By 121 News
Chandigarh, Sept.29, 2026:-
उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ (रजि.) के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने नगर निगम चंडीगढ़ द्वारा प्रस्तावित Chandigarh Fire and Emergency Services Rules, 2026 के संबंध में सुझाव एवं आपत्तियां प्रस्तुत करते हुए कहा है कि अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर छोटे व्यापारियों और पहले से संचालित वैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अनावश्यक आर्थिक एवं प्रक्रियात्मक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
कैलाश चंद जैन ने कहा कि वर्तमान अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे मौजूदा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को केवल नए नियमों के कारण महंगे और बड़े संरचनात्मक बदलाव करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। यदि किसी भवन में वास्तविक अग्नि अथवा जीवन सुरक्षा जोखिम पाया जाता है, तभी अतिरिक्त उपाय आवश्यक किए जाएं और उसके लिए उचित समय दिया जाए।
उन्होंने बूथ, बे शॉप, छोटी दुकानें, SCO, SCF, SCS तथा अन्य कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए उनके आकार, ऊंचाई, उपयोग और वास्तविक जोखिम के आधार पर अनुपातिक अग्नि सुरक्षा मानक निर्धारित करने की मांग की।
जैन ने कहा कि छोटे एवं कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य वार्षिक थर्ड-पार्टी फायर सेफ्टी ऑडिट की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है। ऐसे प्रतिष्ठानों के लिए मूलभूत अग्नि सुरक्षा उपायों का Self-Certification स्वीकार किया जाना चाहिए। साथ ही, अग्निशमन विभाग को शिकायत, जोखिम या उल्लंघन की स्थिति में Random/Risk-based Inspection का अधिकार रहना चाहिए।
उन्होंने फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने तथा कमियों की जानकारी एक ही बार में स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने की मांग की।
कैलाश चंद जैन ने अंतिम नियम अधिसूचित करने से पूर्व मान्यता प्राप्त व्यापारी संगठनों एवं मार्केट एसोसिएशनों से परामर्श करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा नियमों का मूल सिद्धांत होना चाहिए—
“अधिक जोखिम—अधिक सुरक्षा आवश्यकताएं; कम जोखिम—अनुपातिक सुरक्षा आवश्यकताएं।”
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की सुरक्षा और नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है, लेकिन नियमों का निर्धारण ऐसा होना चाहिए जो सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों के लिए व्यावहारिक और अनुपालन योग्य भी हो।
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