Saturday, 23 May 2026

ISB and MeitY Convene National Leaders at Governance Summit 2026 to Chart India’s Course for Inclusive AI

By 121 News
Mohali, May 23, 2026:-The Bharti Institute of Public Policy (BIPP) at the Indian School of Business (ISB), in collaboration with the Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY), today hosted the Governance Summit 2026: Inclusive AI for Viksit Bharat at the Mohali campus of ISB.
The fourth edition of the summit commenced with an inaugural keynote address, delivered by S. Krishnan, IAS, Secretary, Ministry of Electronics and Information Technology, Government of India, who set out the government’s commitment to building an AI ecosystem that serves every citizen, including those at the margins of the digital economy. In his keynote, he highlighted that artificial intelligence presents India with a transformative opportunity to enhance productivity, improve governance, and expand access across sectors such as healthcare, education, manufacturing, and financial inclusion. He also raised that while concerns around the impact of AI on cognitive jobs are understandable, India is uniquely positioned to harness this technology for inclusive growth. S. Krishnan also highlighted that as India builds its AI ecosystem, it is important that it develops models reflecting cultural and linguistic diversity, while ensuring strategic autonomy and domestic control over critical technological safeguards.
Professor Ashwini Chhatre, Executive Director, Bharti Institute of Public Policy, ISB, emphasised the need to translate AI ambitions into actionable governance frameworks. He highlighted that AI must be viewed as a long-term national mission shaping the future of the next generation and identified inequality, leapfrogging opportunities, and the future of jobs as key dimensions of the emerging AI landscape. Prof. Chhatre also stressed that access to AI opportunities must remain equitable through appropriate safeguards, social security mechanisms, and affirmative action.
Dr Aarushi Jain, Director, Bharti Institute of Public Policy, ISB, underscored that genuine inclusion requires deliberate policy design. She highlighted that artificial intelligence is no longer a futuristic concept, but a transformative force reshaping economies, governance, education, and healthcare, while influencing the lives of citizens across the globe. Dr Jain further emphasised that the real challenge lies in ensuring that public policy enables AI to become a tool for inclusion rather than exclusion.
The day-long programme featured four thematic panel discussions covering AI’s role in digital commerce, online safety for women and children, healthcare access and affordability, and job creation and digital entrepreneurship. A parallel roundtable examined the operationalisation of AI for last-mile public service delivery, from state governments down to gram panchayats.
More than 250 delegates participated in the Governance Summit 2026, reflecting the growing significance of conversations at the intersection of artificial intelligence, governance, and public policy. The summit brought together a distinguished line-up of policymakers, industry leaders, academics, civil society representatives, and international organisations, including participants from MeitY, Reliance Retail, Mastercard, IIT Madras, UNICEF India, Punjab Police, Karmayogi Bharat, and key stakeholders from the IndiaAI ecosystem. The breadth of participation underscored the summit’s role as a collaborative platform for advancing dialogue on inclusive and responsible AI-driven governance.
The summit was moderated by students of the Advanced Management Programme in Public Policy (AMPPP) at ISB, reflecting the institute’s commitment to training the next generation of policy leaders.
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कैलाश जैन द्वारा मास्टर प्लान-2031 में संशोधन का स्वागत, व्यापारियों व बूथ मालिकों के लिए भी राहत की मांग

By 121 News
Chandigarh, May 23, 2026:-चंडीगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं उद्योग व्यापार मंडल (UVM) चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश जैन ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा मास्टर प्लान-2031 में प्रस्तावित संशोधनों का स्वागत करते हुए कहा कि हाउसिंग, संस्थागत एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए किए जा रहे व्यावहारिक एवं दूरदर्शी कदम शहर के संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।
कैलाश जैन ने माननीय राज्यपाल पंजाब एवं प्रशासक चंडीगढ़ गुलाब चंद कटारिया को भेजे गए एक मेमोरेंडम में मांग की है कि समानता एवं न्याय के सिद्धांत के आधार पर व्यापारियों, बूथ मालिकों एवं छोटे दुकानदारों को भी व्यावहारिक राहत प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शहर के हजारों व्यापारी सीमित स्थान, बढ़ते किरायों, व्यापारिक प्रतिस्पर्धा, पार्किंग समस्याओं एवं कठोर बिल्डिंग नियमों के कारण भारी आर्थिक दबाव में कार्य कर रहे हैं। विशेष रूप से छोटे बूथों में व्यापार संचालन लगातार कठिन होता जा रहा है।
कैलाश जैन ने मांग की कि व्यापारियों एवं बूथ मालिकों की समस्याओं के समाधान हेतु एक हाई लेवल स्पेशल कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ व्यापारिक संगठनों एवं तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए।
उन्होंने छोटे बूथों एवं दुकानों पर निर्धारित सुरक्षा मानकों के अधीन दूसरी मंजिल निर्माण की अनुमति देने, बिल्डिंग बायलॉज एवं नीड बेस्ड चेंजिस में व्यावहारिक संशोधन करने तथा छोटे-मोटे भवन उल्लंघनों हेतु एमनेस्टी एवं नियमितीकरण नीति लागू करने की भी मांग की।
कॉर्नर बूथ धारकों की समस्या उठाते हुए श्री जैन ने कहा कि उनसे अतिरिक्त साइड स्पेस का प्रीमियम लिया गया है, किन्तु उन्हें उसके उपयोग का समुचित अधिकार नहीं दिया गया। उन्होंने कॉर्नर बूथों में साइड ओपनिंग, साइड एंट्री एवं अतिरिक्त शटर की अनुमति देने की मांग भी उठाई।
 कैलाश जैन ने कहा कि छोटे व्यापारी शहर की आर्थिक रीढ़ हैं तथा व्यापारियों को राहत देना रोजगार, स्थानीय व्यापार एवं इज ऑफ डूइंग बिज़नेस के हित में अत्यंत आवश्यक है।
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भारतीय मजदूर संघ ने सीटीयू से निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को वापस रखने की उठाई मांग

By 121 News
Chandigarh, May 23, 2026:- भारतीय मजदूर संघ, चंडीगढ के मुख्य कार्यकारी सदस्यों ने आज की मीटिंग में यू.टी. प्रशासन, नगर निगम तथा विभिन्न बोर्डों व विभागों में कार्यरत कांट्रैक्ट और आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए उनकी नौकरी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि जनता दरबार में चंडीगढ़ प्रशासक के समक्ष पहले भी यह दोनों मुद्दों के अलावा सीटीयू से निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दे उठाए गए थे, परन्तु अभी तक चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इन दोनों मुद्दों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई ।

सीटीयू से टर्मिनेट आऊटसोर्सिंग कर्मचारी आज तक न‌ई बसों का इंतजार करते हुए घरों पर बैठने को मजबूर हैं और उनके परिवार पीड़ा झेल रहे हैं । संघ ने निकाले गए आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से वापस रखने की मांग की है।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन व म्युनिसिपल कार्पोरेशन में लंबे समय व दशकों से सेवाएं दे रहे हजारों कांट्रैक्ट व आउटसोर्सिंग कर्मचारी असुरक्षा के माहौल में काम कर रहे हैं। अनेक कर्मचारी वर्षों से लगातार सेवाएं देने के बावजूद किसी केंद्रीय स्थायी नीति के अभाव में भविष्य को लेकर हजारों कांट्रैक्ट व आऊटसोर्सिंग कर्मचारी अपने व परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

भारतीय मजदूर संघ ने मांग की कि जिन कांट्रैक्ट कर्मचारियों ने लंबा समय सेवा में पूरा कर लिया है, उन्हें एकमुश्त नीति बनाकर नियमित किया जाए।  साथ ही आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों को निजी ठेकेदारों और जेम पोर्टल व्यवस्था के स्थान पर हरियाणा कौशल रोजगार निगम जैसी सरकारी केंद्रीकृत व्यवस्था के अधीन लाकर भर्ती से लेकर रिटायरमेंट तक नौकरी की सुरक्षा प्रदान की जाए।

संघ ने कहा कि कर्मचारियों को समान कार्य के लिए सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, ईपीएफ, ईएसआई तथा सेवा निरंतरता का लाभ मिलना चाहिए।कर्मचारियों का शोषण रोकने और प्रशासनिक कार्यों की स्थिरता बनाए रखने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इन कांट्रैक्ट व आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए कोई ठोस सुरक्षित नीति बनाना समय की आवश्यकता है।

संघ ने जल्द ही इन मुद्दों पर चंडीगढ़ प्रशासक से जल्द मुलाकात करने पर भी सहमति जताई ।

भारतीय मजदूर संघ ने प्रशासन एवं सरकार से मांगों पर संवेदनशीलता से विचार कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की अन्यथा संगठन को आंदोलन की राह पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा ।
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Friday, 22 May 2026

श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी गुरुपर्व को समर्पित अवसर पर राजवीर कौर गिल व सिमरत गिल ने लंगर और छबील का किया आयोजन


By 121 News
Mohali, May 22, 2026:- धन-धन श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व को समर्पित वार्ड नंबर 19 की उम्मीदवार राजवीर कौर गिल और वार्ड नंबर 16 की उम्मीदवार सिमरत गिल द्वारा संयुक्त रूप से भाईचारे का संदेश देते हुए लंगर और ठंडे मीठे पानी की छबील लगाई गई।सुबह से ही छबील स्थल पर लोगों का आना शुरू हो गया था। बढ़ती गर्मी को देखते हुए ठंडे पानी की छबील लोगों के लिए बड़ी राहत बनी। इस मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, महिलाएं, बुजुर्ग, युवा कार्यकर्ता और इलाके के गणमान्य लोग उपस्थित हुए। संगत ने पंगत में बैठकर कढ़ी-चावल और हलवे का लंगर प्रसाद छका। 
इस मौके पर संबोधित करते हुए राजवीर कौर गिल और सिमरत गिल ने कहा कि चुनाव आते-जाते रहते हैं, लेकिन हमारा रिश्ता सेवा का है। हम हमेशा अपने वार्ड के सुख-दुख में खड़े रहे हैं। हमारा वार्ड ही हमारा परिवार है।
सिमरत गिल ने कहा कि उनका मकसद सिर्फ वोट मांगना नहीं, बल्कि लोगों से जुड़ना है। उन्होंने अपील की कि आपने हमें पहले भी सेवा का मौका दिया है, अब वार्ड के बाकी बचे विकास कार्यों को पूरा करने के लिए दोबारा मौका दें।
इस आयोजन के माध्यम से दोनों उम्मीदवारों ने वार्डवासियों से सीधा संपर्क बनाया। आए हुए लोगों ने दोनों उम्मीदवारों के इस प्रयास की सराहना की। कार्यक्रम के अंत तक संगत का उत्साह बना रहा और "सेवा-सिमरन" का माहौल बना रहा।
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शास्त्रीय गायक डॉ मलकीत सिंह जडियाला की प्रस्तुति ने बांधा समां

By 121 News
Chandigarh, May 22, 2026:--भारतीय शास्त्रीय कलाओं के प्रसार एवं प्रचार के लिए प्रतिबद्ध सांस्कृतिक संस्था प्राचीन कला केन्द्र  द्वारा एक विशेष संगीत संध्या का आयोजन आज यहाँ डॉ एम एस रंधावा सभागार, पंजाब कला भवन में किया गया।  केंद्र द्वारा “हॉर्न-मुक्त चंडीगढ़” विषय पर एक विशेष जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत चंडीगढ़  के जाने माने शास्त्रीय गायक डॉ मलकीत सिंह जडियाला ने अपने सधे हुए गायन की प्रस्तुति देकर एक शानदार शाम को संजोया।

डॉ मलकीत सिंह  ने पंजाब विष्वविद्यालय से संगीत की शिक्षा  ग्रहण करने के साथ पंजाब विश्वविद्यालय से संगीत में एम.ए. तथा पीएचडी की डिग्री हासिल है। इन्होने ने ८ वर्ष की अल्पायु में ही गाना शुरू कर दिया थ।  बचपन में गुरबाणी के शब्द गाते हुए  मलकीत ने गायन संगीत के लिए अपनी प्रतिभा विकसित की। एक वकील के रूप में अपने व्यस्त दिनचर्या  के बावजूद, उनका सारा खाली समय 'रियाज़' में बीतता है। हिंदुस्तानी गायन उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया क्योंकि उन्होंने खुद को पूरी तरह से इस 'साधना' के लिए समर्पित कर दिया । उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के डॉ. भूपिंदर शीतल, प्रोफेसर यशपाल और डॉ. अरविंद दत्ता तथा डॉ. गुरनाम सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला  जैसे प्रसिद्ध गायकों के संरक्षण में संगीत सीखा।   डॉ. मलकीत सिंह ने मेवात घराने के गायक सुरेश गोपाल, खांडे से भी हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की बारीकियां भी सीखीं। और आजकल ये उस्ताद अमजद अली खान से संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

आज के इस विशेष कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति  गुरमीत सिंह संधावालिया  मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे  और पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति विनोद एस भारद्वाज इस अवसर पर वरिष्ठ अतिथि के रूप में उपस्थित थे।  इसके साथ ही विशेष अतिथि के रूप में सौरभ जोशी, मेयर चंडीगढ़ ने शोभा बढ़ाई।  

मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के बाद,  सभी अतिथियों  को पुष्प, उत्तरीया एवं मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया।   डॉ. मलकीत सिंह जंडियाला ने  मंच संभाला और शाम की शुरुआत राग यमन  के साथ पारम्परिक आलाप के बाद  विलम्बित बंदिश "सलोना रे बालम मेरा " से की। फिर उन्होंने छोटे ख्याल की बंदिश "तू जग में शर्म रख मेरी "  प्रस्तुत की । उन्होंने अपने गायन का समापन एक खूबसूरत द्रुत लाया के तराने से किया ।   प्रख्यात तबला वादक उस्ताद अकरम खान ने  तबले पर अपनी बेहतरीन संगत से कार्यक्रम की सफलता में चार चांद लगा दिए। हारमोनियम पर दिल्ली के जाने मानेशास्त्रीय गायक और डॉ जंडियाला के गुरु उस्ताद अमजद अली खान ने हारमोनियम पर साथ देकर अपने शिष्य की हौसला अफजाई की और सारंगी पर प्रसिद्द सारंगी वादक उस्ताद मुराद अली ने बखूबी संगत की।कार्यक्रम के दौरान भी ध्वनि प्रदुषण की वजह से होने वाले अशांति का भी एक उदहारण पेश किया गया

गायन के बाद एक वरिष्ठ चिकित्सक डॉ पारुल सूद द्वारा ध्वनि प्रदूषण एवं अत्यधिक हॉर्न बजाने से मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों संबंधी विशेष व्याख्यान एवं प्रदर्शन सत्र प्रस्तुत किया गया।  उन्होंने बताया अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण एवं लगातार हॉर्न की आवाज़ के संपर्क में रहने से तनाव, उच्च रक्तचाप, नींद संबंधी विकार, श्रवण क्षमता में कमी, हृदय रोग, चिड़चिड़ापन तथा बच्चों के मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कलाकारों को सम्मानित करने के लिए  केंद्र के सचिव सजल कौसर , कथक गुरु एवं केंद्र की रजिस्ट्रार डॉ. शोभा कौसर   मौजूद थे । सजल कौसर ने दर्शकों, मीडिया, विशिष्ट अतिथियों और कलाकारों को धन्यवाद दिया
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प्रख्यात ज्योतिषी ऋतु सिंह को मिली शिवाश्री उपाधि

By 121 News
Chandigarh, May 22, 2026:--देश की मशहूर ज्योतिषी व शिव कथा मर्मज्ञ सुश्री ऋतु सिंह को श्री अयोध्या जी में अनंत विभूषित जानकी घाट बड़ा स्थान मंदिर में देश के अग्रणी संत पूज्य मंहत श्री जन्मेजय शरण महाराज द्वारा "शिवाश्री" की उपाधि प्रदान की गई है। इस अवसर पर संत शिरोमणि ने कहा कि यह पल मठ के लिये अत्यंत प्रसन्नता का सूचक है एवं सनातन धर्म व ज्योतिष के प्रचार प्रसार व अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता हेतु समय समय पर वे ऐसे कार्यक्रम आयोजित करते हैं, ताकि विद्वान मनीषियों का समाज से परिचय व उन्हैं सर्वोच्च स्वीकार्यता मिल सके । इसी क्रम में देश की विद्वान व अग्रणी ज्योतिषी ऋतु सिंह को उनकी शिव भक्ति व ज्योतिषीय ज्ञान एवं किशोरी जी व राधा जी के प्रति अनन्य निष्ठा के परिपेक्ष्य में उन्हैं श्री जानकीघाट बड़ा स्थान मंदिर श्री अयोध्या जी से "शिवाश्री" की उपाधि प्रदान की जाती है एवं आज से उन्हैं "शिवाश्री ऋतु" के नाम से जाना जायेगा। साथ ही इस सम्मान के साथ वह परम्परागत व आध्यात्मिक रूप से इस प्राचीन पीठ से जुड़कर धर्म प्रचार का कार्य भी करेंगीं। 

"शिवाश्री" की उपाधि से अभिभूत ऋतु सिंह ने कहा कि ये पल उनके लिए एक भावपूर्ण समय है उनके ज्योतिषीय ज्ञान व प्रभु भक्ति को मान्यता देने के लिये वह पूज्य महाराज जी की आभारी हैं। उनके मुताबिक समूचे जीवनकाल में प्रभु कृपा से ही ऐसे पल आते हैं जब आप अपने परिवार,  समाज व कुल को गौरवान्वित करते हैं उनके ज्योतिषीय जीवन में ये वही पल है और वो "शिवाश्री ऋतु" नाम को सहर्ष अंगीकार करतीं हैं। 
देश व विदेशों में लोकप्रिय ऋतु सिंह को इससे पहले वैदिक ज्योतिष में उनकी उपलब्धियों व शोधों पर कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है देश व विदेशों के कई राजनीतिक,  सामाजिक,  कार्पोरेट व सिनेमा से जुड़े दिग्गज उनसे समय समय पर ज्योतिषीय व आध्यात्मिक परामर्श प्राप्त करते रहते हैं। शैक्षिक रूप से पोस्ट ग्रेजुएट के साथ-साथ उन्होंने देश के शीर्ष संस्थानों से ज्योतिषीय शिक्षा प्राप्त की है देश विदेशों में व्याख्यान के अलावा ज्योतिष पर लिखी उनकी पुस्तक "सात अनाश्य हैं ब्रह्मांड के अंत तक" बेहद लोकप्रिय है जल्द ही उनकी एक और पुस्तक "रत्न ग्रंथ" भी आने वाली है।
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ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਰੋਧੀ ਫੈਸਲਿਆਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਕੇਂਦਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਨੇ ਦਿੱਤਾ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੋਸ ਧਰਨਾ 

By 121 News
Chandigarh, May 22, 2026:- ਪਿਛਲੇ ਕਈ ਦਹਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਮਾਤ ਭਾਸ਼ਾ ਦੇ ਹੱਕ ਹਾਅ ਦਾ ਨਾਅਰਾ ਮਾਰਨ  ਵਾਲੀ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕਾਂ ਦੀ ਸਿਰਮੌਰ ਜਥੇਬੰਦੀ ਕੇਂਦਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਦੇ ਸੱਦੇ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਭਰ ਤੋਂ ਪਹੁੰਚੇ ਸਾਹਿਤਕਾਰਾਂ ਅਤੇ ਬੁੱਧੀਜੀਵੀਆਂ ਨੇ ਅਜ ਏਥੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦੇ ਸਤਾਰਾਂ ਸੈਕਟਰ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ਾਲ ਰੋਸ ਧਰਨਾ ਦਿਤਾ ਗਿਆ।
 ਸਭਾ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਦਰਸ਼ਨ ਬੁੱਟਰ, ਸੁਸ਼ੀਲ ਦੁਸਾਂਝ, ਮੱਖਣ ਕੁਹਾੜ,ਦੀਪ ਦੇਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ, ਡਾ ਸ਼ਿੰਦਰਪਾਲ ਸਿੰਘ ਆਦਿ ਦੀ ਦੇਖ ਰੇਖ ਹੇਠ ਹੋਏ ਇਸ ਰੋਸ ਮੁਜ਼ਾਹਰੇ ਵਿਚ ਵੱਖ ਵੱਖ ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਮਾਤ ਭਾਸ਼ਾ ਦੇ ਹੱਕ ਵਿਚ ਅਵਾਜ਼ ਬੁਲੰਦ ਕਰਦਿਆਂ ਸਾਂਝੇ ਤੌਰ 'ਤੇ ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਧਰਤੀ ਉੱਤੇ ਸੈਂਟਰ ਦੇ ਆਰਮੀ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿਚ ਪੰਜਾਬੀ ਨੂੰ ਦਰ ਕਿਨਾਰ ਕਰਕੇ ਸੰਸਕ੍ਰਿਤ ਨੂੰ ਪਹਿਲ ਦੇਣ ਦੇ ਫੈਸਲੇ ਦੀ ਜੋਰਦਾਰ ਸ਼ਬਦਾਂ ਵਿਚ ਨਿਖੇਧੀ ਕੀਤੀ ਅਤੇ ਮਿਲਟਰੀ ਸਕੂਲਾਂ ਜਾਰੀ ਹੋਏ ਸਰਕੂਲਰ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਲੈਣ ਦੀ ਮੰਗ ਕੀਤੀ ਗਈ। 
     ਦਰਸ਼ਨ ਬੁੱਟਰ ਹੁਰਾਂ ਦੇ ਸਵਾਗਤੀ ਸਬਦਾਂ ਨਾਲ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਏ ਇਸ ਵਿਚ ਸਮਾਗਮ ਨੂੰ ਸੰਬੋਧਨ ਕਰਦਿਆਂ ਡਾ਼ ਸਵਰਾਜਬੀਰ, ਹਮੀਰ ਸਿੰਘ, ਜਗਤਾਰ ਭੁੱਲਰ, ਮੱਖਣ ਕੁਹਾੜ, ਡਾ ਸਰਬਜੀਤ ਸਿੰਘ, ਦੀਪਕ ਸ਼ਰਮਾ ਚਰਨਾਰਥਲ, ਬਲਕਾਰ ਸਿੱਧੂ,ਵਧਾਇਕ ਪ੍ਰਗਟ ਸਿੰਘ, ਗਿਆਨੀ ਕੇਵਲ ਸਿੰਘ ਆਦਿ
 ਬੁਲਾਰਿਆਂ ਨੇ ਸਾਂਝੀ ਸੁਰ ਵਿਚ  ਪੰਜਾਬ ਰਾਜ ਭਾਸ਼ਾ ਐਕਟ 2008 ਦੇ ਹਵਾਲੇ ਨਾਲ ਜੋਰ ਦੇ ਕੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਰਾਜ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ, ਅਰਧ ਸਰਕਾਰੀ, ਪ੍ਰਾਈਵੇਟ ਪਬਲਿਕ ਅਤੇ ਸੀ. ਬੀ਼ ਐਸ. ਸੀ. ਜਾਂ ਆਈ ਸੀ ਐਸ ਸੀ ਦੇ ਸਕੂਲਾਂ ਵਿਚ ਦਸਵੀਂ ਤਕ ਪੰਜਾਬੀ ਨੂੰ ਲਾਜਮੀ ਤੌਰ ਤੇ ਪੜਾਇਆ ਜਾਵੇ।
 ਉਹਨਾਂ ਜਿਥੇ ਪੰਜਾਬੀ 'ਚ ਕੰਮ ਨਾ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਅਧਕਾਰੀਆਂ ਖਿਲਾਫ਼ ਐਕਟ ਵਿਚ ਸਜਾ ਦੀ ਧਾਰਾ ਸ਼ਾਮਲ ਕਰਨ, ਅਦਾਲਤੀ ਕਾਰ ਵਿਹਾਰ ਪੰਜਾਬੀ 'ਚ ਕਰਨ ਦੀ ਮੰਗ ਦੁਹਰਾਈ ਉਥੇ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਦੇਣ ਅਤੇ ਪੰਜਾਬ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਪੰਜਾਬ ਨੂੰ ਸੌਂਪਣ ਦੀ ਮੰਗ ਵੀ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਸਮਾਗਮ ਦਾ ਮੰਚ ਸੰਚਾਲਣ  ਕਥਾਕਾਰ ਦੀਪ ਦੇਵਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਨੇ ਕੀਤਾ ਜਦਕਿ ਧੰਨਵਾਦ ਦੇ ਸਬਦ ਯਾਤਿੰਦਰ ਕੌਰ ਮਾਹਲ ਨੇ ਕਹੇ।
 ਇਸ ਮੌਕੇ ਕੇਂਦਰੀ ਪੰਜਾਬੀ ਲੇਖਕ ਸਭਾ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਰਾਜਪਾਲ ਰਾਹੀਂ ਇਕ ਮੰਗ ਪੱਤਰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ, ਗ੍ਰਹਿ ਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਜਿੰਮੇਵਾਰ ਅਦਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਭੇਜਿਆ ਗਿਆ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਸੈਲਿੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜਨ, ਸੁਰਿੰਦਰਪ੍ਰੀਤ ਘਣੀਆਂ, ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਸਾਹੀ, ਮੂਲ ਚੰਦ ਸ਼ਰਮਾ, ਡਾ ਪਰਮਜੀਤ ਬਾਠ, ਸੁਰਜੀਤ ਜੱਜ, ਹਰਮੀਤ ਵਿਦਿਆਰਥੀ, ਸੁਖਦੇਵ ਸਿਰਸਾ, ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਵਸੀ, ਗੁਰਮੀਤ ਬਾਜਵਾ, ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਰੰਗੀਲਪੁਰ, ਡਾ ਲੇਖ ਰਾਜ, ਬੂਟਾ ਰਾਮ ਅਜਾਦ, ਮੱਖਣ ਭੈਣੀਵਾਲ, ਧਰਮ ਸਿੰਘ ਧਿਆਨਪੁਰੀ, ਸੁਰਿੰਦਰ ਗਿੱਲ, ਹਰਪ੍ਰੀਤ ਵਿਰਕ,ਅਰਵਿੰਦਰ ਕਾਕੜਾ, ਪੰਮੀਂ ਦੇਵੇਦੀ, ਅਨਿਲ ਫਤਿਹਗੜ੍ਹ, ਸੁਰਿੰਦਰ ਖੀਵਾ, ਗੁਰਸੇਵਕ ਢਿੱਲੋਂ, ਰਮਨ ਸੰਧੂ, ਹਜਾਰਾ ਸਿੰਘ ਚੀਮਾ, ਡਾ ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਬੱਲ, ਅੰਗਰੇਜ ਵਿਰਦੀ, ਦੇਵੀ ਦਿਆਲ ਸ਼ਰਮਾਂ, ਗੁਰਿੰਦਰ ਕਲਸੀ,ਗੁਰਦੇਵ ਪਾਲ ਕੌਰ, ਡਾ ਕੁਲਦੀਪ ਪੁਰੀ, ਸੁਚਾ ਸਿੰਘ ਪਥਨਾਵਾਲ, ਰਾਜਵਿੰਦਰ ਕੌਰਅਤੇ ਸਵਰਾਜ ਸੰਧੂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿਚ ਸਹਿਤਕਾਰ ਹਾਜਰ ਸਨ।
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Thursday, 21 May 2026

राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर युवा कांग्रेस ने आयोजित किया विशाल रक्तदान शिविर

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Chandigarh, May 21, 2026:-स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री  राजीव गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर आज चंडीगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा सेक्टर-37 स्थित रोटरी ब्लड बैंक एंड सोसाइटी भवन में एक  रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर चंडीगढ़ प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक लुबाना के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसे राजीव गांधी की स्मृति को समर्पित किया गया।
इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हरमोਹिंदर सिंह लक्की तथा चंडीगढ़ प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नंदिता हुड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान कर समाज सेवा का संदेश दिया तथा राजीव गांधी के विचारों और उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दीपक लुबाना ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और युवा कांग्रेस सदैव समाज के हर वर्ग की आवाज़ उठाने का कार्य करती रही है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया और उनकी पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर लगाकर युवा कांग्रेस ने उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी युवा कांग्रेस समाजहित से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और जनसेवा के ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने राजीव गांधी के जीवन और उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि राजीव गांधी ने भारत को 21वीं सदी की ओर ले जाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि आज देश में जो सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार क्रांति दिखाई देती है, उसकी मजबूत नींव राजीव गांधी ने ही रखी थी। कंप्यूटर और टेलीकॉम सेक्टर को बढ़ावा देकर उन्होंने भारत को आधुनिकता की राह पर आगे बढ़ाया।
लक्की ने कहा कि राजीव गांधी दूरदर्शी नेता थे, जिन्होंने युवाओं की शक्ति को पहचाना और 18 वर्ष की आयु में मतदान का अधिकार देकर देश के करोड़ों युवाओं को लोकतंत्र में भागीदारी का अवसर प्रदान किया। पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत करना, शिक्षा और तकनीक को बढ़ावा देना तथा भारत को आधुनिक सोच के साथ आगे ले जाना उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियां रही हैं।
उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का जीवन देश की एकता, प्रगति और बलिदान का प्रतीक था तथा कांग्रेस पार्टी उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए देशहित और जनसेवा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी।
इससे पूर्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए उनके योगदान को याद किया।

रक्तदान शिविर में युवा कांग्रेस के नेता सचिन गालब, संदीप गुर्जर, रॉबी बढ़ेरी, सुखदेव सिंह,  रवि राणा, धीरज गुप्ता, हरसिमरन, साहिल चावर, रोहन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं युवा उपस्थित रहे।
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प्राचीन पीर गुगा माड़ी / लखदाता मंदिर में सीमा रानी चौहान को भावी गद्दीनशीन घोषित किया गया:      भव्य वार्षिक उत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न

By 121 News
Chandigarh, May 21,2026: -प्राचीन पीर गुगा माड़ी / लखदाता मंदिर (पुराना बिजवाड़ा), सेक्टर 36-बी, चंडीगढ़ में एक ऐतिहासिक एवं भावनात्मक अवसर पर वर्तमान गद्दीनशीन महंत श्री जय कृष्ण नाथ जी ने अपनी बड़ी पुत्री सीमा रानी चौहान को मंदिर की भावी गद्दीनशीन एवं उत्तराधिकारी घोषित किया। यह घोषणा मंदिर परिसर में आयोजित वार्षिक धार्मिक उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं, संत समाज और संगत की उपस्थिति में की गई।

महंत श्री जय कृष्ण नाथ जी ने कहा कि पीर गुगा माड़ी / लखदाता मंदिर की यह पवित्र गद्दी उनके पूर्वजों से पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवार में चली आ रही है। उन्होंने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय श्री फकीर चंद जी सहित पूर्वजों ने वर्षों तक मंदिर की सेवा, पूजा-अर्चना और संगत की सेवा को अपना जीवन समर्पित किया और उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प अब सीमा रानी चौहान निभाएंगी।

उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि यह गद्दी केवल अधिकार नहीं बल्कि सेवा, त्याग और श्रद्धा की पहचान है। मैंने अपना पूरा जीवन मंदिर और संगत की सेवा में बिताया है और अब मेरी इच्छा रही कि सीमा रानी इसी श्रद्धा और समर्पण के साथ मंदिर की परंपराओं को आगे बढ़ाए। मुझे विश्वास है कि वह संगत के सहयोग और आशीर्वाद से इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाएंगी।

महंत श्री जय कृष्ण नाथ जी ने यह भी स्पष्ट किया कि मंदिर की व्यवस्थाएं, धार्मिक परंपराएं, भंडारे, लंगर सेवा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का संचालन पूर्व की तरह निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने अपनी छोटी पुत्री मीनाक्षी का भी विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों बहनें मिलकर मंदिर की सेवा एवं व्यवस्थाओं को सहयोगपूर्वक आगे बढ़ाएंगी।

भावी गद्दीनशीन सीमा रानी चौहान उर्फ सीमा नाथ ने संगत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मेरे लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और गर्व का विषय है। यह केवल पारिवारिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि गुरु परंपरा और श्रद्धा का पवित्र दायित्व है। मैं अपने पिता जी और पूर्वजों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए मंदिर की मर्यादाओं, सेवा भावना और धार्मिक परंपराओं को पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ आगे बढ़ाऊंगी। संगत की सेवा और मंदिर की प्रतिष्ठा को बनाए रखना मेरी पहली प्राथमिकता रहेगी।

महामंडलेश्वर श्रीमती सुरेन्द्रा देवी जी ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मंदिर वर्षों से श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का केंद्र रहा है। आज जो जिम्मेदारी सीमा रानी को सौंपी गई है, वह केवल गद्दी का उत्तराधिकार नहीं बल्कि सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प है। हमें पूर्ण विश्वास है कि दोनों बेटियां प्रेम, सहयोग और श्रद्धा के साथ मंदिर की व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करेंगी।

गद्दीनशीन की घोषणा के उपरांत मंदिर परिसर में ज्येष्ठ माह के ज्येष्ठ वीरवार के अवसर पर आयोजित एकदिवसीय वार्षिक उत्सव श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सुबह हवन यज्ञ के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की। इसके बाद विधिवत ध्वजारोहण किया गया और पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण गूंज उठा।

दोपहर में विशाल लंगर एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर प्रबंधन द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, जलपान, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं के विशेष प्रबंध किए गए थे।

सांयकाल में आयोजित संकीर्तन एवं प्रवचन कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। विभिन्न कीर्तन मंडलियों ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में विशेष रूप से लुधियाना से पधारे स्वामी अध्यात्मानंद जी, खुड्डा अलीशेर से श्री श्री 108 योगी सूरज नाथ जी तथा चंडीगढ़ से योगी उषा नाथ जी, योगी तिलक राज जी ने अपने आध्यात्मिक प्रवचनों से संगत को धर्म, सेवा और मानवता का संदेश दिया।

मंदिर परिसर में स्थित शनि मंदिर, काली माता मंदिर, बाबा बालक नाथ मंदिर, गोरखनाथ मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव परिवार, नगर खेड़ा, भैरों स्थान, शीतला माता मंदिर तथा अन्य प्राचीन धार्मिक स्थलों में भी श्रद्धालुओं ने माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम के समापन पर मंदिर प्रबंधन समिति ने सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, सेवादारों और संगत का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और आशीर्वाद बनाए रखने की अपील की।
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PSU OMCs Ensure Uninterrupted Fuel Supplies In Haryana Amid Demand Surge

By 121 News
Chandigarh, May 21, 2026:- Public Sector Oil Marketing Companies (OMCs) — IndianOil, BPCL and HPCL — continue operations and logistics coordination across the country to ensure uninterrupted availability of Petrol (MS), Diesel (HSD) and LPG amid a sudden and sharp increase in fuel demand in several regions.

In recent days, OMCs have witnessed significantly higher offtake of petroleum products, driven by seasonal agricultural activity and harvesting operations across multiple states. Additional demand pressure has also emerged due to migration of retail customers to Public Sector Retail Outlets due to lower price compared to other suppliers as well as a visible shift of institutional and commercial consumers to retail fuel outlets.

Public Sector OMCs continue to maintain uninterrupted supplies through their extensive nationwide network of terminals, depots, pipelines, LPG bottling plants and retail outlets. Supply teams, transport networks, terminal operations and select Retail Outlets are functioning 24x7 to ensure seamless product movement and timely replenishment across markets. Public Sector OMCs are maintaining close coordination with state administration for seamless fuel supplies.

The Oil Industry would like to reassure consumers that adequate stocks of Petrol, Diesel and LPG are available across the country and all necessary measures are being taken to maintain smooth and uninterrupted supplies.
Public Sector OMCs are continuously reviewing stock positions and closely coordinating on logistics and distribution planning to efficiently meet the enhanced demand scenario.

Citizens are advised to continue with normal purchasing behaviour and avoid unnecessary panic buying. Consumers are also requested to rely only on official communications issued by authorised agencies and Oil Marketing Companies for accurate information related to fuel availability.

Over 800 Students Visit PGIMER under SARATHI Initiative to Learn Compassion, Awareness & Civic Responsibility

By 121 News
Chandigarh, May 21, 2026:-Encouraged by the overwhelming success of the first student exposure initiative conducted in February 2026, PGIMER Chandigarh, in collaboration with the Government of Himachal Pradesh, successfully organised the second edition of its large-scale educational outreach programme for over 800 school students from various districts of Himachal Pradesh including Hamirpur, Bilaspur, Una, Kangra, Chamba, Kullu, Sirmaur, Shimla, Solan, Lahaul-Spiti, and Manali under Project SARATHI during 12th, 14th, 16th and 18th May 2026.

Commending the initiative, Prof. Vivek Lal, Director, PGIMER, said that the future of a healthier nation depends on how early we educate young minds about empathy, awareness and responsibility. When students are exposed to the realities of public healthcare, they begin to understand the value of discipline, teamwork and preventive health practices. Such experiences shape not only informed citizens but also compassionate human beings who can contribute meaningfully to society.

Speaking about the importance of involving youth through Project SARATHI, Prof. Lal further added that SARATHI is not only about supporting patients within the hospital ecosystem; it is also about nurturing a generation that understands service before self. By connecting students with healthcare realities at an early age, we are planting the seeds of humanity, leadership and civic participation.

The initiative brought 837 students and 71 teachers from various districts of Himachal Pradesh to PGIMER in four structured batches, providing them a unique opportunity to witness the functioning of one of India’s premier public healthcare institutions while learning the values of empathy, discipline, awareness and social responsibility.

The district-wise participation included 221 students and 36 teachers from Hamirpur, Bilaspur and Una on 12 May; 184 students and 9 teachers* from Kangra and Chamba on 14 May; 234 students and 16 teachers from Kullu, Sirmaur, Shimla, Kinnaur and Lahaul-Spiti on 16 May; and *198 students along with 10 teachers from Manali and Solan on 18 May. 

Pankaj Rai, Deputy Director (Administration), PGIMER, who coordinated the initiative in close collaboration with various departments and authorities, highlighted the significance of structured exposure visits for students. He stated that these visits were carefully planned in phased batches to ensure meaningful interaction and smooth hospital functioning. For many students, this was their first exposure to a large public healthcare institution. Such experiences broaden perspectives, build confidence and help children understand their surroundings and responsibilities towards society.

He further added that the collaboration between the Government of Himachal Pradesh and PGIMER reflects a shared commitment towards holistic education where learning goes beyond classrooms. Along with academic growth, it is equally important to cultivate awareness, sensitivity and community values among the youth.

During the visits, students were sensitised about the significance of organ donation, eye donation and blood donation through interactive awareness sessions conducted by PGIMER teams. They also visited selected patient facilitation and public service areas where they observed the coordinated efforts of doctors, nurses, administrators, support staff and volunteers working together to deliver compassionate healthcare to thousands of patients daily.

Many participating students described the experience as transformative and inspiring. For several of them, it was their first visit to a tertiary healthcare institution, offering valuable exposure to patient care systems, teamwork and public service ethics. Teachers accompanying the students appreciated the initiative as an important step towards personality development, confidence building and social awareness among youth.

The initiative once again reaffirmed the shared commitment of PGIMER and the Government of Himachal Pradesh towards holistic education, youth engagement and community awareness—demonstrating that meaningful learning extends beyond textbooks and classrooms into real-life experiences that shape character and nation-building values.
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पारस हेल्थ पंचकुला ने शुरू किया “सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें” एडल्ट वैक्सीनेशन कैंपेन

By 121 News
Panchkula, May 21, 2026:-- पारस हेल्थ पंचकुला ने “सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें” थीम के साथ वयस्क टीकाकरण अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य लोगों को समय पर टीकाकरण के प्रति जागरूक करना और बचाव आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देना है। अभियान की शुरुआत अस्पताल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान की गई। इस पहल का संचालन डॉ. अमित मंडल और डॉ. नवनीत अरोड़ा द्वारा किया जा रहा है।

अस्पताल द्वारा शुरू की गई इस सेवा के तहत वयस्कों, बुजुर्गों तथा यात्रा और तीर्थयात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न टीकों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अस्पताल का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि टीकाकरण केवल बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि वयस्कों के लिए भी बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान अस्पताल के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि समय पर टीकाकरण कई गंभीर संक्रमणों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। उन्होंने बताया कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग आवश्यक टीके नहीं लगवाते, जबकि बढ़ती उम्र, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता और जीवनशैली संबंधी बीमारियों के चलते संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

अभियान के तहत फ्लू, हेपेटाइटिस-बी, टेटनस, टाइफाइड, रेबीज, शिंगल्स, येलो फीवर और जापानी इंसेफेलाइटिस सहित कई महत्वपूर्ण टीकों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा बुजुर्गों और लगातार यात्रा करने वाले लोगों के लिए विशेष परामर्श भी दिया जाएगा।

इस पहल के माध्यम से पारस हेल्थ क्षेत्र में बचाव आधारित स्वास्थ्य सेवाओं और जन जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
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