकाना हक के मुद्दे पर भी आप नेताओं ने भाजपा को घेरा। विजयपाल सिंह ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन सांसद किरण खेर ने यूटी गेस्ट हाउस में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने का हवाला देते हुए लोगों को मालिकाना हक देने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2026 आ जाने के बावजूद पात्र लोगों को मालिकाना हक क्यों नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को एक बार फिर इस मुद्दे की याद आ गई है, जबकि वर्षों से इंतजार कर रहे परिवार आज भी समाधान की बाट जोह रहे हैं।

आप नेताओं ने धनास के निकट एक कॉलोनी को हटाए जाने की आशंकाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि हजारों मकान खाली पड़े हैं, तो लोगों को बेघर करने से पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय और सर्दियों के मौसम में परिवारों को बेघर करने का खतरा पैदा करना बेहद गंभीर विषय है। नेताओं ने मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास योजना और वैकल्पिक आवास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को केवल आश्वासन देने के बजाय उनके आवास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

पार्षद अंजू कात्याल और दीपा दुबे ने महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए गृह मंत्री के दौरे पर सवाल खड़े किए। दीपा दुबे ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और रोजमर्रा की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि चंडीगढ़ की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने क्या ठोस घोषणा की और युवाओं के रोजगार के लिए कौन-सी नई पहल की। उन्होंने भाजपा के पुराने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए ₹15 लाख देने के वादे पर भी जवाबदेही की मांग की और कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि अपने सवालों के जवाब चाहती है।

दीपा दुबे ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि भविष्य में जब भी वे चंडीगढ़ आएं, तो केवल निर्धारित और सजाए गए मार्गों तक सीमित न रहें, बल्कि शहर की वास्तविक स्थिति देखने के लिए आम लोगों की बस्तियों और गलियों में भी जाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के प्रोटोकॉल से बाहर निकलकर एक सामान्य नागरिक की तरह शहर की सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और लोगों की समस्याओं को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की महिलाओं सहित आम नागरिकों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज करने का जवाब आने वाले समय में भाजपा को जनता के बीच देना पड़ेगा।

आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र में वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा चंडीगढ़ की कई पुरानी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों, मालिकाना हक, पुनर्वास, बुनियादी ढांचे, महिला सुरक्षा और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर शहर के लोग अब स्पष्ट जवाब और समयबद्ध कार्रवाई चाहते हैं। नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ के नागरिकों को चुनावी वादों और घोषणाओं के बजाय ऐसी नीतियां चाहिए, जिनका लाभ उन्हें वास्तव में मिले।
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Škoda Auto India Surpasses 350 Customer Touchpoints, Expands Reach to 193 Cities

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:– Škoda Auto India has expanded its network to over 350 Customer Touchpoints across 193 cities, strengthening access to its products and ownership experience nationwide. The brand reached its 350-touchpoint milestone on October 30, 2026, with the inauguration of its 350th Customer Touchpoint in Imphal, marking its entry into Manipur. The expansion highlights Škoda Auto India's commitment to bringing sales and after sales services closer to customers in established markets and emerging regions alike.
Commenting on the milestone, Ashish Gupta, Brand Director, Škoda Auto India, said that surpassing 350 Customer Touchpoints across 193 cities demonstrates our commitment to bringing Škoda closer to customers across India. Our dealer partners, both existing and new, are central to this journey, and he thanks them for sharing our vision of building a stronger Škoda brand in India. As we enter new markets, our priority is clear - to deliver a consistent, enriching customer experience across sales and after sales. Together with our expanding product portfolio and customer-first initiatives, this growing network will help us strengthen customer trust and deepen our relevance across the country.
Expanding reach, strengthening presence
Škoda Auto India's network has grown from 191 Customer Touchpoints in 2021 to 325 in 2025 and over 350 as of October 2026. Its geographical footprint has expanded from 156 cities across 25 States and Union Territories in 2024 to 193 cities across 29 States and Union Territories today. Supported by 79 dealer partners, the network comprises 270 Sales Touchpoints and 203 After sales Touchpoints, including multiple 2S/3S facilities. Between January 2025 and October 2026, the brand added 58 showrooms across 38 new cities and 45 workshops across 34 new cities, extending access to both sales and after sales services.
Reaching new markets, creating new opportunities
Škoda Auto India's expansion strategy focuses on reaching customers beyond established metropolitan markets. In 2026, the brand entered 11 new cities: Balasore, Baramati, Bathinda, Bikaner, Guna, Imphal, Jorhat, Kaithal, Khammam, Sri Ganganagar and Vasai. The Imphal opening marks the first presence of a SAVWIPL Group brand in Manipur. Škoda also has the widest geographical coverage among Group brands in the Northeast. The commercial impact of this expansion is reflected in new outlets contributing over 25% of the brand's overall sales from January to October 2026.
Strengthening the customer experience
Alongside network expansion, Škoda Auto India remains focused on a consistent customer experience across sales and after sales. Its dealer partner in Bangalore ranked No. 1 for dealership customer experience in the CarPhD survey, covering 16 cities, 18 automotive brands and 88,000 customer reviews. This commitment is supported by Škoda Super Care, which offers four years of standard warranty, roadside assistance and complimentary service labour, and Škoda Express Care, available at select locations for greater convenience and quicker service turnaround times. Together, these initiatives support the brand's focus on making ownership more accessible and convenient as its network grows.
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IndiGo Partners with Digi Yatra for International Passenger Trials Across Seven Indian Airports

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:- IndiGo, India’s preferred airline and one of the fastest-growing carriers in the world, and Digi Yatra have initiated international passenger trials on select international flights, enabling seamless and completely contactless journeys across select Indian airports - Delhi, Bengaluru, Hyderabad, Cochin, Mumbai, Chennai, and Amritsar. Commencing with a BETA phase in end of October, and running through the month of December 2026, this landmark initiative is set to transform the international departure experience for Indian globe-trotters by extending the decentralized digital identity platform beyond domestic air travel.
 
Eligible passengers can leverage this seamless biometric ecosystem at major enabled touchpoints, including terminal entry, Security Hold Areas (SHA), and boarding gates. To participate, travellers can securely generate an international digital ID directly from their smartphones via the Digi Yatra app by scanning their e-passport's Machine Readable Zone (MRZ) and using Near Field Communication (NFC) to read the embedded chip. Following a quick biometric verification, a secure Verifiable Credential (VC) is saved locally in the passenger's smartphone wallet, ensuring their personal data remains completely private, decentralized, and entirely under their control. Passengers can upload their boarding pass to the Digi Yatra app to enjoy seamless entry into the airport terminal. After completing mandatory document verification at the airline check-in counter, travelers can proceed smoothly through the security hold area and boarding gates using Digi Yatra’s biometric face authentication.
 
Neetan Chopra, Chief Digital and Information Officer, IndiGo said that at IndiGo, we are committed to redefining air travel by making it more seamless, efficient, and customer centric, and we believe that technology can be a key catalyst in this evolution. Having been a key part of the technical Proof of Concept earlier this year, we are pleased to partner with Digi Yatra for the launch of these international passenger trials. Expanding secure digital identity and biometric technologies to international departures is a significant step forward for Indian aviation. We are committed to delivering a seamless travel experience for our customers at every touchpoint. The successful deployment of this technology marks an important step in reimagining the airport experience, combining enhanced security, convenience and operational efficiency. As the aviation industry continues to evolve, such innovations will play a key role in shaping the future of passenger travel.
 
Suresh Khadakbhavi, CEO, Digi Yatra Foundation, said that Digi Yatra has demonstrated how digital identity can simplify domestic air travel. With the start of international passenger trials, we are taking an important step towards extending this experience to eligible Indian nationals travelling internationally. Interoperability with global frameworks such as IATA’s One ID and ICAO’s Public Key Directory (PKD) will be an important part of this journey, helping explore how e-passport-based digital credentials can enable more seamless and secure passenger journeys across borders, while keeping passenger consent, privacy and security central to the experience.
 
The trial are available to Indian nationals holding valid e-passports on select international IndiGo flights.

सेक्टर-42 कम्युनिटी सेंटर में पुलिस और वार्डवासियों की बैठक, नशे एवं अपराध पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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Chandigarh, Nov.02, 2026:- सेक्टर-42 के कम्युनिटी सेंटर में थाना प्रभारी चिरंजी लाल मौदगिल ने अपनी पुलिस टीम के साथ वार्ड नंबर 24 के निवासियों एवं दुकानदारों के साथ एक विशेष बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, नशे की समस्या पर अंकुश लगाना तथा पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना था।

इस अवसर पर आर डब्ल्यू ए सेक्टर 42-C के प्रधान भरत भूषण डाबर ने एस एच ओ का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्होंने क्षेत्र में बीट बॉक्स स्थापित करवाकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है।

वहीं, सेक्टर 42-C मार्केट के प्रधान अजय अरोड़ा ने बताया कि क्षेत्र में अपराध की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन कुछ लोग अभी भी शाम के समय अपनी गाड़ियों में बैठकर नशा करते हैं और शराब पीते हैं।

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एस एच ओ  चिरंजी लाल मौदगिल ने तुरंत बीट इंचार्ज को शाम के समय नियमित पेट्रोलिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने एवं शराब पीने वालों के खिलाफ नियमानुसार डी डी आर दर्ज करने और चालान सहित उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस मौके पर वार्ड नंबर 24 के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर एवं एरिया पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने एस एच ओ का विशेष धन्यवाद करते हुए कहा कि यह बेहद सराहनीय बात है कि पिछले एक सप्ताह में एस एच ओ ने वार्ड में तीन से चार बैठकें आयोजित कर लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया है। पिछले सप्ताह सेक्टर 42-C मार्केट में, कल सेक्टर 36 मार्केट में और आज सेक्टर 42 कम्युनिटी सेंटर में बैठक करके उन्होंने लोगों के बीच विश्वास और अपनापन पैदा किया है।

उन्होंने कहा कि पुलिस का इस तरह जनता के बीच पहुंचना और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनना एक सकारात्मक पहल है। आज वार्ड के लोगों में यह विश्वास पैदा हुआ है कि हमारा वार्ड चंडीगढ़ का सबसे पहले नशामुक्त वार्ड बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। स्थानीय निवासियों ने भी बताया कि उनका वार्ड लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक नशामुक्त हो चुका है।

जसबीर सिंह बंटी ने बीट इंचार्ज नरेंद्र कुमार एवं बीट टीम एवं समावेश के सदस्य संदीप और विकास की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह पुलिसकर्मी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और लोगों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, वह प्रशंसनीय है।

उन्होंने एस एच ओ से आग्रह किया कि इसी तरह समय-समय पर लोगों के बीच बैठकें आयोजित करते रहें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें यह भरोसा दिलाते रहें कि पुलिस हर कदम पर उनकी सुरक्षा के लिए उनके साथ खड़ी है।

बैठक के अंत में सभी स्थानीय निवासियों एवं दुकानदारों ने एस एच ओ चिरंजी लाल मौदगिल ने और उनकी पूरी पुलिस टीम का धन्यवाद किया तथा वार्ड को पूरी तरह नशामुक्त और सुरक्षित बनाने में पुलिस प्रशासन को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।
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