Tuesday, 3 February 2026

श्री सिद्ध बाबा बालकनाथ सर्व सांझा सेवा मंडल की बैठक आयोजित

By 121 News
Chandigarh, Feb.03, 2026:-श्री सिद्ध बाबा बालकनाथ सर्व सांझा सेवा मंडल पंजीकृत चंडीगढ़ की बैठक सनातन धर्म मंदिर सेक्टर 42 चंडीगढ़ में नव निर्वाचित अध्यक्ष ओम ठाकुर की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुई। नव निर्वाचित महासचिव रमेश सहोड़ बाबा जी को जयकारा लगाकर बैठक की शुरुआत की। सबसे पहले बाबा जी की शोभा यात्रा के बारे में चर्चा हुई तथा विचार विमर्श के बाद 4अप्रैल  शोभा यात्रा की तिथि निश्चित की गई। उसके बाद मंडल की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। नई कार्यकारिणी में तरसेम शर्मा को मंडल का चेयरमैन तथा वासुदेव शर्मा को मंडल का मुख्य सलाहकार बनाया गया। पृथी सिंह प्रजापति को वशिष्ठ उप प्रधानवं नंद लाल को उप प्रधान बनाया गया। विजय राणा वित्त सचिव, रोशन भारद्वाज संगठन सचिव, रोहित मोदगिल  प्रचार सचिव, सुरिंदर शर्मा ऑडिटर, जीवन कुमार को स्टोर इंचार्ज बनाया गया। इसके अलावा सम्मानित सदस्यों में शिवेंद्र मन्धोत्रा, विक्रमजीत मस्ताना, विकाश शर्मा, नफे सिंह, राजिंदर कुमार, विनोद राणा,  शवी कौशल, भागीरथ शर्मा, सुरिंदर शर्मा, विनोद ठाकुर, कृपाल सिंह ठाकुर, गुरबचन सिंह, दिनेश तिवारी, सतपाल कौंडल एवम् भवनीश मलहोत्रा को बनाया गया। इसके अलावा 21 पुराने सदस्यों को वशिष्ठ सदस्यों की सूची में रखा गया। यह जानकारी मंडल के महासचिव रमेश सहोड़ द्वारा दी गई।

शिशु निकेतन पब्लिक स्कूल एवं क्षेत्रीय पार्षद के सहयोग से गांव इटावा में 7 दिवसीय एन.एस.एस. शिविर के तहत स्वच्छता अभियान आयोजित

By 121 News
Chandigarh, Feb.03, 2026:-शिशु निकेतन पब्लिक स्कूल, सेक्टर-43A, चंडीगढ़ द्वारा दिनांक 2 फरवरी से 8 फरवरी तक 7 दिवसीय एन.एस.एस. (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर के अंतर्गत छात्र-छात्राएं विभिन्न सामाजिक, स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

शिविर के तीसरे दिन, 3 फरवरी को एन.एस.एस. के स्वयंसेवकों ने स्कूल द्वारा गोद लिए गए गांव इटावा का दौरा किया। इस अवसर पर "स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण" विषय पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान गांव इटावा की आंगनवाड़ी एवं डिस्पेंसरी परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 50 एन.एस.एस. स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर क्षेत्र के पार्षद जसबीर सिंह बंटी प्रातः 10:30 बजे कार्यक्रम में उपस्थित हुए तथा विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना की। उन्होंने युवाओं से स्वच्छता को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं साफ-सुथरे वातावरण के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा। विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका ने यह सिद्ध किया कि युवा पीढ़ी समाज के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

कार्यक्रम के अंत में स्थानीय ग्रामीणों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस पहल की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण एवं सड़क अभियांत्रिकी प्रथाओं पर राज्य-स्तरीय कार्यशाला का किया आयोजन

By 121 News
Chandigarh, Feb.03, 2026:-भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ द्वारा लीड एजेंसी तथा लोक निर्माण विभाग, पंजाब सरकार के सहयोग से आज चंडीगढ़ में सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण एवं सड़क अभियांत्रिकी प्रथाओं पर एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में क्षेत्र में सड़क सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने हेतु कार्यरत वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, अभियंताओं, योजनाकारों तथा अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

इस कार्यशाला का उद्देश्य सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण को अपनाकर सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करना था। यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अवधारणा है, जिसमें सड़क डिज़ाइन एवं प्रबंधन के केंद्र में मानवीय कमजोरी एवं संभावित त्रुटियों को रखा जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अपरिहार्य मानवीय गलतियों से मृत्यु या गंभीर चोट न लगे।

यह दृष्टिकोण दुर्घटनाओं के लिए केवल सड़क उपयोगकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय, सुरक्षित अवसंरचना, साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेपों तथा बहु-विषयक समन्वय के माध्यम से एक क्षमाशील एवं लचीले सड़क परिवेश के निर्माण पर बल देता है।

इस अवसर पर पंजाब के लोक निर्माण विभाग मंत्री, हरभजन सिंह ईटीओ  ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने राजमार्ग सुरक्षा एवं अभियांत्रिकी उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र और राज्य के प्रयासों के तालमेल पर ज़ोर दिया।

कार्यशाला का शुभारंभ एनएचएआई, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के क्षेत्रीय अधिकारी राकेश कुमार के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान हेतु एक समग्र, अभियांत्रिकी-आधारित रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राजमार्गों के डिज़ाइन में उभरती प्रवृत्तियों के अनुरूप मानव सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, वैज्ञानिक योजना तथा दुर्घटनाओं एवं मृत्यु दर में कमी लाने के लिए विभिन्न संबंधित एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

कार्यशाला को भारतीय प्रशासनिक सेवा की राज्य परिवहन आयुक्त एवं महानिदेशक, सड़क सुरक्षा (लीड एजेंसी), पंजाब प्रणीत शेरगिल; भारतीय प्रशासनिक सेवा की विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग, पंजाब सरकार हरगुनजीत कौर; तथा भारतीय पुलिस सेवा के विशेष पुलिस महानिदेशक (यातायात), पंजाब ए. एस. राय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी संबोधित किया। अपने संबोधनों में वक्ताओं ने मजबूत संस्थागत समन्वय, आंकड़ा-आधारित निर्णय-प्रणाली तथा अभियांत्रिकी, प्रवर्तन एवं नीतिगत उपायों के एकीकृत क्रियान्वयन के माध्यम से सुरक्षित प्रणाली दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं एवं गंभीर चोटों में निरंतर कमी लाने हेतु सड़क अभियांत्रिकी पद्धतियों, यातायात प्रबंधन तथा प्रवर्तन तंत्र को सुदृढ़ करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में प्रतिष्ठित विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुतियाँ एवं विचार-विमर्श किए गए। एनएचएआई मुख्यालय के सलाहकार (सड़क सुरक्षा) श्री सुदर्शन के. पोपली ने राजमार्गों के सुरक्षित अभियांत्रिकी डिज़ाइन से संबंधित तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी तथा यह स्पष्ट किया कि सुरक्षित सड़क अवसंरचना एवं अग्रसक्रिय सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटनाओं की गंभीरता में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

भारतीय सड़क कांग्रेस के सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एवं सदस्य स्वतंत्र कुमार ने नवाचारी परावर्तक समाधानों के माध्यम से सड़क सुरक्षा पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने प्रभावी संकेतकों, उच्च दृश्यता वाली सड़क चिह्नांकन व्यवस्था तथा यातायात सुरक्षा उपकरणों (रोड फर्नीचर) की भूमिका पर प्रकाश डाला, जो वाहन चालकों की जागरूकता एवं मार्गदर्शन को बेहतर बनाते हैं।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली की प्रोफेसर गीताम तिवारी ने "रोड टू ट्रैफिक सेफ्टी 2030" विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने सड़क सुरक्षा में स्थायी सुधार हेतु दीर्घकालिक रणनीतियों एवं नीतिगत हस्तक्षेपों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए योजना, प्रवर्तन एवं अवसंरचना समाधानों के सुव्यवस्थित एकीकरण की आवश्यकता पर बल दिया।

सेव लाइफ फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रबंधक राहुल प्रकाश सिंह ने सुरक्षित राजमार्गों हेतु शून्य मृत्यु गलियारा संबंधी अभियांत्रिकी हस्तक्षेपों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने व्यावहारिक अध्ययन-उदाहरणों एवं प्रमाणित सुरक्षा उपायों को साझा किया। शून्य मृत्यु गलियारा की अवधारणा का उद्देश्य अभियांत्रिकी, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल एवं सामुदायिक सहभागिता के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु को न्यूनतम करना है। यह एक साक्ष्य-आधारित मॉडल है, जिसने उच्च जोखिम वाले मार्गों पर मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी दर्शाई है।

कार्यशाला में एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न राज्य सरकार विभागों के प्रतिनिधि, यातायात एवं राजमार्ग अभियंता, योजना विशेषज्ञ तथा सड़क अवसंरचना एवं सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया।

यह कार्यशाला ज्ञान-साझाकरण, तकनीकी विमर्श तथा अंतर-एजेंसी सहयोग को सुदृढ़ करने हेतु एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरी, जिसने राष्ट्रीय एवं वैश्विक सड़क सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप वैज्ञानिक, टिकाऊ तथा जन-केंद्रित सड़क अभियांत्रिकी प्रथाओं के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।

इस प्रकार की पहलों के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देश के सड़क नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, अधिक लचीला एवं आधुनिक गतिशीलता की जटिल आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के अपने प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

फसल अवशेष से सर्कुलर और कम-कार्बन पैकेजिंग पर पंजाब-हरियाणा की पहली क्षेत्रीय बैठक

By 121 News

Chandigarh, Feb.03,2026: पंजाब और हरियाणा में कृषि-रेशा (एग्री-फाइबरआधारित पल्प एवं पेपर पैकेजिंग के लिए पुनः उपयोग आधारित (सर्कुलरऔर कम-कार्बन आपूर्ति श्रृंखला के निर्माण पर केंद्रित अपनी तरह का पहली क्षेत्रीय बैठक हयात रीजेंसीचंडीगढ़ में आयोजित की गई। यह गोलमेज बैठक असर (समाधान-आधारित जलवायु सहनशीलता पर काम करने वाली सामाजिक प्रभाव परामर्श संस्था)—और पर्यावरणीय गैर-लाभकारी संगठन कैनोपी  के संयुक्त तत्वावधान में हुई। इसमें पंजाब व हरियाणा सरकारों के अधिकारीपल्प व पेपर उद्योग के प्रतिनिधिकिसान संगठनों के सदस्यविभिन्न ब्रांड्स तथा स्थिरता विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य इस पर साझा समझ विकसित करना था कि फसल अवशेषों को कम प्रभाव और कम-कार्बन पैकेजिंग सामग्री में कैसे बदला जा सकता है।

यह प्रारंभिक बैठक धान की परालीगेहूं के भूसे और अन्य फसल अवशेषों को उद्योगों में उपयोगी कच्चे माल के रूप में अपनाने की संभावनाओं पर विचार की शुरुआत था। चर्चा के दौरान मौजूदा तरीकों को समझनेव्यवस्था में मौजूद कमियों की पहचान करने और खेत से लेकर फैक्ट्री और बाजार तक पूरे कामकाज के अनुभवों से सीखने पर ध्यान दिया गया।

पंजाब सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्रीगुरमीत सिंह  खुड्डियां  ने कहा कि पंजाब सरकार लगातार फसल अवशेष के टिकाऊ प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इस तरह की चर्चाएँ और संयुक्त प्लेटफार्म नीति निर्माताओंउद्योग और किसानों को यह समझने में मदद करते हैं कि फसल अवशेष को कैसे बेहतर और अधिक टिकाऊ तरीके से मूल्य संवर्धित उद्योगों में उपयोग किया जा सकता हैसाथ ही पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करते हुए किसानों की आय को भी समर्थन दिया जा सकता है।

हरियाणा सरकार के कृषि और किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा का औद्योगिक आधार परिपत्र (सर्कुलरउत्पादन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। यह संवाद हमें यह समझने में मदद करता है कि कृषि अवशेष को कम-कार्बन पैकेजिंग सप्लाई चेन में इस तरह शामिल किया जा सकता है कि यह उद्योग और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी हो।

बैठक में दोनों राज्यों की पूरक ताकतों पर जोर दिया गया। आज हरियाणा और पंजाब दोनों कृषि क्षेत्र में प्रगति कर रहे हैंऔर दोनों राज्यों को जो चुनौतियां सामना करनी पड़ती हैंवे भी काफी हद तक समान हैं। हरियाणा और पंजाब की सरकारेंकिसानों के साथ मिलकरफसल अवशेष प्रबंधन के माध्यम से पराली जलाने की समस्या का समाधान ढूंढ सकती हैं।

विनुता गोपालसीईओअसर ने कहा कि फसल अवशेष को कचरे के रूप में नहीं बल्कि एक मूल्यवान संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए। यह पहला संवाद इस बात को समझने के लिए है कि पंजाब और हरियाणा इस क्षमता का उपयोग कैसे कर सकते हैंजिससे किसानों को लाभ मिलेजंगलों पर दबाव कम हो और भारत के लो-कार्बन सामग्री की ओर संक्रमण को समर्थन मिले।

श्रुति सिंहकंट्री डायरेक्टरकैनोपीने कहा कि कागज़पैकेजिंग और वस्त्र उद्योग के लिए जंगल आधारित सप्लाई चेन अब वास्तविक जलवायु जोखिम के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। फसल अवशेष भारत के लिए एक व्यावहारिक और कम-कार्बन विकल्प प्रदान करते हैंजो उद्योग के लिए कारगर है। इस संवाद में सरकारमिलकिसाननवप्रवर्तक और ब्रांड को एक ही मंच पर लाकर यह समझने की कोशिश की जा रही है कि पंजाब और हरियाणा में कृषि-अवशेष आधारित परिपत्र सप्लाई चेन को बड़े पैमाने पर कैसे लागू किया जा सकता है। यह क्षेत्र भारत को 'नेक्स्ट जेनमटेरियल्स की ओर बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

Škoda Kylaq Marks One Year Landmark by Celebrating 50,000 Sales Milestone

By 121 News
Chandigarh, Feb. 03, 2026:- Škoda Auto India, after registering its most successful year of sales in 2025 and introducing the new Kushaq, continues to keep its foot on the pedal with its growing product portfolio. The brand has furthered its strategy to democratise European technology on Indian roads by expanding the variant mix of its best-selling car, the Kylaq, and offering customers more variants, more choice and more value.
 
The Kylaq has emerged as a strong pillar of Škoda Auto's growth story in India. With over 50,000 units sold since its launch, the Kylaq has been a major contributor to Škoda Auto India's best-ever sales performance, in the brand's 25th year in the country. The Kylaq's combination of safety, driving dynamics, technology, and value has resonated strongly with customers, establishing it as a key contender in the sub-4m SUV segment.
 
Commenting on the Kylaq's first anniversary, Ashish Gupta, Brand Director, Škoda Auto India, said that the Kylaq is a strong testament to our long-term commitment to India and saw us enter the market's most competitive segment. Crossing the 50,000 sales milestone is truly humbling and reflects the growing trust in the Škoda brand. To build on this momentum, we are expanding the Kylaq line-up with customer-led enhancements, while also making the Kylaq the most accessible vehicle with a real automatic transmission in its segment. These upgrades also democratise features that matter most to today's customers, across variants. With a wider and more structured range, and more exciting additions planned later this year, the Kylaq continues to reflect our commitment to offering European technology, strong value and great driving cars for Indian roads.

Honda Motorcycle & Scooter India Records Strong Growth of 5.74 lakh unit sales in January 2026


 

 

  

 

Gurugram, Feb.03, 2026:-Honda Motorcycle & Scooter India (HMSI) reported total sales of 5,74,411 units in January 2026. This includes 5,19,579 units in domestic sales and 54,832 units in exports.

 

HMSI registered a 29% year-on-year (YOY) growth compared to January 2025. This performance reflects strong demand across domestic and international markets for HMSI's product portfolio.

             

For the Year-to-Date (YTD) period of FY26 (April 2025–January 2026), HMSI recorded total sales of   52,53,205 units, comprising 47,23,979 units sold domestically and 5,29,226 units exported.

 

HMSI's Key Highlights of January 2026:

Road safety: Aligned with its vision of "Safety for Everyone," HMSI organised nationwide road safety campaigns across various locations including Ahmednagar, Alibag, Ballabgarh, Bhubaneswar, Dausa, Guwahati, Gwalior, Hosapete, Kakinada, Kasaragod, Kurukshetra, Raipur and Surat. These campaigns encouraged responsible riding and community awareness to create safer roads for all.

 

HMSI also held a Road Safety Convention in Malappuram, Kerala engaging principals and teachers with the aim of nurturing safe road habits among children from an early age. Additionally, HMSI carried out a series of awareness campaign nationwide and launched Jaipur Ideal Road Safety Project to mark National Road Safety Month.

 

Network expansion: Honda Motorcycle & Scooter India also expanded its presence with new authorized dealerships in Erode, Bilaspur, Moradabad and Udhampur. The dealerships are supported by a specially trained sales and service team, ensuring personalized guidance and support, reflecting its commitment to customer-centric mobility solutions. As HMSI moves forward, its focus remains clear towards delivering mobility that empowers customers, prioritizes safety, and contributes to a sustainable future.

 

Building a Safer Tomorrow:

At HMSI, mobility is more than a means of transport, it is a way to empower people, connect communities, and enrich lives. Every product we create is a step towards making mobility safer, cleaner, and more accessible, so that millions of Indians can chase their dreams with confidence. This is in line with our "Safety for Everyone" vision which embraces not only riders, but also pedestrians, communities, and the larger road ecosystem. With advanced technologies such as ABS, CBS, and rider-assist features, we are committed to making every ride a safer ride.

 

With people at the heart of everything we do, Honda stands not just as a brand but as a partner in India's growth story. Our commitment to the future is reflected in our efforts toward a safer and greener tomorrow.

 

Gian Jyoti Global School Honoured with National Green School Award

By 121 News

Mohali, Feb.03,2026:-Gian Jyoti Global School, Phase II, Mohali, has achieved a prestigious milestone by being awarded the National Green School Award for its outstanding contribution towards environmental protection and sustainable development. The award was presented during a national-level ceremony organized by the Government of India at Stein Auditorium, India Habitat Centre, New Delhi. The award was received by Principal Gian Jyot, representing the institution.

Notably, Gian Jyoti Global School is the only private school from Mohali district to receive this honour. A total of 23 schools from the district were awarded, all of which were government schools except Gian Jyoti Global School. This achievement highlights the school's strong commitment to environmental responsibility and sustainable practices.

The award is based on a rigorous Green School Audit conducted under the guidelines of the Ministry of Environment, Forest and Climate Change, Government of India. The school demonstrated excellence through several impactful initiatives, including the development of a Zero-Waste Campus, successfully recycling and composting over 90 percent of its waste. By adopting solar energy, the school has reduced its conventional electricity consumption by nearly 30 percent.
To conserve water, an advanced Rainwater Harvesting System has been installed on the campus. Additionally, the school has been declared completely Single-Use Plastic Free.

This recognition is conferred under the Environment Education Programme of the Ministry of Environment, Forest and Climate Change and is jointly implemented by the Punjab State Council for Science and Technology, Chandigarh, and the Centre for Science and Environment, New Delhi.

Expressing pride over the achievement, J.S. Bedi, Chairman, Gian Jyoti Group, stated that students at Gian Jyoti Global School are introduced to environmental protection, recycling, water and energy conservation, and eco-friendly practices from an early age. He added that this collective effort by the school management, teachers, students, and parents has positioned the school as a model institution in environmental education and a step towards nurturing responsible future citizens.

Advances in Brain and Spine Surgery, Early Diagnosis and Safer Treatment Options

By 121 News
Ludhiana, Feb. 03, 2026:- Leading Neurosurgeons and spine specialists Dr. Ashwani Kumar Chaudhary & Dr. Shivender Sobti came together today to discuss the growing burden of brain and spine disorders and how rapid advancements in surgical techniques are transforming patient outcomes. The expert-led interaction focused on early symptom recognition, evolving treatment options, and the shift from traditional open surgeries to minimally invasive and technology-enabled procedures.

Opening the medical session, experts highlighted the importance of recognizing early warning signs of brain and spine conditions such as persistent back pain, weakness, numbness, imbalance, chronic headaches, and changes in speech or vision. Early consultation and timely diagnosis, they emphasized, can significantly improve treatment success and quality of life.
The panel discussed a wide range of treatment options available today, including conservative management, minimally invasive spine surgery, and advanced brain surgery techniques.

Specialists explained that treatment decisions are highly individualized and depend on the patient's condition, overall health, and disease severity.
Speaking on the evolution of spine surgery, the experts noted a clear shift from traditional open procedures to minimally invasive approaches that reduce tissue damage, blood loss, hospital stay, and recovery time.

The integration of advanced imaging and navigation technologies has further enhanced surgical precision and safety.
Addressing advancements in brain surgery, the speakers highlighted how navigation-guided and endoscopic techniques allow surgeons to operate with greater accuracy while minimizing risk to critical brain structures.

These innovations have contributed to improved outcomes, faster recovery, and better overall patient experience.
The session concluded with an interactive media discussion, where experts reiterated the importance of patient education, safety, and informed decision-making. While advanced technologies have expanded treatment possibilities, the doctors stressed that not every patient requires surgery and that expert evaluation remains essential.
This initiative aims to raise public awareness about brain and spine health and empower patients to seek timely medical advice.

Rajinder Gupta Raises Concern in Rajya Sabha on Crisis in Public Education, Seeks National School Fee Council

By 121 News
Chandigarh, Feb.03, 2026:-Raising serious concerns over the state of India's public education system, Rajya Sabha MP and Padma Shri awardee Rajinder Gupta used the Zero Hour to call for urgent, mission-mode reforms to restore trust, dignity and equity in government schools across the country.

With the permission of the Chairman, Gupta began his intervention by invoking Dr B.R. Ambedkar's warning that political democracy cannot endure without social democracy, which in turn rests on common and equal education. Referring to the Economic Survey 2025–26 tabled recently, he noted that while India operates one of the world's largest schooling systems with nearly 1.5 million schools catering to about 25 crore students with the support of over one crore teachers and the outcomes remain deeply uneven.

The Survey, he pointed out, reveals that 54 per cent of schools offer only foundational and preparatory education, while just 17 per cent provide secondary education in rural India, highlighting a sharp drop in access and learning opportunities beyond the elementary level. Gupta also made a candid observation that even policymakers and officials often choose not to send their own children to government schools, calling it a "painful reflection of the erosion of trust in our public institutions."

Drawing attention to the growing financial burden on families, the Rajya Sabha MP said private school fees are rising at an annual rate of 10–15 per cent, forcing many households into debt, while the coaching industry has expanded into an estimated ₹58,000 crore market. This, he argued, underscores the deepening inequality in access to quality education.

While welcoming Finance Minister Nirmala Sitharaman's decision to increase the education budget by 8.2 per cent to a record ₹1.39 lakh crore in 2026–27, Gupta noted that overall public expenditure on education continues to remain below the 6 per cent of GDP target recommended under the National Education Policy (NEP) 2020.

He urged the government to strengthen public education in a focused, mission-driven manner, restore excellence and credibility to government schools, and ensure that every child, irrespective of background, begins life on an equal educational footing.

In a key proposal, Gupta called for the creation of a National School Fee Council, on the lines of the GST Council, to serve as a supreme federal body where the Centre and states could jointly evolve equitable and transparent school fee norms, while accommodating regional variations.

He said that the future of our democracy depends on the foundation we lay in our classrooms today,

Monday, 2 February 2026

सनावर सक्सेस समिट 2026: एलुमनाई मेंटरशिप 7 फरवरी को

By 121 News
Chandigarh, Feb.02, 2026-- द लॉरेंस स्कूल, सनावर, जो दुनिया के सबसे पुराने को-एजुकेशनल बोर्डिंग स्कूलों में से एक है, उसकी एलुमनाई एसोसिएशन, द ओल्ड सनावरियन सोसाइटी (OSS), शनिवार, 07 फरवरी, 2026 को नई दिल्ली में डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में पहले सनावर सक्सेस समिट का आयोजन कर रही है।

यह समिट युवा ग्रेजुएट्स के लिए एक बहुत ही सही समय पर आया है। जॉब मार्केट में कॉम्पिटिशन बढ़ने, एंट्री-लेवल रोल कम होने और बढ़ती महंगाई के कारण शुरुआती करियर वाले प्रोफेशनल्स पर दबाव पड़ने के साथ, OSS अपने जाने-माने एलुमनाई और युवा सनावरियन समुदाय के बीच पुल को मज़बूत करने के लिए आगे बढ़ रहा है। समिट का मुख्य लक्ष्य सफल ओल्ड सनावरियन को एक साथ लाना है जो अपने करियर के रास्ते, अनुभवों और इंडस्ट्री की जानकारी शेयर करेंगे, और आज के अनिश्चित प्रोफेशनल माहौल में स्टूडेंट्स और हाल ही में ग्रेजुएट हुए लोगों को बहुत ज़रूरी मेंटरशिप और दिशा देंगे।

जयदीप चंदेल, VP OSS ने कहा कि हम एक बार फिर सनावर सक्सेस समिट की मेज़बानी करके उत्साहित हैं, एक ऐसी जगह बना रहे हैं जहाँ प्रेरणा और काम एक साथ मिलते हैं। उन्होंने कहा कि यह समिट सिर्फ़ एक इवेंट से कहीं ज़्यादा है।  यह कल के लीडर्स को तैयार करने और हमारी साझा विरासत का सम्मान करने की एक प्रतिबद्धता है।

जयदीप चंदेल ने आगे कहा कि इन चुनौतियों को पहचानते हुए, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि मदद उन लोगों तक पहुँचे, जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है। OSS ने 2015 से 2025 बैच के सनावरियन के लिए समिट में शामिल होना मुफ़्त कर दिया है, जबकि अन्य एलुमनाई के लिए मामूली एंट्री फ़ीस लागू होगी। यह सोच-समझकर उठाया गया कदम सोसाइटी की पहुँच के प्रति प्रतिबद्धता और इस विश्वास को दर्शाता है कि एक अस्थिर आर्थिक दौर में युवाओं के लिए मार्गदर्शन, नेटवर्किंग और अनुभव कभी भी पहुँच से बाहर नहीं होना चाहिए।

सनावर सक्सेस समिट सिर्फ़ एक कॉन्फ्रेंस से कहीं ज़्यादा है; यह एक ऐसा मंच है जो द लॉरेंस स्कूल, सनावर के शाश्वत मूल्यों - अनुशासन, ईमानदारी, लचीलापन और "कभी हार मत मानो" की भावना, जो स्कूल का आदर्श वाक्य है, का जश्न मनाता है। इसमें शामिल होने वाले लोग विचार-मंथन करने वाली पैनल चर्चाओं, मुख्य भाषणों और नेटवर्किंग सेशन में हिस्सा लेंगे, जिनका मकसद सनावर समुदाय के भीतर सहयोग और विकास को बढ़ावा देना है।

पैनलिस्ट प्रोफेशनल असफलताओं से उबरने, भविष्य के लिए ज़रूरी स्किल्स बनाने और बदलती अर्थव्यवस्था में अवसरों की पहचान करने के बारे में उपयोगी सलाह देंगे।  सेशन के विषयों में 'अपना रास्ता खुद बनाना', 'अपना भविष्य डिज़ाइन करना', 'लंबा खेल: हर दिन बेहतरीन काम करना' और 'मज़बूत नींव: जीवन को आकार देने वाले मूल्य' शामिल हैं, जो दुनिया भर में सनावरियंस के अलग-अलग योगदान और विशेषज्ञता को दिखाते हैं।

OSS के प्रेसिडेंट ब्रिगेडियर आदर्श बुटेल (रिटायर्ड) ने कहा कि सनावर सक्सेस समिट द लॉरेंस स्कूल, सनावर द्वारा दी जाने वाली बदलाव लाने वाली शिक्षा का एक मज़बूत सबूत है। ऐसे समय में जब युवा ग्रेजुएट्स को करियर में पहले कभी न देखी गई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, हमारा एलुमनाई समुदाय न सिर्फ़ सफलता का जश्न मनाने के लिए, बल्कि अगली पीढ़ी को सपोर्ट करने, मेंटर करने और आगे बढ़ाने के लिए एक साथ आ रहा है।

LIC में 28 वर्षों की उल्लेखनीय सेवा के लिए रितेश भाटिया सम्मानित

By 121 News
Chandigarh, Feb.02, 2026:-गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में उत्कृष्ट कार्य और 28 वर्षों से निरंतर समर्पित सेवा के लिए रितेश भाटिया को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें LIC के सीनियर ब्रांच मैनेजर नरेंद्र सिंह द्वारा प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके लंबे अनुभव, कर्मठता और पॉलिसीधारकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद रितेश भाटिया ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उनके पॉलिसीधारकों के अटूट विश्वास, सहयोग और निरंतर समर्थन का परिणाम है। उन्होंने यह सम्मान अपने सभी ग्राहकों को समर्पित करते हुए कहा कि ग्राहकों का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है।

रितेश भाटिया ने अपने सभी आदरणीय पॉलिसीधारकों, सहयोगियों एवं शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे भविष्य में भी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्ठा के साथ लोगों को बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराने और समाज को सुरक्षित भविष्य देने के अपने दायित्व को निभाते रहेंगे।

सक्षम 2026 का उद्घाटन समारोह आयोजित: सक्षम के तहत पंद्रह दिनों तक चलने वाला ईंधन संरक्षण अभियान आयोजित किया जाएगा

By 121 News
Chandigarh, Feb.02, 2026: सक्षम 2026 का उद्घाटन कार्यक्रम रानी लक्ष्मी बाई भवन, में दिप्रवा लाकरा, वित्त सचिव एवं परिवहन सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित किया गया। सक्षम 2026 के तहत, ऑयल इंडस्ट्री 1 फरवरी'26 से 15 फरवरी'26 तक पंद्रह दिनों के लिए अलग अलग गतिविधियां आयोजित करेगा, जिसका उद्देश्य पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण के महत्व के बारे में बड़े पैमाने पर जागरूकता बढ़ाना है। यह जागरूकता पूरे पंजाब और चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) में बढ़ाई जाएगी। गौरतलब है कि उद्घाटन समारोह का आयोजन चंडीगढ़ (केंद्र शासित प्रदेश) और पंजाब के तेल उद्योगों के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर्स (एसएलसी) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।

इस कार्यक्रम का पूरा कोऑर्डिनेशन आशुतोष गुप्ता, राज्य स्तरीय समन्वयक, ऑयल इंडस्ट्री, पंजाब और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और स्टेट हेड, पंजाब स्टेट ऑफिस, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल); सुशांत गोयल, राज्य स्तरीय समन्वयक, ऑयल इंडस्ट्री, चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश और चीफ रीजनल मैनेजर, चंडीगढ़ रिटेल, आरओ हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल); आकाश भवन, जनरल मैनेजर और जोनल हेड, चंडीगढ़ जोनल ऑफिस, गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) और रामलाल, डीजीएम (रिटेलिंग पहल), पंजाब, जम्मू और कश्मीर, और चंडीगढ़, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) द्वारा किया गया। ऑयल इंडस्ट्री ने तेल और गैस संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री, कृषि और घरेलू जैसे प्रमुख क्षेत्रों में पंद्रह दिनों के दौरान विभिन्न पहलों की बारे में विस्तार से प्रस्तुत दी।

कार्यक्रम के दौरान पंजाब के माननीय राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक का ईंधन और ऊर्जा के संरक्षण के महत्व पर जनता के लिए संदेश पढ़ा गया। माननीय राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सक्षम 2026 पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के संरक्षण के बारे में जन जागरूकता पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो मूल्यवान राष्ट्रीय संसाधन हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऊर्जा का ज़िम्मेदार और समझदारी से इस्तेमाल न सिर्फ़ आर्थिक विकास के लिए, बल्कि पर्यावरण की स्थिरता के लिए भी ज़रूरी है और नागरिकों से सक्षम 2026 में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया ताकि ईंधन संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और एक स्वच्छ, जलवायु के लिए बेहतर भविष्य को बढ़ावा दिया जा सके।

अपने संबोधन में, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिप्रवा लाकरा, वित्त सचिव एवं परिवहन सचिव, चंडीगढ़ प्रशासन ने पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने छात्रों और नागरिकों से ईंधन बचाने के तरीकों को अपनाने का आग्रह किया ताकि देश की आयात पर निर्भरता कम हो और मूल्यवान विदेशी मुद्रा को बचाया जा सके।

 आशुतोष गुप्ता, राज्य स्तरीय समन्वयक, ऑयल इंडस्ट्री, पंजाब और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और स्टेट हेड, पंजाब स्टेट ऑफिस, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने भी स्कूली बच्चों, मीडिया कर्मियों और चंडीगढ़ और पंजाब के नागरिकों को संरक्षण प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उद्घाटन समारोह में तेल और पेट्रोलियम बचाने की शपथ भी ली गई।

इसके साथ ही ईंधन संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक 'नुक्कड़ नाटक' भी प्रस्तुत किया गया। उद्घाटन समारोह में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के लिए तेल और गैस बचाने को बढ़ावा देने वाले नारों से सजी एक मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाई गई। 

 एम के सिन्हा, जीएम (ल्यूब्स), आईओसीएल ने सभी का धन्यवाद किया और तेल एवं गैस संरक्षण के संदेश और सक्षम के महत्व को दोहराया।

इस कार्यक्रम में छात्रों और प्रमुख नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया, जो ऊर्जा संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सक्षम 2026 पेट्रोलियम संसाधनों के संरक्षण के महत्व के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। सामूहिक प्रयासों से, देश की आयात पर निर्भरता कम की जा सकती है, भारत विदेशी मुद्रा बचा सकता है और तेल भंडारों की लंबी उम्र भी सुनिश्चित कर सकता है।