Sunday, 13 September 2026

परमात्मा का एहसास ही मन को भक्ति, प्रेम और समर्पण के भाव से सराबोर करता है: निरंकारी राजपिता रमित जी

By 121 News
Chandigarh, Sept.13, 2026:- सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन आशीर्वाद से चंडीगढ़ के सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में विशाल निरंकारी संत समागम आयोजित हुआ। भारी बरसात के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संत पहुंचे और निरंकारी राजपिता रमित जी के पावन वचनों का आनंद लिया। वर्षा भी श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्ति को कम नहीं कर सकी।

समागम में संतों ने गीतों, भजनों एवं विचारों के माध्यम से सतगुरु की शिक्षाओं को सांझा किया, जिससे वातावरण प्रेम, भक्ति और श्रद्धा से सराबोर हो उठा।

इस अवसर पर निरंकारी राजपिता रमित जी ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य माया, धन-दौलत और शोहरत की चकाचौंध में खोना नहीं, बल्कि परमात्मा की पहचान करना है। सतगुरु द्वारा प्रदान किया गया ब्रह्मज्ञान मनुष्य को उसके वास्तविक स्वरूप से परिचित कर परमात्मा के साथ उसके संबंध का एहसास कराता है।

संसार के आकर्षणों में उलझकर मनुष्य कई बार अपने जीवन के मूल उद्देश्य को भूल जाता है। ब्रह्मज्ञान के माध्यम से जब यह एहसास होता है कि हम परमात्मा के अंश हैं, तो जीवन को सही दिशा और भक्ति को वास्तविक भाव मिलता है।

भारी बरसात का आध्यात्मिक भाव प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि आज ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो बरसात भी संतों के प्रेम और भक्ति में शामिल होने आई हो। जिस प्रकार संत वर्षा में भीग रहे हैं, उसी प्रकार वे परमात्मा के एहसास, भक्ति और सतगुरु के प्रेम में भी सदैव भीगे रहें।

अंत में दातार से प्रार्थना की कि सभी श्रद्धालुओं के जीवन में प्रेम, भक्ति और परमात्मा का एहसास निरंतर बना रहे। साथ ही, निरंकारी आध्यात्मिक स्थल समालखा में आयोजित होने वाले वार्षिक संत समागम में श्रद्धालुओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।
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