By 121 News
Chandigarh, July 06, 2026:-आज टैक्सी यूनियन के प्रधान अमनदीप सिंह मदन के नेतृत्व में ड्राइवर साथियों के साथ पूर्व महापौर कमलेश बनारसीदास, बी.एम. खन्ना, मनीष लांबा, कमलेश रमेश और मदन ने सेक्टर‑25 में पिछले 36 दिनों से चल रही टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल स्थल का दौरा किया। वहाँ जाकर उन्होंने देखा कि बारिश के बीच भी ड्राइवर बेहद मुश्किल हालात में बैठे हैं, जहाँ न तो बैठने की उचित व्यवस्था है, न खाने‑पीने की, और न बिजली की सुविधा।
ड्राइवरों ने बताया कि बड़ी कैब कंपनियाँ जैसे ओला, उबर आदि उन्हें न तो बीमा उपलब्ध कराती हैं, न ईएसआई और न ही ईपीएफ जैसी कोई सामाजिक सुरक्षा सुविधा देती हैं। इसके अलावा, उनके लिए तय किए गए किराये/रेट बहुत पुराने हैं, जबकि पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी और गैस की कीमतें लगातार बढ़ चुकी हैं। इससे उनकी रोज़ाना की कमाई पर गंभीर असर पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनियाँ सुबह ही लगभग 200 रुपये अग्रिम शुल्क वसूल लेती हैं, चाहे ड्राइवर को काम मिले या न मिले। साथ ही टैक्सी की किस्तें, बच्चों की पढ़ाई और घर‑परिवार का खर्च उठाना उनके लिए कठिन होता जा रहा है। जिन ड्राइवरों ने लोन पर वाहन लिए हैं, वे किस्तें भी समय पर नहीं चुका पा रहे हैं।
एक और गंभीर मुद्दा यह सामने आया कि कुछ कंपनियाँ टैक्सी नंबर के बजाय निजी नंबरों वाले वाहनों को भी काम दे रही हैं। इससे रिकॉर्ड, पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठते हैं। यदि किसी प्रकार की घटना घटती है, तो ऐसे वाहनों की पहचान और जवाबदेही तय करना मुश्किल हो सकता है।
टैक्सी यूनियन की मांग है कि चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा तय किए गए किराये तुरंत लागू किए जाएँ, और एग्रीगेटर नीति को सख्ती से लागू कराया जाए। साथ ही, निजी वाहनों को व्यावसायिक काम में लगाने पर स्पष्ट नियम बनें और टैक्सी ड्राइवरों को सामाजिक सुरक्षा व उचित आय की गारंटी दी जाए।
पूर्व महापौर कमलेश बनारसीदास और उनके साथियों ने प्रशासन से अपील की कि वह इस मामले को गंभीरता से लेकर जल्द से जल्द कार्रवाई करे, ताकि टैक्सी ड्राइवर सम्मानजनक तरीके से अपनी रोज़ी‑रोटी कमा सकें और अपने परिवार का भरण‑पोषण कर सकें। हमने गवर्नर साहिब और नीतिश सिंगला से मिलने का टाइम भी मांगा है ताकि इनकी समस्या का समाधान करवा सके
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