Friday, 17 July 2026

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RUNHUI INDUSTRIAL

दिल दीवाना हो गया’ 31 जुलाई को होगी रिलीज:  निर्माता इश्पॉल सिंह चावला ने तीन नए कलाकारों पर जताया भरोसा

By 121 News
Chandigarh, July 17, 2026:-रोमांस, भावनाओं और पारिवारिक रिश्तों पर आधारित हिंदी फिल्म ‘दिल दीवाना हो गया’ 31 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। ग्रांडवे प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता इश्पॉल सिंह चावला हैं, जिन्होंने अपनी पहली हिंदी फ़िल्म में तीन नए कलाकारों को मौका देकर अलग सोच का परिचय दिया है। फिल्म को एक साफ-सुथरी रोमांटिक फैमिली ड्रामा के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसे हर उम्र का दर्शक अपने परिवार के साथ देख सकता है।

निर्माता इश्पॉल सिंह चावला का कहना है कि वे फिल्मों को हमेशा एक आम दर्शक की नजर से देखते हैं और ‘दिल दीवाना हो गया’ का निर्माण भी उसी सोच के साथ किया है। उनका मानना है कि किसी भी फिल्म की असली ताकत बड़े सितारे नहीं, बल्कि उसकी मजबूत कहानी, मधुर संगीत और अच्छे कलाकार होते हैं। यही वजह रही कि उन्होंने उन्हीं कलाकारों का चयन किया जो अपने-अपने किरदारों के लिए सबसे उपयुक्त थे। उन्होंने नए निर्देशक राजीव शामलाल सोनी पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि उन्होंने फिल्म के निर्देशन में 100 प्रतिशत मेहनत की है। चावला के अनुसार, संगीतकार विष्णु नारायण ने फिल्म को शानदार संगीत दिया है। फिल्म में कुल पांच गीत हैं, जो बेहद मधुर बने हैं और उन्हें विश्वास है कि ये गीत दर्शकों की जुबान पर चढ़ जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म के सभी सहायक कलाकारों ने अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है और पूरी टीम ने पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ काम किया है।
  
हाल ही में मुंबई में फिल्म का प्रोमो और म्यूजिक लॉन्च आयोजित किया गया, जहां मीडिया और आमंत्रित मेहमानों को फिल्म की पहली झलक दिखाई गई। कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए प्रोमो और गीतों को पहली ही झलक में मीडिया और दर्शकों ने खूब सराहा, जिससे फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई।

फिल्म का निर्देशन राजीव शामलाल सोनी ने किया है। यह उनकी पहली फीचर फिल्म है, हालांकि इससे पहले वे कई प्रमुख मनोरंजन चैनलों के लिए सफल टीवी धारावाहिकों का निर्देशन कर चुके हैं। फिल्म की शूटिंग मुंबई और मनाली की खूबसूरत लोकेशनों पर की गई है।

फिल्म की एक और खास बात यह है कि इसके जरिए तीन नए कलाकार बॉलीवुड में अपनी शुरुआत कर रहे हैं। लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री काजल चौहान इस फिल्म से बड़े पर्दे पर डेब्यू कर रही हैं, जबकि भानूज सूद और शुभकरण भोपाल भी अपनी पहली हिंदी फीचर फिल्म के साथ दर्शकों के सामने आएंगे।

काजल चौहान ने कहा कि टेलीविजन में वर्षों तक काम करने के बाद बड़े पर्दे पर कदम रखना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने निर्माता इश्पॉल सिंह चावला का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने एक नई अभिनेत्री पर विश्वास जताकर उन्हें यह अवसर दिया। काजल ने यह भी कहा कि फिल्म के सभी कलाकारों ने 100 प्रतिशत समर्पण के साथ काम किया है, जिसका असर पर्दे पर साफ दिखाई देगा।

भानूज सूद, जिन्होंने इससे पहले कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में काम किया है, ने कहा कि ‘दिल दीवाना हो गया’ उनकी पहली फीचर फिल्म है। उन्होंने निर्माता का धन्यवाद करते हुए कहा कि नए कलाकारों को इतना बड़ा अवसर मिलना उनके लिए बेहद खास है और पूरी टीम ने पूरी ईमानदारी से फिल्म के लिए मेहनत की है।

मनाली निवासी शुभकरण भोपाल ने बताया कि जब निर्देशक राजीव शामलाल सोनी ने उन्हें कहानी सुनाई और बताया कि फिल्म की शूटिंग मनाली और मुंबई में होगी, तो उन्होंने बिना देर किए फिल्म के लिए हामी भर दी। उन्होंने कहा कि अपने शहर में शूटिंग होने से उनका परिवार भी उन्हें काम करते हुए देख सका, जो उनके लिए जीवन भर याद रहने वाला अनुभव है। शुभकरण ने भी कहा कि फिल्म के सभी कलाकारों और तकनीकी टीम ने पूरी लगन के साथ काम किया है।

फिल्म में मुश्ताक खान, अरुण बक्शी, राजू खेर, बृज गोपाल, मेहुल बुच, गरिमा अग्रवाल, अंजलि गुप्ता और दिव्या द्विवेदी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नज़र आएंगे।

निर्माता के अनुसार ‘दिल दीवाना हो गया’ एक ऐसी पारिवारिक फिल्म है, जिसे मां अपने बेटे के साथ, पिता अपनी बेटी के साथ, दादा-दादी और नाना-नानी अपने पोते-पोतियों के साथ, या दोस्त एक-दूसरे के साथ बैठकर देख सकते हैं।

फिल्म का ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर जे.बी. पिक्चर्स के करण भाटिया कर रहे हैं। नई स्टारकास्ट, मजबूत कहानी, मधुर संगीत, खूबसूरत लोकेशनों और पारिवारिक मनोरंजन के साथ ‘दिल दीवाना हो गया’ अब 31 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंचेगी।
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प्रधानमंत्री मोदी चंडीगढ़ आए, लेकिन कांग्रेस के 17 सवालों में से एक का भी जवाब नहीं दिया; शहरवासियों के हाथ फिर खाली रहे: एच.एस. लक्की

By 121 News
Chandigarh, July 17, 2026:-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आज चंडीगढ़ दौरे के बाद चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कहा कि शहरवासियों को इस दौरे से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन प्रधानमंत्री वर्षों से लंबित जनहित के मुद्दों पर कोई स्पष्ट घोषणा, समाधान या जवाब दिए बिना ही लौट गए। कांग्रेस ने इसे चंडीगढ़ की जनता के लिए निराशाजनक तथा एक महत्वपूर्ण अवसर गंवाने वाला दौरा बताया।
चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-17 प्लाज़ा में हाथों में 17 प्ले-कार्ड लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और उन 17 महत्वपूर्ण सवालों को दोहराया, जिन्हें कांग्रेस ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सार्वजनिक रूप से उठाया था। कांग्रेस का कहना है कि प्रधानमंत्री के पूरे दौरे और संबोधन के दौरान इन 17 सवालों में से किसी एक का भी जवाब नहीं दिया गया।
एच.एस. लक्की ने कहा कि कांग्रेस विकास कार्यों का हमेशा स्वागत करती है और किसी भी ऐसी परियोजना का समर्थन करती है जिससे जनता को लाभ मिले। लेकिन लोकतंत्र में केवल परियोजनाओं का उद्घाटन करना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि जनता के वास्तविक सवालों का जवाब देना और उनकी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करना भी सरकार की जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के युवाओं को रोजगार, महंगाई से राहत, नगर निगम की बदहाल आर्थिक स्थिति, बढ़ते प्रॉपर्टी टैक्स, 24×7 जलापूर्ति परियोजना की विफलता, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड का स्थायी समाधान, स्मार्ट सिटी मिशन की जवाबदेही, कॉलोनियों के निवासियों के अधिकार, चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के परिवारों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट, महिलाओं की सुरक्षा, नशे की बढ़ती समस्या, उद्योग एवं एमएसएमई के लिए स्पष्ट नीति, व्यापारियों की लंबित मांगें, लाल डोरा एवं किसानों के मुद्दे, मेट्रो रेल परियोजना तथा चंडीगढ़ के समग्र विकास के रोडमैप जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री से स्पष्ट जवाब और ठोस घोषणाओं की अपेक्षा थी।
लक्की ने कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए गए इन 17 सवालों में से किसी का भी उत्तर प्रधानमंत्री ने नहीं दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा सरकार के पास चंडीगढ़ की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं है।
उन्होंने कहा कि शहर की जनता उम्मीद कर रही थी कि प्रधानमंत्री चंडीगढ़ के लिए नई रोजगार योजनाओं, नगर निगम को आर्थिक सहायता, बढ़ते करों से राहत, ट्रैफिक जाम के स्थायी समाधान, मेट्रो रेल परियोजना को गति देने, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के वैज्ञानिक एवं स्थायी निस्तारण, कॉलोनियों के निवासियों को अधिकार, हाउसिंग बोर्ड के परिवारों को राहत तथा व्यापार और उद्योग को प्रोत्साहन देने संबंधी महत्वपूर्ण घोषणाएँ करेंगे। लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
एच.एस. लक्की ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह दौरा केवल उद्घाटन और औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रह गया, जबकि चंडीगढ़ के लोग अपने भविष्य, रोजगार, महंगाई, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय विकास को लेकर ठोस निर्णयों की प्रतीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि चंडीगढ़ के लोग केवल प्रचार और औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जवाबदेह शासन, पारदर्शिता और परिणाम चाहते हैं। शहर की जनता यह जानना चाहती है कि उनके जीवन को प्रभावित करने वाले बुनियादी मुद्दों का समाधान आखिर कब होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी जनता के इन सभी मुद्दों को पहले की तरह मजबूती से उठाती रहेगी और जब तक लोगों को न्याय, राहत और उनके अधिकार नहीं मिलते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
अंत में एच.एस. लक्की ने कहा, "आज चंडीगढ़ के लोगों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री उनके वर्षों पुराने दर्द को समझेंगे और कोई ठोस समाधान देकर जाएंगे। लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस द्वारा पूछे गए 17 सवाल आज भी अनुत्तरित हैं और चंडीगढ़ की जनता के हाथ एक बार फिर खाली रह गए। जनता जवाब चाहती है और कांग्रेस जनता की आवाज़ बनकर यह लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।"
इस प्रदर्शन में हरियाणा से राज्यसभा सांसद कर्मवीर बौद्ध, कांग्रेस के सभी पार्षद, जिला अध्यक्षगण, युवा कांग्रेस, इंटक, एससी, माइनॉरिटी एवं ओबीसी विभागों के अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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लीवर रोगियों के लिए बड़ी राहत, पारस हेल्थ पंचकूला में शुरू हुआ एकीकृत लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम

By 121 News
Panchkula, July 17, 2026:-उत्तर भारत के लीवर रोगियों के लिए बड़ी राहत देते हुए पारस हेल्थ पंचकूला ने एकीकृत लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के माध्यम से मरीजों को जांच से लेकर ट्रांसप्लांट सर्जरी, ऑपरेशन के बाद गहन देखभाल, पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) और लंबे समय तक फॉलो-अप जैसी सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

भारत में तेजी से बढ़ रही लीवर संबंधी बीमारियों और समय पर उपचार की आवश्यकता को देखते हुए शुरू किया गया यह प्रोग्राम मरीजों को अत्याधुनिक और समग्र उपचार प्रदान करेगा। कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर डॉ. अंकुर गर्ग, डॉ. वैभव कुमार, प्रो. जीपी कैप्टन डॉ. सुमेश काइस्था, डॉ. राघव बंसल और डॉ. करण मिधा सहित विशेषज्ञों ने लीवर रोगों के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए समय पर जांच, मल्टीडिसिप्लिनरी उपचार और जरूरत पड़ने पर समय पर लीवर ट्रांसप्लांट की अहमियत पर जोर दिया।

पारस हेल्थ पंचकुला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि लीवर ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की शुरुआत हमारे लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एडवांस्ड लीवर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए कई बार ट्रांसप्लांट ही जीवन बचाने का एकमात्र विकल्प होता है। हमारा उद्देश्य उत्तर भारत के मरीजों को उनके घर के नजदीक विश्वस्तरीय ट्रांसप्लांट सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें इलाज के लिए बड़े महानगरों का रुख न करना पड़े।

यह प्रोग्राम लीवर ट्रांसप्लांट सर्जनों, हेपेटोलॉजिस्ट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटरों की अनुभवी टीम के सहयोग से संचालित होगा। आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, समर्पित ट्रांसप्लांट इंफ्रास्ट्रक्चर और विशेष क्रिटिकल केयर सुविधाओं के साथ मरीजों को सुरक्षित एवं प्रभावी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

यह सुविधा विशेष रूप से एंड-स्टेज लीवर डिजीज, तीव्र लीवर फेलियर, ट्रांसप्लांट योग्य लीवर कैंसर और जटिल हेपेटोबिलरी रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए लाभकारी होगी। अस्पताल का मानना है कि इस नई पहल से उत्तर भारत में उन्नत लीवर उपचार और ट्रांसप्लांट सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी तथा गंभीर मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सकेगा।
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Modern Threats Are Fueling India's Growing Demand for Luxury Armoured Vehicles

By 121 News
Chandigarh, July 17, 2026:-Luxury SUVs and premium sedans are no longer being chosen solely for comfort, performance or prestige. Increasing security concerns among business leaders, industrialists, celebrities, politicians, and high-net-worth individuals are driving a significant rise in demand for professionally armoured vehicles across India.
As geopolitical uncertainties, targeted attacks and personal security risks continue to evolve, conventional vehicles are proving inadequate in high-risk situations. This shift is prompting buyers to look beyond factory safety features and invest in advanced ballistic protection without compromising luxury, performance or everyday drivability.
According to industry experts, India's armoured mobility segment is witnessing growing interest not only from government and law enforcement agencies but also from private clients seeking discreet, high-security transportation. Industry estimates indicate that while demand for armoured vehicles grew at approximately 5–7% annually between 2011-2022, it has accelerated to nearly 18% during 2022–2026, largely driven by rising crime concerns and evolving geopolitical situations.
Shield Armoring Pvt. Ltd., one of India's leading armoured vehicle manufacturers, has been at the forefront of this transformation since 2011, delivering customised ballistic protection solutions that meet internationally recognised safety standards. The company specialises in converting premium vehicles into fully protected mobility platforms while retaining their original styling, driving dynamics and passenger comfort. Shield Armoring has mirrored this trend, with both the company's business and the overall armoured vehicle industry recording an estimated growth of 18–20% in recent years.
Unlike conventional bulletproofing, modern vehicle armouring involves comprehensive engineering that protects every vulnerable section of the vehicle. Certified ballistic steel, lightweight composite armour, multi-layered ballistic glass, reinforced doors, roof, pillars, firewall, fuel tank and battery compartment, underbody blast protection and run-flat tyre systems work together to provide complete 360-degree protection designed to withstand ballistic and explosive threats.
Reflecting changing customer preferences, premium SUVs continue to dominate demand in the armoured vehicle segment. Models such as the Land Rover Defender, Toyota Land Cruiser LC300, Toyota Fortuner, Range Rover, Mercedes-Benz GLS, Mercedes-Benz S-Class, BMW X5 and BMW 7 Series are among the most sought-after platforms for customised armouring, combining luxury, capability and enhanced occupant protection. Demand is particularly strong from government agencies procuring vehicles for Chief Ministers, Home Ministers, Z+ security 

protectees and other VVIPs, while private buyers include builders, business owners, corporate leaders and mining entrepreneurs.
The evolution of the market is also extending to electric mobility. As premium electric vehicles gain popularity, Shield Armoring has developed specialised engineering solutions that enable high-end EVs to receive advanced ballistic protection without compromising structural integrity, battery safety, vehicle performance or the sophisticated technologies that define modern electric platforms. Depending on the vehicle model, protection level and coverage required, the cost of armouring typically ranges from ₹22 lakh to ₹1.8 crore. 

Inderjeet Singh Rathor, Director of Shield Armoring Pvt. Ltd., said that security today is no longer limited to government agencies. We are seeing increasing awareness among entrepreneurs, corporate leaders, celebrities and families who recognise that personal mobility must also offer protection against emerging threats. Our focus is to deliver world-class armoured vehicles that provide maximum security while preserving the luxury, comfort and driving experience of the original vehicle. He added that with security becoming an increasingly important consideration alongside luxury and performance, India's armoured vehicle industry is entering a new phase where advanced engineering, discreet protection and customised mobility solutions are becoming integral to premium automotive ownership.
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Thursday, 16 July 2026

Chitkara University Co-Hosts BAJA SAEINDIA Strategic Meet on Future Mobility and Experiential Learning

By 121 News
Chandigarh, July 16, 2026:-Chitkara University co-hosted a high-level interaction with the BAJA SAEINDIA Organizing Committee and leading industry experts, reaffirming its commitment to experiential learning and industry-integrated engineering education.
The event brought together distinguished leaders from the automotive sector, including Balraj Subramaniam, Chairman, Organizing Committee, BAJA SAEINDIA; Jatin Garg, Honorary Secretary, Organizing Committee, BAJA SAEINDIA; Dr. K. C. Vora, Senior Advisor, BAJA SAEINDIA Organizing Committee; and Balraj Bhanot, Automotive Homologation Expert and Former Director, ARAI. Representing academia were Dr. Madhu Chitkara, President and Co-founder, Chitkara University; Dr. Sandhir Sharma, Vice Chancellor, Chitkara University; and Dr. Rakesh Sharma, Registrar, Chitkara University.
Welcoming the gathering, Balraj Subramaniam, Chairman, Organizing Committee, BAJA SAEINDIA, highlighted BAJA SAEINDIA's enduring legacy in nurturing engineering talent through hands-on learning and innovation. Dr. Sandhir Sharma, Vice Chancellor, Chitkara University, underscored the importance of strong partnerships between academia and industry in preparing students for emerging technological challenges.
A presentation on the journey and legacy of BAJA SAEINDIA showcased how the competition has evolved into one of India's most respected experiential learning platforms. Today, BAJA SAEINDIA serves as an umbrella platform encompassing Electric Vehicle(eBAJA), Mechanical BAJA (mBAJA), Autonomous BAJA, and Hydrogen BAJA (hBAJA), enabling students to explore diverse future mobility technologies through competitive engineering challenges.
Students participating in BAJA SAEINDIA 2027 will conceptualise, design, analyse, fabricate, and validate single-seater all-terrain vehicles in accordance with the BAJA SAEINDIA Rulebook before competing in rigorous static and dynamic evaluations that assess engineering excellence, innovation, safety, and endurance. A total of 186 teams have registered for the 2027 season. 102 eBAJA teams, 26 hBAJA teams and 58 mBAJA teams from across the country will participate in the Virtual Round where industry experts will be assessing and providing guidance to the Preliminary design of the buggies. Also, a technical quiz will be conducted based on automotive Engineering. Virtual Round of eBAJA, MBAJA & BAJA SAEINDIA 2027’ are scheduled from 17th July to 19th July 2026, at Chitkara University, Punjab Campus. Digital engineering tools and simulation-based assessments will evaluate vehicle design, engineering analysis, and innovation before teams advance to the subsequent stages of the competition.
Addressing the gathering, Dr. Madhu Chitkara, President and Co-founder, Chitkara University, spoke about the University's continued association with BAJA SAEINDIA and emphasised the transformative role of experiential learning in engineering education. She noted that such initiatives inspire students to translate classroom learning into practical innovation while strengthening their technical expertise, teamwork, leadership, and problem-solving abilities.
The interaction also explored opportunities to strengthen collaboration between academia and industry, ensuring engineering education remains aligned with the evolving needs of the automotive and mobility sectors.
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Parekhit Bhattacharjee Launches New Book "Things We Never Said"

By 121 News

Chandigarh, July 16, 2026:-कई बार जीवन की सबसे गहरी भावनाएं शब्दों में नहीं ढल पातीं, लेकिन वही हमारे रिश्तों, यादों और व्यक्तित्व को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। इन्हीं अनकहे जज़्बातों और खामोश संवादों को संवेदनशीलता से शब्द देने का प्रयास करती है लेखक परेखित भट्टाचार्जी की नई पुस्तक 'थिंग्स वी नेवर सेड'। व्हाइट फाल्कन पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक उन भावनाओं, यादों और रिश्तों की कहानी कहती है, जो अक्सर शब्दों में व्यक्त नहीं हो पाते, लेकिन जीवन पर गहरा प्रभाव छोड़ जाते हैं।

लिरिकल गद्य और लघु साहित्यिक कहानियों के अनूठे संयोजन से सजी यह पुस्तक प्रेम, बिछड़न, यादें, गलतफहमियां, उम्मीद और जीवन के शांत लेकिन गहरे भावनात्मक पलों को बेहद संवेदनशीलता से प्रस्तुत करती है। पांच विषयगत खंडों में विभाजित यह पुस्तक पाठकों को उन अनकहे अनुभवों से रूबरू कराती है, जो हमारे रिश्तों और जीवन को आकार देते हैं।

इससे पहले चर्चित काव्य संग्रह 'ए मैप विदआउट नेम्स' लिख चुके परेखित भट्टाचार्जी ने संचार, संगीत और फोटोग्राफी के अपने अनुभवों को इस पुस्तक में प्रभावशाली ढंग से पिरोया है। उनकी लेखन शैली सरल, भावनात्मक और आत्ममंथन के लिए प्रेरित करने वाली है।

पुस्तक के बारे में परेखित भट्टाचार्जी कहते हैं कि मैं चाहता हूं कि यह पुस्तक पाठकों को यह महसूस कराए कि मौन कभी खाली नहीं होता। हम सभी अपने भीतर कई ऐसी बातें संजोए रखते हैं, जो कभी कही नहीं जातीं, लेकिन वही हमारे रिश्तों, यादों और व्यक्तित्व को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं। यदि यह पुस्तक पाठकों को दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण बनने के लिए प्रेरित करे, तो यही इसकी सबसे बड़ी सफलता होगी।

व्हाइट फाल्कन पब्लिशिंग द्वारा प्रकाशित 'थिंग्स वी नेवर सेड' अब पेपरबैक और ई-बुक प्रारूप में उपलब्ध है। भावनात्मक गहराई, संवेदनशील कथानक और प्रभावशाली लेखन शैली के साथ 'थिंग्स वी नेवर सेड' समकालीन साहित्य के पाठकों के लिए एक यादगार पठन अनुभव प्रस्तुत करती है।

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काउंसलर हरदीप सिंह बुटेरला ने संक्रांति के दिन पौधे लगाकर सावन महीने की शुरुआत की

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Chandigarh, July 16, 2026:-नगर निगम के वार्ड नंबर 30 के काउंसलर हरदीप सिंह बुटेरला ने  वन महोत्सव के मद्देनजर आज संक्रांति के दिन अपने वार्ड के तहत सेक्टर 41-ए में स्थित श्री दुर्गा मंदिर के पास वाले पार्क में पौधे लगाकर सावन महीने की शुरुआत की।

पत्रकारों से बात करते हुए काउंसलर हरदीप सिंह बुटेरला ने कहा कि ये पौधे अपने वार्ड के हर कोने में हरियाली लाने के मकसद से लगाए जा रहे हैं और इसमें उस इलाके के बच्चे, महिलाएं और पुरुष भी शामिल हो रहे हैं ताकि सभी के मन में पौधे लगाने की भावना पैदा हो सके। उन्होंने वार्ड के निवासियों को सावन महीने की बधाई भी दी।

इस मौके पर श्री दुर्गा मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष एच.एल. छाबड़ा, महासचिव मनोहर लाल, कैशियर आदर्श नरूला, मोनू मल्होत्रा, राम विलास गर्ग, धर्म चंद, नंद लाल, रविंदर शर्मा, ममता, नीलम, मास्टर जगत नारायण, मोनू वर्मा, सुरेश शर्मा आदि भी मौजूद थे।
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Wednesday, 15 July 2026

कांग्रेस पहले अपना रिकॉर्ड देखे, फिर भाजपा के जनसेवा अभियानों पर उठाए सवाल: नरेश अरोड़ा 

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Chandigarh, July 15, 2026:- भाजपा चंडीगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता नरेश अरोड़ा ने चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की के उस बयान का कड़ा ऐतराज जताया, जिसमें उन्होंने भाजपा के "स्वच्छता से स्वागत" अभियान को महज़ दिखावा और राजनीतिक नौटंकी बताया है।
नरेश अरोड़ा ने कहा कि एच.एस. लक्की का यह बयान कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और जनसेवा के प्रति उसकी नकारात्मक सोच को दर्शाता है। स्वच्छता जैसे जनहित के विषय पर भी राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन आज देश का सबसे बड़ा जनआंदोलन बन चुका है। भाजपा का "स्वच्छता से स्वागत" अभियान किसी राजनीतिक प्रदर्शन का नहीं, बल्कि जनभागीदारी और नागरिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसे नौटंकी कहना उन हजारों कार्यकर्ताओं और नागरिकों का अपमान है जिन्होंने स्वेच्छा से इस अभियान में भाग लिया।
नरेश अरोड़ा ने कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की को सलाह दी कि यदि उन्हें वास्तव में शहर की सफाई व्यवस्था की चिंता है, तो केवल प्रेस बयान जारी करने के बजाय सफाई अभियान में स्वयं भाग लेकर सकारात्मक योगदान दें। भाजपा आलोचना नहीं, बल्कि सेवा और विकास की राजनीति में विश्वास रखती है।
उन्होंने कहा कि "कांग्रेस को जनता सबक सिखा चुकी है। आज जनता केवल बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ज़मीन पर किए गए कार्यों को देखती है। भाजपा चंडीगढ़ को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करती रहेगी।

नकारात्मक चश्मा उतारे कॉंग्रेस
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प्रभु राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाने वालों को राम मंदिर पर बोलने का कोई अधिकार नहीं: देवशाली

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Chandigarh, July 15, 2026:-चंडीगढ़ निगार निगम के पूर्व पार्षद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रकोष्ठ समन्वयक शक्ति प्रकाश देवशाली ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे के सम्बन्ध में दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बयान पढ़कर उन्हें बरबस ही 'छाज तो बोले छलनी भी बोले......' वाली कहावत याद आ गई।  देवशाली ने उनका जयपुर में दिया गया बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि मंदिर के लिए चंदे को लेकर लोगों ने संपर्क किया था लेकिन मैंने मना कर दिया।

देवशाली ने कहा कि पवन कुमार बंसल को ऐसे बयान देने से पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए।  जिन लोगों की पार्टी की सरकार ने देश के बहुसंख्य वर्ग के आराध्य प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े किये, श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने के लिए कोर्ट में विरोध में वकीलों की फ़ौज खड़ी की, प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाला शपथ-पत्र तक न्यायालय में दिया और जब मंदिर निर्माण के लिए चंदे की बात आई तो स्पष्ट रूप से मना करने पर जिन्हें गर्व का आभास हुआ, ऐसे लोगों को राममंदिर ट्रस्ट पर टीका- टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं।

देवशाली ने कहा कि देशवासी न तो पवन कुमार बंसल के रेल मंत्री रहते रेलवे में पोस्टिंग प्राप्त करने के लिए चलते रहे खेल को भूल पाए हैं और न ही चंडीगढ़ के लोग आज तक 'बूथ घोटाला' एवं अन्य भर्तियों में हुए गोलमाल को भूल पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इन सबकी जांच करवाने की बात करते तो शायद लोग आपकी बात सुनते।   पवन बंसल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 'जिनके घर शीशे के होते हैं, वे औरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते'।

देवशाली ने पवन बंसल को याद दिलाते हुए कहा कि उनके कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान ही कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने 'एक रूपया-राम के नाम' अभियान चलाया था।   इस अभियान के दौरान एकत्र की गई राशि के बारे में भी कुछ प्रकाश डालते तो अच्छा रहता।
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Velvet Clarks Exotica Announces 11th Edition of Mango Festival


Zirakpur, July 15, 2026:-Velvet Clarks Exotica, Zirakpur–Chandigarh, has announced the 11th edition of its annual Mango Festival, which will be held from July 17 to July 26, 2026, between 7:00 PM and 11:00 PM every evening.

The festival celebrates the versatility of the "King of Fruits" through a specially curated menu featuring beverages, salads, main courses and desserts prepared using organically grown mangoes sourced directly from an organic farm.

The menu features a wide range of signature creations, including Mango Lassi, Mango Tango, Mango Mint Raita, Mango Pasta, Roasted Mango Rice, Mango Curry, Mango Kofta, Kacche Aam Ki Sabzi, Mango Malai Roll and Mango Kunafa.

During the media interaction, the culinary team conducted live demonstrations of Mango Pasta and Mango Malai Roll, showcasing the techniques and creativity involved in preparing the festival's signature dishes.

Addressing the gathering, Maninderjit Singh, General Manager, Velvet Clarks Exotica, said that the mangoes used during the festival are sourced directly from a 11-acre organic farm where no pesticides are used. Following the 'Farm to Fork' concept enables us to serve naturally grown, fresh and flavourful mangoes while supporting sustainable farming practices.

He added that the Mango Festival, which began in 2015, has become one of the hotel's signature annual culinary events and continues to receive an enthusiastic response from guests across the Tricity.

The festival showcases several popular mango varieties, including Dasheri, Langra, Desi, Alphonso, Amrapali and Totapuri, each bringing its own distinct flavour and character to the specially designed menu.

Junior Sous Chef Yogesh Rawat and his team also presented a live showcase of signature recipes such as Minty Mango, Mango Tango, Mango Lassi, Thai Mango Salad, Mango Kofta, Kacche Aam Ki Sabzi and Mango Kunafa, giving visitors a glimpse of the innovation behind the festival.

The Mango Festival is expected to attract food lovers from Chandigarh, Mohali, Panchkula and Zirakpur, offering a unique dining experience centred around seasonal organic mangoes.

The approximate meal cost for two is ₹1,200 (inclusive of taxes).

For reservations, guests may call 85588 85554.
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प्रधानमंत्री शहरवासियों के 17 सवालों का दें जवाब: एच.एस. लक्की

By 121 News
Chandigarh, July 15, 2026:-👌17 जुलाई को कुछ जनहित परियोजनाओं के उद्घाटन के लिए चंडीगढ़ आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने कहा कि प्रधानमंत्री का सिटी ब्यूटीफुल में हमेशा स्वागत है। लेकिन उनका यह दौरा केवल फोटो खिंचवाने और फीता काटने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। चंडीगढ़ की जनता उन मुद्दों पर जवाब चाहती है जो सीधे उनके दैनिक जीवन से जुड़े हुए हैं। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान पीजीआईएमईआर में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे सहित अन्य विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
एच.एस. लक्की ने कहा कि कांग्रेस हर उस विकास कार्य का स्वागत करती है जिससे जनता को लाभ मिलता हो, चाहे उसे किसी भी सरकार ने पूरा किया हो। लेकिन चंडीगढ़ के लोगों के मन में कई ऐसे सवाल हैं जिनका अब तक कोई जवाब नहीं मिला है। उन्होंने शहरवासियों की ओर से प्रधानमंत्री और भाजपा से निम्नलिखित 17 महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर देने की मांग की—

1. बेरोज़गारी:
चंडीगढ़ के युवाओं को स्थायी रोजगार के अवसर कब मिलेंगे? बार-बार किए गए वादों के बावजूद हजारों शिक्षित युवा नियमित सरकारी नौकरियों का इंतजार क्यों कर रहे हैं?

2. महंगाई:
महंगाई, रसोई गैस, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का जीवन कठिन क्यों बना दिया है? सरकार उन्हें तत्काल क्या राहत देगी?

3. नगर निगम में भ्रष्टाचार:
क्या प्रधानमंत्री भाजपा-शासित नगर निगम चंडीगढ़ में वित्तीय कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच करवाएंगे, जिसने नगर निगम को गंभीर आर्थिक संकट में पहुंचा दिया है?

4. प्रॉपर्टी टैक्स और नगर निगम का बढ़ता बोझ:
भाजपा सरकार ने चंडीगढ़ के लोगों पर प्रॉपर्टी टैक्स, यूजर चार्ज और अन्य नगर निगम करों में भारी बढ़ोतरी क्यों की? क्या इन जनविरोधी फैसलों को वापस लिया जाएगा?

5. 24×7 जलापूर्ति परियोजना की विफलता:
विवादित 24×7 जलापूर्ति परियोजना के लिए जिम्मेदार कौन है, जिसने लोगों पर आर्थिक बोझ तो बढ़ाया लेकिन वादा किए गए लाभ नहीं दिए? क्या इस परियोजना की समीक्षा और ऑडिट कराया जाएगा?

6. डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड:
बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ? वहां के निवासियों को इस पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संकट से आखिर कब राहत मिलेगी?

7. स्मार्ट सिटी मिशन:
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सैकड़ों करोड़ रुपये आवंटित किए गए। यह पैसा कहां खर्च हुआ? चंडीगढ़ को आज तक वह विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा क्यों नहीं मिला जिसका वादा किया गया था?

8. चंडीगढ़ के लोकतांत्रिक अधिकार:
चंडीगढ़ को लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व के मामले में लगातार उपेक्षित क्यों रखा गया? नगर निगम को पर्याप्त अधिकार, वित्तीय संसाधन और स्वायत्तता कब दी जाएगी ताकि वह प्रभावी ढंग से कार्य कर सके?

9. कॉलोनियों के निवासियों के अधिकार:
कॉलोनियों के निवासियों को मालिकाना हक, बुनियादी नागरिक सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन कब मिलेगा? आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से किए गए लंबे समय से लंबित वादे अब तक पूरे क्यों नहीं हुए?

10. चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड:
दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के निवासियों के लिए वन-टाइम सेटलमेंट योजना क्यों लागू नहीं की गई? हजारों परिवारों को लंबे समय से प्रतीक्षित राहत कब मिलेगी?

11. महिलाओं की सुरक्षा, नशा और अपराध:
महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने, नशे के बढ़ते खतरे पर रोक लगाने और कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए भाजपा सरकार ने अब तक कौन से ठोस कदम उठाए हैं?

12. उद्योग, एमएसएमई और रोजगार:
चंडीगढ़ को उद्योग और व्यापार के अनुकूल औद्योगिक नीति कब मिलेगी? एफएआर बढ़ाने, एमएसएमई अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा निवेश, उद्यमिता और रोजगार को बढ़ावा देने वाली नीतियों की मांगों की लगातार अनदेखी क्यों की जा रही है?

13. व्यापारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठान:
भाजपा सरकार ने बूथों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बॉक्स-टाइप कन्वर्जन तथा दूसरी मंजिल के निर्माण की अनुमति अब तक क्यों नहीं दी? व्यापारियों को उनके व्यवसाय के विस्तार के लिए आवश्यक नीतिगत सुधार कब मिलेंगे?

14. गांव, लाल डोरा और किसान:
लाल डोरा के बाहर बने मकानों और ढांचों को नियमित कब किया जाएगा? चंडीगढ़ के किसानों और भूमि मालिकों के हितों की रक्षा करते हुए योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए न्यायसंगत लैंड पूलिंग नीति अब तक क्यों नहीं लाई गई?

15. मेट्रो रेल और ट्रैफिक जाम:
हर वर्ष बढ़ते ट्रैफिक जाम के बावजूद चंडीगढ़ को अब तक मेट्रो रेल परियोजना या किसी व्यापक जन परिवहन प्रणाली की स्वीकृति क्यों नहीं मिली? शहर को ट्रैफिक जाम से मुक्त करने के लिए केंद्र सरकार की दीर्घकालिक योजना क्या है?

16. राम मंदिर चंदा विवाद:
क्या प्रधानमंत्री राम मंदिर के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग के आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? देश के श्रद्धालु अपने द्वारा दिए गए प्रत्येक रुपये का पारदर्शी और जवाबदेह हिसाब चाहते हैं।

17. चंडीगढ़ के भविष्य का विज़न:
कई वर्षों से चल रही परियोजनाओं का उद्घाटन करने से आगे बढ़कर रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, किफायती आवास, सार्वजनिक परिवहन, औद्योगिक विकास, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल अवसंरचना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार के लिए भाजपा सरकार का चंडीगढ़ के लिए समग्र रोडमैप क्या है?
एच.एस. लक्की ने कहा कि परियोजनाओं का उद्घाटन शासन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सुशासन का अर्थ जवाबदेही, पारदर्शिता और जनता की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशीलता भी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर उस परियोजना का स्वागत करती है जिससे जनता को लाभ मिलता हो, चाहे उसे किसी भी सरकार ने पूरा किया हो। लेकिन कोई भी सरकार जनता के वैध सवालों का जवाब देने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की जनता प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करेगी, लेकिन साथ ही इन 17 सवालों के ईमानदार जवाब भी चाहती है। विकास का पैमाना केवल फीता काटने और प्रचार कार्यक्रम नहीं हो सकते। असली विकास तब माना जाएगा जब युवाओं को रोजगार मिलेगा, महंगाई से राहत मिलेगी, बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, स्थानीय लोकतंत्र मजबूत होगा, शासन पारदर्शी होगा और चंडीगढ़ के हर नागरिक के जीवन की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार दिखाई देगा।