By 121 News
Chandigarh, Mar.13, 2026:- हिमाचल प्रदेश के सोलन स्थित शूलिनी यूनिवर्सिटी अपने खूबसूरत कैंपस में 14 से 16 मार्च तक आयोजित होने वाले शूलिनी स्प्रिंग फेस्ट 2026 के तहत शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल के छठे संस्करण की मेजबानी करेगी। तीन दिन तक चलने वाला यह फेस्टिवल रोचक बातचीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रचनात्मक संवाद के लिए मशहूर लेखकों, विचारकों, कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, उद्यमियों और परफॉर्मर्स को एक मंच पर लाने का वादा करता है।
वाईस चांसलर प्रोफेसर अतुल खोसला ने कहा कि यह फेस्टिवल विद्यार्थियों द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवा मनों को प्रेरित करना है। यदि कुछ विद्यार्थी भी बड़े सपने देखने और वैश्विक स्तर पर पहचान हासिल करने के लिए प्रेरित होते हैं, यहाँ तक कि नोबेल पुरस्कार तक, तो हम मानते हैं कि यह फेस्टिवल अपने उद्देश्य में सफल रहा है।
फेस्टिवल के बारे में बात करते हुए चीफ लर्निंग ऑफिसर डॉ. आशू खोसला, जो इसकी आयोजक भी हैं, ने कहा कि शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल का उद्देश्य एक जीवंत बौद्धिक और सांस्कृतिक मंच तैयार करना है, जहाँ लेखक, विचारक, कलाकार, छात्र और पाठक एक साथ आकर विचारों का आदान-प्रदान कर सकें और शूलिनी परिसर के शांत हिमालयी वातावरण में रचनात्मकता का उत्सव मना सकें। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारा लगातार छठा संस्करण है और इसका आयोजन विद्यार्थी ही कर रहे हैं। डिजिटल युग में साहित्य से जुड़ने के लिए यह विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
निष्ठा शुक्ला आनंद, डायरेक्टर और ट्रस्टी, शूलिनी विश्वविद्यालय ने कहा कि यह मीडिया और लिबरल आर्ट्स के छात्रों के लिए एक शानदार अवसर है। शूलिनी विश्वविद्यालय में आयोजित लिटरेचर फेस्ट छात्रों को साहित्यिक दुनिया से परिचित कराएगा, जिससे उनकी रचनात्मक क्षमताएँ और व्यापक होंगी।
अभिनेत्री संध्या मृदुल ने कहा कि मैं शूलिनी का बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझे अपने भाई की किताब शूलिनी में लाने का अवसर दिया। चंडीगढ़ उनके पसंदीदा स्थानों में से एक है और मुझे बहुत खुशी है कि मेरे भाई की किताब विद्यार्थियों के बीच है, ताकि वह उन्हें भी प्रेरित कर सके।
शूलिनी लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में लेखकों की बातचीत , कविता सत्र, थिएटर और फिल्म पर चर्चाएं, वर्कशॉप और संगीत प्रस्तुतियों का शानदार मिश्रण देखने को मिलेगा, जो साहित्य, कहानी कहने की कला और रचनात्मकता की भावना को दर्शाएगा। यह फेस्टिवल उत्तर भारत में एक प्रमुख सांस्कृतिक मंच के रूप में उभर चुका है, जहाँ विचारों, संवाद और कलात्मक अभिव्यक्ति का उत्सव मनाया जाता है।
इसमें जिन जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है, उनमें प्रसिद्ध लेखक, पत्रकार, फिल्म निर्माता और विचारक शामिल हैं। इनमें दुर्जोय दत्ता, पंकज झा, नीरज काबी, अभिरूप धर, नमिता देवीदयाल, शिंजिनी कुमार, राकेश बेदी और राजा भसीन जैसे नाम शामिल हैं। फेस्टिवल के दौरान होने वाली चर्चाओं में साहित्य, सिनेमा, समाज, उद्यमिता, संगीत, रचनात्मकता और बदलते कहानी-कथन के परिदृश्य जैसे विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
लिटरेचर फेस्टिवल में कवि सम्मेलन जैसे सत्रों, दास्तानगोई जैसी कहानी कहने की परंपराओं और पब्लिशिंग, संस्कृति तथा सार्वजनिक जीवन पर चर्चाओं के माध्यम से कविता और परफॉर्मिंग आर्ट्स का भी उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही वर्कशॉप और इंटरैक्टिव सत्र छात्रों और युवा रचनाकारों को विशेषज्ञों और पेशेवरों से सीधे सीखने का अवसर देंगे।
लिटरेचर फेस्टिवल के साथ-साथ शूलिनी स्प्रिंग फेस्ट 2026 के अंतर्गत मोक्ष 2026 के तहत कई सांस्कृतिक और मनोरंजन कार्यक्रमों की भी शानदार श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इनमें संगीत प्रस्तुतियाँ, रचनात्मक प्रतियोगिताएँ और अंतिम दिन ग्रैमी अवॉर्ड विजेता कंपोजर रिकी केज का विशेष लाइव परफॉर्मेंस शामिल होगा।
फेस्टिवल के माहौल को और भी खास बनाने के लिए यूनिवर्सिटी शूलिनी फ्लावर फेस्टिवल का भी आयोजन करेगी, जिसमें फूलों की प्रदर्शनी और विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा ग्लिच टेक फेस्ट 2026 भी आयोजित होगा, जिसमें गेमिंग प्रतियोगिताएँ, टेक इवेंट्स और एआई-आधारित दुनिया में जरूरी कौशलों पर पैनल चर्चाएँ शामिल होंगी।