Friday, 2 October 2026

युवा शांति घोषणा-पत्र के साथ 19वें वैश्विक युवा शांति महोत्सव का चंडीगढ़ में समापन; 2027 में कुआलालंपुर करेगा 20वें महोत्सव की मेजबानी

By 121 News

Chandigarh, Oct.02,2026:-“आई एम द चेंज” विषय पर आयोजित 19वें वैश्विक युवा शांति महोत्सव (जीवाईपीएफ 2026) का आज उत्साहपूर्ण समापन सत्र और पुरस्कार एवं सम्मान समारोह के साथ समापन हुआ। महोत्सव का आयोजन युवसत्ता (यूथ फॉर पीस) ने जीजीडीएसडी कॉलेज, सेक्टर 32-सी, चंडीगढ़ के सहयोग से किया। चितकारा विश्वविद्यालय लंबे समय से इस आयोजन की सहयोगी संस्था रही है।

समापन सत्र में चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर चितकारा विश्वविद्यालय की प्रति-कुलपति डॉ. संगीता पंत, जीजीडीएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा और युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा भी मौजूद रहे। मलेशिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, मॉरीशस और कनाडा से आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ भारत के विभिन्न हिस्सों से युवाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

समारोह का मुख्य आकर्षण वरिष्ठ गांधीवादी शांति कार्यकर्ता देव टायडे द्वारा प्रस्तुत चंडीगढ़ युवा शांति घोषणा-पत्र 2026 रहा। मंच पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर इसे स्वीकार किया, जबकि सभागार में मौजूद लोगों ने भी शांति के लिए सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों को जीवाईपीएफ स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। भारत, मलेशिया, श्रीलंका, बांग्लादेश और मॉरीशस के युवाओं तथा शांति के क्षेत्र में कार्यरत प्रतिनिधियों को जीवाईपीएफ युवा नेतृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया गया। दो दशकों से अधिक समय से आयोजन के साथ जुड़ी चितकारा विश्वविद्यालय को विशेष सम्मान पुरस्कार प्रदान किया गया।

चंडीगढ़ के महापौर ने मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल और भाग लेने वाले विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ मिलकर 20वें वैश्विक युवा शांति महोत्सव (जीवाईपीएफ 2027) के मलेशिया के कुआलालंपुर में आयोजन की घोषणा करने वाले बैनर और चित्र-पटल का अनावरण किया। यह आयोजन जीवाईपीएफ के 20 वर्षों (2008–2027) और भारत-मलेशिया के बीच बढ़ती मित्रता को भी रेखांकित करेगा।

चंडीगढ़ के महापौर सौरभ जोशी ने कहा कि युवा केवल भविष्य नहीं हैं, बल्कि वे वर्तमान की अंतरात्मा भी हैं। चंडीगढ़ को इस तरह के वैश्विक आयोजन की मेजबानी पर गर्व है। शांति और जिम्मेदारी के मार्ग पर दुनिया भर के युवाओं को एक साथ लाने के लिए मैं युवसत्ता और जीजीडीएसडी कॉलेज को बधाई देता हूं।

जीजीडीएसडी कॉलेज, चंडीगढ़ के प्रिंसिपल डॉ. अजय शर्मा ने कहा, “जीवाईपीएफ ने हमारे विद्यार्थियों को यह समझाया है कि शांति कोई दूर का आदर्श नहीं, बल्कि इसे रोजमर्रा के जीवन में अपनाने की जरूरत है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मेजबानी से विद्यार्थियों का दृष्टिकोण व्यापक हुआ है और हमें इस यात्रा में भागीदार बनकर खुशी है।

युवसत्ता के संस्थापक प्रमोद शर्मा ने कहा, “करीब दो दशकों से जीवाईपीएफ इस विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है कि प्रत्येक युवा बदलाव का वाहक बन सकता है। चंडीगढ़ युवा शांति घोषणा-पत्र इस पीढ़ी की आवाज को सामने लाता है और कुआलालंपुर तक हमारी यह यात्रा इस संदेश को और आगे लेकर जाएगी।

मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल की नागेश्वरी ने कहा, “हमारे प्रतिनिधिमंडल की ओर से मैं सभी का जीवाईपीएफ 2027 के लिए मलेशिया में हार्दिक स्वागत करती हूं। चंडीगढ़ में हमारा बेहद प्यार और गर्मजोशी से स्वागत किया गया और हम कुआलालंपुर में उसी आतिथ्य को लौटाने के लिए उत्सुक हैं।

सहयोगी एवं भाग लेने वाली संस्थाएं: चितकारा विश्वविद्यालय, पंजाब; जीजीडीएसडी कॉलेज, चंडीगढ़; एमएजीएए और पर्सातुआन बेलिया दिनामिक बारात, मलेशिया; राष्ट्रीय युवा एवं खेल विभाग, युवा एवं खेल मंत्रालय, मलेशिया; अंतरराष्ट्रीय युवा केंद्र, कुआलालंपुर; मलेशियाई हिंदू युवा परिषद; बांग्लादेश युवा फाउंडेशन; युवा, मॉरीशस; सेंट निकोलस अंतरराष्ट्रीय कॉलेज, नेगोंबो, श्रीलंका; बॉम्बे सर्वोदय मंडल, महाराष्ट्र तथा प्ले फॉर पीस, इंडिया।

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