Monday, 26 October 2026

पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए नई किसान हेल्पलाइन शुरू

By 121 News
Chandigarh, Oct.26, 2026:- धान की कटाई का मौसम जारी रहने और पराली जलाने की घटनाओं को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच पंजाब के किसानों के लिए एक विशेष हेल्पलाइन शुरू की गई है। इसके माध्यम से किसान फसल अवशेषों को जलाए बिना उनके प्रबंधन के व्यावहारिक उपायों के बारे में जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।

क्लीन एयर पंजाब, एयरकेयर सेंटर और सांझ पंजाब से जुड़ी पहल सांझा मित्र किसान सहायता केंद्र ने टेलीफोन हेल्पलाइन +91 79737 27514 शुरू की है, जो सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होगी।

इस हेल्पलाइन का उद्देश्य कटाई के मौसम में किसानों के सामने आने वाली सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक का समाधान करना है। इसके तहत किसानों को धान की पराली जलाने के बजाय समय पर उपलब्ध होने वाले किफायती और व्यावहारिक विकल्पों की जानकारी दी जाएगी।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पहल केवल किसानों के सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगी। किसानों से सीधे संवाद के माध्यम से उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि मशीनरी, उसकी उपलब्धता और उसके प्रभावी इस्तेमाल के बारे में मार्गदर्शन दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें मिट्टी की उर्वरता, मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पराली जलाने के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा तथा टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

असर में राज्य जलवायु कार्रवाई की निदेशक सनम ने कहा कि सांझा मित्र को पूरी तरह से किसानों की उन जरूरतों और सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है, जो उन्होंने हमारे संवाद कार्यक्रमों के दौरान साझा किए थे। जब तकनीक किसानों की वास्तविक प्राथमिकताओं के अनुरूप होती है, तो उसका प्रभाव तत्काल और सार्थक होता है। यह मंच किसानों के मोबाइल फोन तक समय पर वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित सहायता पहुंचाता है, जिससे पंजाब में उनकी निर्णय लेने की क्षमता और जलवायु संबंधी चुनौतियों का सामना करने की क्षमता मजबूत होती है।

इस बीच, पराली जलाने की घटनाओं को समाप्त करने की दिशा में बढ़ती जागरूकता को दर्शाते हुए फतेहगढ़ साहिब जिले के पांच गांवों की पंचायतों को जिला स्तरीय किसान शिविर में सम्मानित किया गया।     इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान अपने खेतों में परालीोने देने के लिए सम्मानित किया गया। इन पांच गांवों में धीरपुर, वजीदपुर, बडला, रुड़की और बरोंगा जेर शामिल हैं। पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों की सराहना की गई।

यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि किसानों को अक्सर धान की कटाई और गेहूं की बुवाई के बीच बहुत कम समय मिलता है। समय पर सही मार्गदर्शन और उपयुक्त मशीनरी की उपलब्धता न होने के कारण फसल अवशेषों का प्रबंधन उनके लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित करके सांझा मित्र का उद्देश्य जानकारी की इस कमी को दूर करना, किसानों की समस्याओं का समाधान करना और जमीनी स्तर पर व्यवहार में सकारात्मक बदलाव को प्रोत्साहित करना है।

यह टेलीफोन सेवा सांझा मित्र के पहले से मौजूद व्हाट्सऐप आधारित डिजिटल सहायक की पूरक होगी, जिसे क्लीन एयर पंजाब और एग्री2पावर ने 2,000 से अधिक किसानों के साथ परामर्श के बाद विकसित किया था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान अपने खेतों में पराली जलाने का निर्णय लेने से पहले सही जानकारी और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकें।
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