By 121 News
Chandigarh, Oct.09, 2026:-
चंडीगढ़ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा ने आज कहा कि सीबीआई ने सैनिटरी इंस्पेक्टर शक्ति शर्मा को कथित तौर पर पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़कर भाजपा शासित नगर निगम का असली चेहरा सबके सामने ला दिया है। भाजपा के राज में निगम में भ्रष्टाचार अब कभी-कभार की बात नहीं रह गई, बल्कि यही पूरा सिस्टम बन गया है। आज हालत यह है कि निगम में मोटी रिश्वत दिए बिना कोई काम नहीं होता।
राजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा मामला दिखाता है कि भ्रष्टाचार की यह सड़न कितनी गहरी है। एफआईआर के साथ लगी शिकायत में आरोप है कि एक ठेकेदार से 14 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई और यह पैसा संयुक्त आयुक्त समेत निगम के बड़े अफसरों में बंटना था। सीबीआई की अपनी जांच में भी रिकॉर्ड की गई बातचीत में रिश्वत की रकम दूसरे अफसरों में बांटने का जिक्र मिला है। शर्मा ने कहा, "एक सैनिटरी इंस्पेक्टर अकेले इतना बड़ा रैकेट नहीं चला सकता। पैसा साफ तौर पर ऊपर तक जा रहा था, और यह ऊपर कहां तक पहुंचा, इसका पता सिर्फ एक निष्पक्ष जांच से ही चलेगा।" उन्होंने सवाल उठाया कि सीबीआई ने आरोपी का पुलिस रिमांड क्यों नहीं मांगा और सिर्फ न्यायिक हिरासत ही क्यों मांगी, जबकि पुलिस रिमांड से रिश्वतखोरों की पूरी चेन सामने आ सकती थी।
यह पहली बार नहीं है जब इसी विभाग के लोग पकड़े गए हों। 2023 में भी सीबीआई ने मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ विंग के एक चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर और एक हेल्थ सुपरवाइजर को कथित तौर पर रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। बाद में चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर के लॉकरों से 1.6 करोड़ रुपये का सोना बरामद हुआ था। अगस्त 2025 में एक बेलदार ने एनफोर्समेंट विंग में हर महीने की उगाही का आरोप लगाया, जिस पर कुछ कर्मचारियों के तबादले हुए, विजिलेंस जांच हुई और एफआईआर भी दर्ज की गई। इसके बावजूद कुछ नहीं बदला और रिश्वत का धंधा बेखौफ चलता रहा। उन्होंने कहा कि आज शहर की टूटी सड़कें, जगह-जगह कूड़े के ढेर और बदहाल नागरिक सुविधाएं निगम की चौतरफा लूट और भ्रष्टाचार का सीधा परिणाम हैं।
जनता के पैसे की इस लूट को रोकने के लिए शर्मा ने मांग की कि इस मामले में जिन अफसरों के नाम आए हैं, उन्हें तुरंत निगम की सारी जिम्मेदारियों से हटाकर सस्पेंड किया जाए, ताकि वे गवाहों पर दबाव न डाल सकें और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ न कर सकें। उन्होंने कहा कि सीबीआई को अपनी जांच का दायरा बढ़ाकर उन सभी अफसरों और कर्मचारियों तक पहुंचना चाहिए जो इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं, चाहे वे कितने भी ताकतवर क्यों न हों। साथ ही उन्होंने चंडीगढ़ के प्रशासक से अपील की कि किसी को भी बचाने की कोशिश न हो और भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ बिना किसी डर या पक्षपात के सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा, कि जिस चंडीगढ़ को कभी पूरी दुनिया 'सिटी ब्यूटीफुल' के नाम से सराहती थी, उसे भाजपा शासित नगर निगम ने रिश्वतखोरी का शहर बना दिया है। शहर के लोग इस धोखे को कभी माफ नहीं करेंगे। भ्रष्टाचार की यह सड़न अब हर हाल में खत्म होनी चाहिए।
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