By 121 News
Chandigarh, July 06, 2026:- चंडीगढ़ ललित कला अकादमी (सीएलकेए) ने चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन (सीपीए) के सहयोग चंडीगढ़ के सेक्टर-17 को रोज़ गार्डन से जोड़ने वाले अंडरपास स्थित सीएलकेए गैलरी में चंडीगढ़ मूल के तथा न्यूयॉर्क स्थित युवा दृश्य कलाकार वासुदेव वशिष्ठ की फोटोग्राफी प्रदर्शनी ‘ड्रीमिंग एन आइडियल नेचर’ का शुभारंभ किया।
प्रदर्शनी का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा, उपाध्यक्ष रविंदर शर्मा, चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरोज सिंह चौहान, पंजाब के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव करण बीर सिंह सिद्धू (आईएएस), पंजाब विश्वविद्यालय की पूर्व डीन एवं प्रोफेसर योजना रावत तथा हरियाणा क्वालिटी एश्योरेंस अथॉरिटी के अध्यक्ष एवं हरियाणा के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कला संस्कृतियों, समुदायों और देशों के बीच संवाद, आपसी समझ तथा वैश्विक चुनौतियों के प्रति साझा उत्तरदायित्व विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है। इसी उद्देश्य के साथ वर्ष 1966 से दृश्य कलाओं के संवर्धन के लिए कार्यरत चंडीगढ़ ललित कला अकादमी तथा पिछले 35 वर्षों से ट्राईसिटी के फोटोग्राफरों का प्रतिनिधित्व कर रही गैर-लाभकारी संस्था चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन ने युवा एवं उभरते हुए दृश्य कलाकार वासुदेव वशिष्ठ की यह प्रदर्शनी आयोजित की है।
वासुदेव वशिष्ठ की कलात्मक साधना फोटोग्राफी के भौतिक और पारिस्थितिक आयामों की पड़ताल करती है। वे फोटोग्राफी को केवल दृश्य प्रस्तुत करने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रकृति और कलाकार के बीच एक सहयोगात्मक एवं संवेदनशील प्रक्रिया के रूप में देखते हैं। उनका कार्य फील्ड रिसर्च, डार्करूम प्रयोगों और सामाजिक सहभागिता पर आधारित है, जिसमें यह दिखाया गया है कि फोटोग्राफिक सामग्री और प्राकृतिक तंत्र किस प्रकार मिलकर एक ऐसी छवि का निर्माण करते हैं जो भौतिक होने के साथ-साथ संबंधों को भी अभिव्यक्त करती है।
वे मिट्टी, प्रदूषित जल, कम्पोस्ट तथा पौधों के अर्क जैसी प्राकृतिक सामग्रियों को फोटोग्राफी की प्रक्रिया का हिस्सा बनाते हैं, जिससे पर्यावरण स्वयं छवि निर्माण में सहभागी बन जाता है। ये तत्व केवल विषय नहीं बल्कि सह-रचनाकार की भूमिका निभाते हैं और स्पर्श, रासायनिक प्रतिक्रिया तथा प्राकृतिक क्षरण के माध्यम से चित्रों को नया स्वरूप देते हैं। संयोग, परिवर्तनशीलता और प्रकृति के गैर-मानवीय तत्वों की सक्रिय भूमिका को स्वीकार करते हुए उनका कार्य फोटोग्राफी की पारंपरिक अवधारणाओं को चुनौती देता है तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और पारस्परिक सहयोग पर आधारित नई दृष्टि प्रस्तुत करता है।
वासुदेव वशिष्ठ की कृतियाँ न्यूयॉर्क फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स, अर्थ पार्टनर क्रिएट COP29, ईकोआर्ट फेस्टिवल, फोटोविल फेस्टिवल, बैक्सटर स्ट्रीट कैमरा क्लब ऑफ न्यूयॉर्क, जयपुर आर्ट वीक (भारत) तथा चीन के लिशुई फोटोग्राफी फेस्टिवल सहित अनेक प्रतिष्ठित मंचों पर प्रदर्शित हो चुकी हैं। हाल ही में उन्हें एन फोको आर्टिस्ट फेलोशिप तथा न्यूयॉर्क फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स इमिग्रेंट आर्टिस्ट प्रोग्राम फेलोशिप से सम्मानित किया गया। उन्होंने पेरू के एंडीज़ क्षेत्र तथा न्यूयॉर्क के विभिन्न समुदायों के साथ कार्यशालाओं का संचालन किया है तथा अपने शोध को मैसाचुसेट्स म्यूज़ियम ऑफ कंटेम्परेरी आर्ट, सोसायटी फॉर फोटोग्राफिक एजुकेशन के वार्षिक सम्मेलन और अर्बन सॉयल इंस्टीट्यूट, न्यूयॉर्क सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रस्तुत किया है।
चंडीगढ़ में जन्मे वासुदेव वशिष्ठ ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जॉन्स हाई स्कूल, चंडीगढ़ से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पीईसी यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में बी.ई. तथा पार्सन्स स्कूल ऑफ डिज़ाइन, न्यूयॉर्क से फोटोग्राफी में एम.एफ.ए. की उपाधि प्राप्त की। चंडीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय स्तर के उभरते कलाकार बनने तक की उनकी यात्रा शिक्षा, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की प्रेरणादायक मिसाल है।
शहर के लिए यह गर्व का विषय है कि न्यूयॉर्क फाउंडेशन फॉर द आर्ट्स-2026 के विश्वप्रसिद्ध कार्यक्रम में चयनित 17 प्रवासी कलाकारों में भारतीय मूल के एकमात्र कलाकार वासुदेव वशिष्ठ हैं। इस कार्यक्रम में अमेरिका, फ्रांस, ताइवान, मेक्सिको, जापान, इक्वाडोर, चीन, डोमिनिकन रिपब्लिक, ब्राज़ील, जर्मनी, ईरान, कनाडा, अर्जेंटीना, दक्षिण कोरिया और भारत सहित विभिन्न देशों के कलाकारों की कृतियाँ फोर्ड फाउंडेशन लाइव गैलरी में प्रदर्शित की गईं।
कलाकार की सराहना करते हुए चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा ने कहा, "यह प्रदर्शनी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक दुर्लभ उदाहरण है। कलाकार में रंगों, संयोजन और अभिव्यक्ति की अद्भुत समझ दिखाई देती है।"
चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सरोज सिंह चौहान ने कहा कि हमारी संस्था उत्तर भारत के दृश्य कलाकारों और पेशेवर फोटोग्राफरों को मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जुलाई के अंत में किसान भवन, चंडीगढ़ में आयोजित होने वाले हमारे फोटो-वीडियो एक्सपो में भी वासुदेव वशिष्ठ की कृतियाँ प्रदर्शित की जाएंगी।
‘ड्रीमिंग एन आइडियल नेचर’ प्रदर्शनी में कुल 36 फोटोग्राफिक कृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं। यह संग्रह स्थान और विषय के आधार पर व्यवस्थित किया गया है तथा इसमें एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रकार की फोटोग्राफी तकनीकों का उपयोग किया गया है। प्रदर्शनी का मूल आधार लोगों और प्रकृति के साथ सहयोग की भावना है। इसमें कार्यशालाओं, सामुदायिक उद्यानों और व्यक्तिचित्रों के डिजिटल दस्तावेज़ीकरण से लेकर प्रदूषित झीलों के पानी तथा खनन क्षेत्रों की विषैली मिट्टी का उपयोग कर तैयार किए गए प्रयोगात्मक डार्करूम प्रिंट्स तक विविध कृतियाँ शामिल हैं। ये सभी रचनाएँ पर्यावरणीय प्रदूषण, सामूहिक सहभागिता तथा मनुष्य, समाज और प्रकृति के परस्पर संबंधों को केंद्र में रखती हैं। फोटोग्राफी, पारिस्थितिक हस्तक्षेप और सहभागी कला प्रक्रियाओं के माध्यम से यह प्रदर्शनी सामाजिक एवं पर्यावरणीय परिदृश्यों से जुड़ने के नए आयाम प्रस्तुत करती है।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में 150 से अधिक लोगों ने भाग लिया और प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना की। समारोह में चंडीगढ़ ललित कला अकादमी एवं चंडीगढ़ फोटोग्राफर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा कलाकारों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों, न्यायपालिका, इंजीनियरों, उद्योगपतियों, व्यापारियों तथा विभिन्न रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशनों (एमडब्ल्यूए) के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के अंत में कलाकार के पिता विनोद वशिष्ठ ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
यह प्रदर्शनी 11 जुलाई, 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।
No comments:
Post a Comment