By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:-केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अमित शाह , “हजूर, आते-आते बहुत देर कर दी! चंडीगढ़ के लोग वर्षों से अपने हक और बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन आपके दौरे के बाद भी उनके हाथ कुछ नहीं लगा। शहर को एक बार फिर आश्वासनों और निराशा के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ केंद्र सरकार के सीधे नियंत्रण में आता है और केंद्रीय गृह मंत्री होने के नाते अमित शाह की जिम्मेदारी थी कि वे शहर की वर्षों से लंबित समस्याओं पर कोई ठोस और समयबद्ध निर्णय लेकर जाते। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतने महत्वपूर्ण दौरे के बावजूद चंडीगढ़ के आम नागरिकों, कॉलोनीवासियों, गांवों के लोगों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों को कोई वास्तविक राहत नहीं मिली।
कॉलोनियों के मालिकाना हक पर अन्यायपूर्ण शर्तें क्यों?
लक्की ने कहा कि कांग्रेस पार्टी कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दिलाने के लिए सड़क से लेकर संसद तक लगातार संघर्ष कर रही है। चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे को संसद में कई बार उठाया है। लेकिन अब जो बात सामने आ रही है कि केवल ओरिजिनल अलॉटी को ही मालिकाना हक दिया जाएगा, वह हजारों परिवारों के साथ सरासर अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि आज चंडीगढ़ की कॉलोनियों में 90 प्रतिशत से अधिक मकान मूल आवंटियों द्वारा बेचे जा चुके हैं और केवल लगभग 10 प्रतिशत मूल अलॉटी ही वहां रह गए हैं। ऐसे में सवाल यह है कि बाकी 90 प्रतिशत परिवारों का क्या होगा? क्या वे दशकों से इन मकानों में रहने के बावजूद अपने मालिकाना हक से वंचित रहेंगे?
लक्की ने कहा कि मालिकाना हक देने की व्यवस्था सभी वास्तविक निवासियों और वर्तमान कब्जाधारकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, न कि केवल चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो पुराने आवंटियों और पावर ऑफ अटॉर्नी अथवा अन्य वैध दस्तावेजों के आधार पर मकानों में रह रहे मौजूदा परिवारों के बीच नए विवाद पैदा होंगे। कांग्रेस किसी भी कीमत पर हजारों परिवारों के भविष्य को अनिश्चितता में नहीं छोड़ने देगी।
गांवों के 30 हजार से अधिक मकानों और दुकानों का क्या होगा?
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ के गांवों के लोगों को भी गृह मंत्री से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनके लिए भी कोई ठोस घोषणा नहीं हुई। शहर के गांवों में 30 हजार से अधिक मकान और दुकानें लाल डोरे के बाहर बनी हुई हैं। इन संपत्तियों को नियमित करने की मांग वर्षों से लंबित है।
उन्होंने सवाल किया कि गांवों के लोगों को आखिर कब तक कानूनी अनिश्चितता में रखा जाएगा? इन मकानों और दुकानों को नियमित करने, नगर निगम के माध्यम से पानी के कनेक्शन उपलब्ध कराने और लैंड पूलिंग स्कीम लागू करने पर कोई फैसला क्यों नहीं लिया गया?
लक्की ने कहा कि गांवों के लोग भी चंडीगढ़ का हिस्सा हैं। उन्हें विकास और बुनियादी सुविधाओं का समान अधिकार है। भाजपा सरकार को केवल चुनाव के समय गांवों की याद आती है, लेकिन उनकी वास्तविक समस्याओं के समाधान के समय सरकार मौन हो जाती है।
हाउसिंग बोर्ड के हजारों परिवारों को नोटिस नहीं, राहत चाहिए
हाउसिंग बोर्ड के मकानों में रहने वाले हजारों परिवारों की समस्या उठाते हुए लक्की ने कहा कि लोग वर्षों से अपने मकानों में रह रहे हैं, लेकिन उन्हें बार-बार नोटिस जारी करके मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। गृह मंत्री को इन परिवारों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की घोषणा करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जीवनभर की कमाई इन मकानों में लगाई है। सरकार का काम उन्हें डराना और नोटिस भेजना नहीं, बल्कि व्यावहारिक नीति बनाकर राहत देना है। हाउसिंग बोर्ड के मकानों में किए गए बदलावों और अन्य लंबित मामलों का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए था, लेकिन इस मुद्दे पर भी गृह मंत्री ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया।
इंडस्ट्री को एफएआर और लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड की राहत कब मिलेगी?
चंडीगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र की समस्याओं पर बोलते हुए लक्की ने कहा कि इंडस्ट्री के लोग लंबे समय से एफएआर (FAR) बढ़ाने और लीजहोल्ड प्रॉपर्टी को फ्रीहोल्ड करने की मांग कर रहे हैं। उद्योगपति लगातार प्रशासन और केंद्र सरकार के दरवाजे खटखटा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की इंडस्ट्री को राहत दिए बिना रोजगार के नए अवसर पैदा करने और शहर की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बातें खोखली हैं। उद्योगों को विस्तार और निवेश के अवसर देने के लिए एफएआर में बढ़ोतरी तथा लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड करने का रास्ता तत्काल खोला जाना चाहिए।
शेयरवाइज रजिस्ट्री पर हजारों लोग परेशान, प्रशासन की चुप्पी क्यों ?
लक्की ने कहा कि चंडीगढ़ में शेयरवाइज रजिस्ट्री का मामला हजारों परिवारों और संपत्ति मालिकों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। लोग अपनी ही संपत्ति के कानूनी अधिकारों को लेकर दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रशासन के पास इस समस्या का समाधान निकालने का पर्याप्त समय था, लेकिन आज तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ।
उन्होंने सवाल किया कि जब गृह मंत्री स्वयं चंडीगढ़ आए थे, तो क्या यह उचित अवसर नहीं था कि इस लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान घोषित किया जाता? आखिर आम नागरिक कब तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहेंगे?
नगर निगम में भ्रष्टाचार, टूटी सड़कें, जाम और पार्किंग—इनका जवाब कौन देगा?
लक्की ने चंडीगढ़ नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। सड़कों की हालत खराब है, जगह-जगह ट्रैफिक जाम लगता है और पार्किंग की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है।
उन्होंने कहा कि जिस चंडीगढ़ को कभी देश के सबसे व्यवस्थित और खूबसूरत शहरों में गिना जाता था, आज वहां बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी बदहाल होती जा रही हैं। भाजपा के शासन में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गृह मंत्री ने न तो इन समस्याओं पर कोई जवाब दिया और न ही इनके समाधान के लिए किसी विशेष योजना की घोषणा की।
न नई नौकरियां, न नया प्रोजेक्ट, न चंडीगढ़ के भविष्य का कोई विजन
लक्की ने कहा कि शहर के युवाओं को रोजगार की जरूरत है। चंडीगढ़ के विकास के लिए नए प्रोजेक्ट, निवेश और रोजगार के अवसर पैदा किए जाने चाहिए थे। लेकिन गृह मंत्री के दौरे में न किसी बड़े नए प्रोजेक्ट की घोषणा हुई, न युवाओं के लिए रोजगार का कोई रोडमैप सामने आया और न ही शहर के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट विजन दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह उदासीनता बताती है कि चंडीगढ़ की जनता की समस्याएं उनकी प्राथमिकताओं में शामिल ही नहीं हैं।
अब लॉलीपॉप नहीं, जवाब और समयबद्ध समाधान चाहिए
एच.एस. लक्की ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से चंडीगढ़ के लोगों को कभी मालिकाना हक, कभी हाउसिंग बोर्ड, कभी गांवों के लाल डोरे, कभी इंडस्ट्री और कभी विकास के नाम पर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। चुनाव आते हैं तो बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनता की समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि अब चंडीगढ़ की जनता भाजपा के खोखले वादों और राजनीतिक लॉलीपॉप से ऊब चुकी है। आने वाले नगर निगम चुनाव में शहर के लोग भाजपा से उसके शासन का हिसाब मांगेंगे और उसे करारा जवाब देंगे।
लक्की ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी चंडीगढ़ के हर वर्ग की आवाज बनकर संघर्ष कर रही है। कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक दिलाना हो, हाउसिंग बोर्ड के परिवारों को राहत दिलाना हो, गांवों की संपत्तियों को नियमित करवाना हो, इंडस्ट्री को बढ़ावा देना हो या शेयरवाइज रजिस्ट्री की समस्या का समाधान—कांग्रेस हर मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन ने इन लंबित मुद्दों पर शीघ्र ठोस और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया तो चंडीगढ़ कांग्रेस इन सभी मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर संसद तक निर्णायक आंदोलन करेगी।
लक्की ने अंत में कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य केवल भाजपा की नाकामियों को उजागर करना नहीं, बल्कि चंडीगढ़ को फिर से देश का नंबर वन शहर बनाना है। चंडीगढ़ के लोगों को उनका हक, सम्मान और बेहतर सुविधाएं दिलाना कांग्रेस की प्राथमिकता है। अब सवाल यह नहीं है कि गृह मंत्री चंडीगढ़ आए या नहीं, सवाल यह है कि वे शहर के लोगों को उनका हक देकर क्यों नहीं गए?


