इस समारोह में शहर के कई प्रमुख नागरिक, विशेषज्ञ, शिक्षाविद, कलाकार, नीति निर्माता, उद्योगपति और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों को साझा किया और भविष्य की अपनी योजनाओं की जानकारी दी।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ सिटीज़न्स फाउंडेशन को उसकी पहली वर्षगांठ पर बधाई दी और वर्ष 2025 में स्थापना के बाद से एक साल में किए गए कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन ने बहुत कम समय में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने, विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए 'प्रोजेक्ट साथी', बुजुर्गों की देखभाल के लिए 'प्रोजेक्ट सेवा', पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के साथ मिलकर आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण, मार्गदर्शन कार्यक्रम और स्वास्थ्य, सुरक्षा, कला, विज्ञान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। इन सभी प्रयासों में 200 से अधिक स्वयंसेवकों का सहयोग रहा है।
उन्होंने कहा कि मैं चंडीगढ़ सिटीज़न्स फाउंडेशन के अध्यक्ष, पूर्व थल सेना प्रमुख जनरल वी.पी. मलिक, सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, स्वयंसेवकों और फाउंडेशन के साथ जुड़े सभी संस्थानों को पहली वर्षगांठ की हार्दिक बधाई देता हूं। केवल एक वर्ष में आपने इस संस्था को समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने वाला एक मजबूत जनमंच बना दिया है। राज्यपाल ने कहा कि वह चंडीगढ़ को इस क्षेत्र का एक चिकित्सा केंद्र (मेडिकल हब) के रूप में विकसित करना चाहते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि चंडीगढ़ अपनी सुव्यवस्थित योजना, प्रसिद्ध वास्तुकार ले कॉर्बुज़िए द्वारा तैयार किए गए डिज़ाइन, हरियाली और उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि सही मायनों में विकास वही है, जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और जिसमें सभी लोगों को समान अवसर, सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने का मौका मिले।
राज्यपाल ने नशामुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और केवल सरकार पर निर्भर रहने के बजाय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
अवसर पर संबोधित करते हुए राज्यपाल ने चंडीगढ़ को देश का नंबर एक शहर बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और इस दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को अनुभवी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाएं प्राप्त हैं, जो शहर के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में चंडीगढ़ अग्रणी बनकर उभरा है। वहीं सरकारी विद्यालयों ने 10+2 स्तर पर उत्कृष्ट परिणाम दर्ज किए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने चंडीगढ़ को क्षेत्रीय मेडिकल हब के रूप में विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि गुणवत्तापूर्ण उपचार के लिए देश-विदेश से मरीज यहां आते हैं।
उन्होंने पर्यटन, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और हरित क्षेत्र के विस्तार में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने सभी विभागों और संबंधित पक्षों से सुझाव देने का आह्वान किया ताकि नागरिकों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि शहर में ईवनिंग ओपीडी सेवा शुरू की गई है तथा सभी 48 डिस्पेंसरियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सुसज्जित किया जाएगा। खेलों के महत्व पर जोर देते हुए राज्यपाल ने नवंबर में एक और मैराथन आयोजित करने की घोषणा की तथा कहा कि इसके अलावा भी विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चंडीगढ़ में खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
सीसीएफ ने बताया कि स्थापना के बाद से यह फाउंडेशन जनहित के मुद्दों पर सार्थक संवाद, आपसी सहयोग और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक मजबूत मंच बनकर उभरी है। फाउंडेशन ने पिछले एक वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों के लोगों और संस्थाओं के साथ मिलकर कई जनहित कार्य किए और समाज की भागीदारी को मजबूत बनाया।
समारोह का मुख्य आकर्षण 28 ऐसे सम्मानित लोगों को सीसीएफ "स्क्रॉल ऑफ ऑनर" से सम्मानित करना रहा, जिन्होंने फाउंडेशन के पहले वर्ष में अपनी स्वैच्छिक सेवाओं से महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा सोनालिका ट्रैक्टर्स के वाइस चेयरमैन और सीसीएफ के पहलेफाउंडिंग कॉरपोरेट मेंबर अमृत सागर मित्तल को भी सम्मानित किया गया। उन्हें समाजहित के कार्यों में कॉरपोरेट क्षेत्र के सहयोग के लिए यह सम्मान दिया गया।
इस अवसर पर सीसीएफ के प्रेसिडेंट और भारतीय सेना के पूर्व जनरल वेद प्रकाश मलिक ने कहा कि हमारा पहला वर्ष लोगों का विश्वास जीतने का रहा है। अब आने वाले वर्षों में हमारा लक्ष्य समाज पर स्थायी और सकारात्मक प्रभाव छोड़ना है। हम अपने दोनों प्रमुख अभियानों 'प्रोजेक्ट साथी' और 'प्रोजेक्ट सेवा' का विस्तार करेंगे। इसके साथ ही ट्राइसिटी के आम नागरिकों को बेसिक लाइफ सपोर्ट और प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) का प्रशिक्षण देने की नई पहल भी शुरू करेंगे, ताकि लोग मेडिकल आपात स्थिति में बेहतर सहायता कर सकें।
उन्होंने बताया कि जल्द ही सीसीएफ मेंटरशिप प्रोग्राम शुरू किया जाएगा, जिसके तहत अनुभवी विशेषज्ञ युवाओं को नि:शुल्क मार्गदर्शन और व्यावहारिक सलाह देंगे। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के 75वें वर्ष को ध्यान में रखते हुए फाउंडेशन युवा संगीतकारों, कवियों, लेखकों, कलाकारों और नृत्य प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ शहर की विभिन्न पीढ़ियों को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से जोड़ने का भी प्रयास करेगी।
जनरल मलिक ने कहा कि हम चाहते हैं कि सीसीएफ को केवल उसके कार्यक्रमों के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदार नागरिकता की संस्कृति विकसित करने के लिए याद किया जाए। हमारा लक्ष्य है कि चंडीगढ़ केवल 'सिटी ब्यूटीफुल' ही नहीं, बल्कि 'जिम्मेदार नागरिकों का शहर' भी बने।
सीसीएफ ने कहा कि भविष्य में भी फाउंडेशन जागरूक संवाद, सामूहिक प्रयास और नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न संस्थाओं, विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम करती रहेगी, ताकि एक समावेशी, प्रगतिशील और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सके।
वर्षगांठ समारोह से पहले पूरे सप्ताह साहित्य, विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े कई ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रसिद्ध गीतकार और कवि इरशाद कामिल तथा प्रसिद्ध गायक-कवि सतिंदर सरताज के साथ 'लफ़्ज़, सुर और सफर' कार्यक्रम, टैगोर थिएटर में वर्ष 2025 के वुल्फ पुरस्कार विजेता फिजिक्स वैज्ञानिक जैनेंद्र के. जैन का माय जर्नी फ्रॉम ए विलेज इन राजस्थान टू द फ्रंटियर्स ऑफ क्वांटम फिजिक्स' विषय पर व्याख्यान तथा सीआरआरआईडी में लेखक, पत्रकार और भारत के पूर्व विदेश राज्य मंत्री एम. जे. अकबर का 'द कमिंग वॉर ऑफ द सिक्स सीस: जियोपॉलिटिक्स, मैरीन स्ट्रेटेजी और इंडियाज रोल अतः सीआरआरआईडी' विषय पर व्याख्यान शामिल रहे।
अपने पहले वर्ष में सीसीएफ ने अपने 12 फोकस ग्रुप्स के माध्यम से कुल 49 प्रभावशाली कार्यक्रम आयोजित किए। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान, जननीति, पर्यावरण, संस्कृति, विरासत, नेतृत्व, युवा विकास, खेल, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक कल्याण जैसे विषय शामिल रहे।
फाउंडेशन ने अपने दो प्रमुख अभियानों 'प्रोजेक्ट साथी' और 'प्रोजेक्ट सेवा' की सफलता का भी उल्लेख किया। 'प्रोजेक्ट साथी' का उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना है, जबकि 'प्रोजेक्ट सेवा' वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए चलाया जा रहा है। संस्था के अनुसार दोनों पहलें क्षेत्र में सकारात्मक और प्रभावी बदलाव ला रही हैं।


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