By 121 News
Chandigarh, Oct.31, 2026:-चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज सेक्टर 35 स्थित कांग्रेस भवन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 42वीं पुण्यतिथि मनाई। इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर फूल चढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और "इंदिरा गांधी अमर रहें" के नारे लगाए।
श्रद्धांजलि देते हुए चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने कहा कि इंदिरा गांधी बेहद साहसी नेता थीं। उन्होंने देश की एकता और अखंडता को हमेशा सबसे ऊपर रखा, यहां तक कि अपनी जान से भी ऊपर। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी ने देश के लिए अपना जीवन बलिदान कर दिया, लेकिन एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और एकजुट भारत का उनका सपना आज भी हर कांग्रेस कार्यकर्ता के दिल में ज़िंदा है।
लक्की ने आगे कहा कि आज देश को इंदिरा गांधी जैसे मज़बूत फैसलों और गरीबों के प्रति उनके समर्पण की पहले से कहीं ज़्यादा ज़रूरत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय मज़बूती के उनके आदर्शों को आगे बढ़ाती रहेगी।
देश के निर्माण में इंदिरा गांधी के योगदान को याद करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि 1969 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण से किसानों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के लिए बैंकों के दरवाज़े खुले। इसी तरह, उनके नेतृत्व में आई हरित क्रांति ने भारत को अनाज के मामले में आत्मनिर्भर बनाया और देश को विदेशों से अनाज मंगाने की मजबूरी से आज़ादी दिलाई।
कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि पुराने राजा-महाराजाओं को मिलने वाले प्रिवी पर्स (राजभत्ते) खत्म करके इंदिरा गांधी ने विशेषाधिकारों पर करारी चोट की और लोकतंत्र में बराबरी को मज़बूत किया। इसके अलावा, 1974 में पोखरण परमाणु परीक्षण से भारत परमाणु शक्ति बना और दुनिया ने भारत की वैज्ञानिक ताकत को पहचाना।
कार्यकर्ताओं ने यह भी याद किया कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने 1971 के युद्ध में ऐतिहासिक जीत हासिल की। इस जीत से भारत के स्थायी विरोधी पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि यह आज भी भारत के इतिहास के सबसे गौरवशाली अध्यायों में से एक है।
इस अवसर पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी 151वीं जयंती पर भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि देश के पहले गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने अपनी सूझबूझ और दृढ़ संकल्प से 560 से ज़्यादा रियासतों को जोड़कर एक भारत बनाया, इसीलिए उन्हें "लौह पुरुष" कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज के दिन देश कांग्रेस के दो महान नेताओं को एक साथ याद कर रहा है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए समर्पित कर दिया।
इस अवसर पर दर्जनों वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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