By 121 News
Chandigarh, Oct.23, 2026:--भारतीय जनता पार्टी के नेता संजीव वर्मा ने आज चंडीगढ़ के मुख्य वन संरक्षक सौरव कुमार से मुलाकात की और चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को भी पत्र लिखकर सारंगपुर स्थित बॉटनिकल गार्डन एवं नेचर पार्क में आम जनता पर प्रवेश शुल्क लगाने के निर्णय को तत्काल वापस लेने तथा पूर्ववत निःशुल्क प्रवेश बहाल करने की मांग की।
संजीव वर्मा ने इस मांग पत्र को 350 स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर करवाकर मुख्य वन संरक्षक को सौंपा। उन्होंने बताया कि सारंगपुर स्थित बॉटनिकल गार्डन एवं नेचर पार्क में पहले आम जनता को निःशुल्क प्रवेश की सुविधा उपलब्ध थी। विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस के अनुसार 1 नवंबर 2026 से प्रवेश शुल्क लागू किया जाना प्रस्तावित है। इस निर्णय से नियमित रूप से पार्क आने वाले सैकड़ों नागरिकों में गहरा असंतोष उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बॉटनिकल गार्डन एवं नेचर पार्क केवल मनोरंजन का स्थल नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। यहां नागरिक सुबह-शाम सैर, योग, व्यायाम और मानसिक शांति के लिए आते हैं। ऐसे सार्वजनिक हरित स्थलों पर नियमित प्रवेश के लिए शुल्क लगाना आम नागरिकों, विशेषकर मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालना है।
संजीव वर्मा ने कहा कि जब सरकार और समाज नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, शारीरिक गतिविधि बढ़ाने और पर्यावरण से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं, तब सार्वजनिक हरित स्थलों तक उनकी पहुंच को आर्थिक बाधाओं से मुक्त रखना और भी आवश्यक हो जाता है। नियमित सैर करने वाले नागरिकों को हर बार प्रवेश शुल्क देने या मासिक पास खरीदने के लिए मजबूर करना जनहित की भावना के विरुद्ध है।
मुख्य वन संरक्षक को मांग पत्र सौंपते हुए संजीव वर्मा ने स्पष्ट कहा कि बॉटनिकल गार्डन एवं नेचर पार्क में आम जनता के लिए प्रवेश शुल्क लागू करने के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए, पूर्व की भांति सभी नागरिकों के लिए निःशुल्क प्रवेश बहाल किया जाए तथा इस मांग पर अंतिम निर्णय होने तक प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को स्थगित रखा जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि आम जनता के हित, सार्वजनिक सुविधाओं तक समान पहुंच और नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर की जा रही है। 350 स्थानीय लोगों के हस्ताक्षर इस बात का प्रमाण हैं कि यह मुद्दा जनभावना से जुड़ा है।
मुख्य वन संरक्षक सौरव कुमार ने बड़े ध्यानपूर्वक उनकी बातें सुनीं और आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर पुनः विचार करेंगे तथा इस शुल्क से पड़ने वाले दुष्प्रभाव और लोगों की भावनाओं को देखते हुए मसले पर पुनर्विचार करेंगे।
No comments:
Post a Comment