By 121 News
Chandigarh, Aug.03, 2026:-बिहार में अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे छात्रों पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और गोलीबारी, जिसमें लगभग 20 छात्र घायल हुए, के विरोध में आज चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई द्वारा सेक्टर-17 प्लाज़ा में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की तथा एनएसयूआई के "छात्रों की गूंज" अभियान के चंडीगढ़ प्रभारी हुसैन सुल्तानिया ने किया।
धरने में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बिहार सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, न्यायिक जांच और घायल छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। इस अवसर पर राजदीप सिद्धू, सचिन गालव, जतिन सिंह, राहुल सहित अनेक कांग्रेस एवं एनएसयूआई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए एच.एस. लक्की ने कहा कि बिहार में छात्रों पर गोलियां चलवाना लोकतंत्र की हत्या है। यह घटना साबित करती है कि भाजपा-जेडीयू की सरकार युवाओं के सवालों से घबरा चुकी है और अब लोकतांत्रिक आवाजों का जवाब संवाद से नहीं बल्कि बंदूक की गोलियों से दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा रोजगार, पारदर्शी भर्ती और बेहतर शिक्षा की मांग करे और उसे बदले में लाठियां और गोलियां मिलें, उससे बड़ी विफलता किसी सरकार की नहीं हो सकती।
लक्की ने कहा कि आज देश का युवा बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती घोटालों और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से त्रस्त है। लेकिन समस्याओं का समाधान करने के बजाय भाजपा की सरकारें छात्रों को अपराधी की तरह कुचलने में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार छात्रों की आवाज दबा सकती है, लेकिन उनके अधिकारों की लड़ाई को कभी खत्म नहीं कर सकती। कांग्रेस पार्टी हर छात्र के सम्मान, अधिकार और भविष्य की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
हुसैन सुल्तानिया ने अपने संबोधन में कहा कि जो सरकार छात्रों की कलम और संविधान की ताकत से डरकर गोलियां चलवाए, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बिहार की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा-जेडीयू सरकार लोकतांत्रिक विरोध को भी बर्दाश्त करने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने कहा कि छात्र नौकरी मांग रहे थे, न्याय मांग रहे थे और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें गोलियां देकर जवाब दिया। यह केवल छात्रों पर हमला नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान पर हमला है। एनएसयूआई इस दमन के खिलाफ पूरे देश में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
धरने के अंत में कांग्रेस और एनएसयूआई ने मांग की कि बिहार में छात्रों पर हुई गोलीबारी की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, गोली चलाने के आदेश देने वाले अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल आपराधिक कार्रवाई की जाए, घायल छात्रों को उचित मुआवजा और सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस और एनएसयूआई देशभर में आंदोलन को और तेज करेगी।
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