Monday, 2 November 2026

अमित शाह के चंडीगढ़ दौरे पर आप का हमला, बोले—10 साल से सिर्फ चुनावी लॉलीपॉप दे रही है भाजपा

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2026:- आम आदमी पार्टी (आप), चंडीगढ़ के अध्यक्ष विजयपाल सिंह, पार्षद अंजू कात्याल और दीपा दुबे ने सेक्टर-3 स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया चंडीगढ़ दौरे पर सवाल उठाए। आप नेताओं ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री का दौरा शहर की लंबे समय से लंबित समस्याओं का समाधान करने के बजाय चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करने तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के लोगों को हाउसिंग बोर्ड के मकानों, मालिकाना हक, लाल डोरा, लीजहोल्ड संपत्तियों और पुनर्वास कॉलोनियों से जुड़े मुद्दों पर ठोस फैसलों की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट समाधान नहीं मिला।

विजयपाल सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ के नागरिक वर्षों से अपनी बुनियादी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गृह मंत्री ने अपने दौरे के दौरान ऐसी कोई ठोस योजना या समयसीमा सामने नहीं रखी, जिससे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर के लोगों को दी जाने वाली सौगातें केवल राज्यपाल या यूटी प्रशासन की ओर से मिलनी हैं, तो गृह मंत्री के दौरे का वास्तविक उद्देश्य क्या था? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पिछले कई वर्षों से चुनावों के नजदीक आते ही जनता को नए वादे देती है, लेकिन उन्हें पूरा करने के लिए गंभीर प्रयास नहीं करती। अपनी बात रखते हुए उन्होंने शेर पढ़ा, “बहुत शोर सुनते थे पहलू में दिल का, जब चीरा तो इक कतरा-ए-ख़ून निकला।” उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के दौरे को लेकर खूब प्रचार किया गया, लेकिन शहर के लोगों को ठोस राहत के नाम पर निराशा ही हाथ लगी।

विजयपाल सिंह ने मनीमाजरा में 24 घंटे पानी की आपूर्ति से जुड़ी परियोजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़े-बड़े दावों और प्रचार के साथ शुरू की गई इस परियोजना से लोगों की उम्मीदों के अनुरूप परिणाम नहीं मिले। उन्होंने लगभग 1,400 करोड़ रुपये के खर्च का हवाला देते हुए परियोजना की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और कहा कि स्थानीय निवासियों को पानी की कमी तथा पानी की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भाजपा के उन दावों का उदाहरण है, जिनमें घोषणाएं तो बड़े स्तर पर की जाती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलतीं।

हाउसिंग बोर्ड के मकानों के मालिकाना हक के मुद्दे पर भी आप नेताओं ने भाजपा को घेरा। विजयपाल सिंह ने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में तत्कालीन सांसद किरण खेर ने यूटी गेस्ट हाउस में केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय से मंजूरी मिलने का हवाला देते हुए लोगों को मालिकाना हक देने की बात कही थी। उन्होंने सवाल किया कि वर्ष 2026 आ जाने के बावजूद पात्र लोगों को मालिकाना हक क्यों नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को एक बार फिर इस मुद्दे की याद आ गई है, जबकि वर्षों से इंतजार कर रहे परिवार आज भी समाधान की बाट जोह रहे हैं।

आप नेताओं ने धनास के निकट एक कॉलोनी को हटाए जाने की आशंकाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने सवाल किया कि यदि हजारों मकान खाली पड़े हैं, तो लोगों को बेघर करने से पहले उनके पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय और सर्दियों के मौसम में परिवारों को बेघर करने का खतरा पैदा करना बेहद गंभीर विषय है। नेताओं ने मांग की कि किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास योजना और वैकल्पिक आवास सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को केवल आश्वासन देने के बजाय उनके आवास और भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

पार्षद अंजू कात्याल और दीपा दुबे ने महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए गृह मंत्री के दौरे पर सवाल खड़े किए। दीपा दुबे ने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की बात करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और रोजमर्रा की समस्याओं पर भी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने सवाल किया कि चंडीगढ़ की महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्री ने क्या ठोस घोषणा की और युवाओं के रोजगार के लिए कौन-सी नई पहल की। उन्होंने भाजपा के पुराने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए ₹15 लाख देने के वादे पर भी जवाबदेही की मांग की और कहा कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि अपने सवालों के जवाब चाहती है।

दीपा दुबे ने गृह मंत्री से आग्रह किया कि भविष्य में जब भी वे चंडीगढ़ आएं, तो केवल निर्धारित और सजाए गए मार्गों तक सीमित न रहें, बल्कि शहर की वास्तविक स्थिति देखने के लिए आम लोगों की बस्तियों और गलियों में भी जाएं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के प्रोटोकॉल से बाहर निकलकर एक सामान्य नागरिक की तरह शहर की सड़कों, सार्वजनिक सुविधाओं और लोगों की समस्याओं को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ की महिलाओं सहित आम नागरिकों की अपेक्षाओं को नजरअंदाज करने का जवाब आने वाले समय में भाजपा को जनता के बीच देना पड़ेगा।

आप नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र में वर्षों से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा चंडीगढ़ की कई पुरानी समस्याओं का संतोषजनक समाधान नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड के मकानों, मालिकाना हक, पुनर्वास, बुनियादी ढांचे, महिला सुरक्षा और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर शहर के लोग अब स्पष्ट जवाब और समयबद्ध कार्रवाई चाहते हैं। नेताओं ने कहा कि चंडीगढ़ के नागरिकों को चुनावी वादों और घोषणाओं के बजाय ऐसी नीतियां चाहिए, जिनका लाभ उन्हें वास्तव में मिले।
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