Friday, 14 August 2026

मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के खिलाफ चंडीगढ़ कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

By 121 News
Chandigarh, Aug.14, 2026:-चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान के विरोध में आज राजीव गांधी भवन, सेक्टर-35 के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लकी ने किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और पार्टी के पार्षदों ने इसमें भाग लेकर इस घटना के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीरें हाथों में लेकर सामाजिक समानता, संविधान और दलित सम्मान के पक्ष में नारे लगाए। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। , इसके दो दिन बाद कुछ संगठनों द्वारा वहां ‘शुद्धिकरण’ का कार्यक्रम किया गया और गंगाजल का छिड़काव किया गया। यह मामला  संसद में भी उठा ।
 
धरने को संबोधित करते हुए एच.एस. लकी ने कहा कि हल्द्वानी की घटना ने देश के सामने एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा किया है—क्या आज भी किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके स्पर्श अथवा उसके आने से किसी सार्वजनिक स्थान को ‘अपवित्र’ मानने की मानसिकता जिंदा है?
उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टियों में से एक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और देश के वरिष्ठतम जन नेताओं में शामिल हैं। वे अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। ऐसे में उनके कार्यक्रम के बाद किसी स्थल का कथित ‘शुद्धिकरण’ किया जाना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि सदियों से सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करने वाले करोड़ों दलितों और वंचितों के सम्मान पर चोट है।
लकी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस संविधान के माध्यम से हर भारतीय को समान अधिकार, समान सम्मान और समान नागरिकता दी, उस संविधान के भारत में किसी इंसान के आने से किसी जगह के ‘अपवित्र’ होने की सोच के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मानसिकता के खिलाफ देशभर में आवाज उठाएगी और तब तक चुप नहीं बैठेगी जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई नहीं की जाती। किसी व्यक्ति के कारण स्थान को अपवित्र बताना सामाजिक भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है ।
लकी ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस किसी धर्म की आस्था या धार्मिक परंपराओं के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी धर्म या आस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि उस मानसिकता के खिलाफ है जो किसी इंसान को उसकी जाति के कारण कमतर समझती है।”
उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति की असली पहचान समानता, भाईचारा और सर्वधर्म सम्मान है। किसी व्यक्ति के आने के बाद सार्वजनिक स्थल का ‘शुद्धिकरण’ करने जैसी घटना सामाजिक समरसता के लिए बेहद चिंताजनक है।

लकी ने कहा कि इस घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वयं राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए इसे छुआछूत की पीड़ा से जोड़ा। , उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें अपमान और अस्पृश्यता की भावना का अनुभव हुआ।
उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में सामाजिक न्याय और संविधान में विश्वास करती है तो उसे इस मामले को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे। 

एच.एस. लकी ने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है—
हल्द्वानी की घटना की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो।
‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम में शामिल लोगों की पहचान कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
दोषी लोगों की राजनीतिक अथवा सामाजिक पहचान चाहे जो भी हो, उन्हें किसी प्रकार का संरक्षण न मिले।
इस कृत्य के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे से ही नहीं, बल्कि पूरे देश और दलित समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए।
केंद्र और राज्य सरकार यह स्पष्ट करें कि भारत में जाति आधारित भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल मल्लिकार्जुन खड़गे के सम्मान की नहीं है। यह हर उस भारतीय के सम्मान की लड़ाई है जिसे संविधान ने बराबरी का अधिकार दिया है। यह बाबा साहेब अंबेडकर के संविधान की रक्षा की लड़ाई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो चंडीगढ़ से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

लकी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द से जल्द इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो चंडीगढ़ कांग्रेस अपने आंदोलन को और व्यापक करेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस डरने या चुप बैठने वाली पार्टी नहीं है। सामाजिक न्याय, संविधान और दलित सम्मान पर जब भी हमला होगा, कांग्रेस सबसे आगे खड़ी मिलेगी। अगर केंद्र सरकार ने इस मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा तथा इस मुद्दे को जनता के बीच मजबूती से उठाया जाएगा।
धरने को संबोधित करने वाले अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी हल्द्वानी की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर के संविधान के भारत में जाति के आधार पर किसी व्यक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। नेताओं ने कहा कि दलितों के सम्मान और सामाजिक समानता की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरे देश में मजबूती से आवाज उठाएगी।
चंडीगढ़ कांग्रेस ने अंत में स्पष्ट किया कि भारत को पीछे ले जाने वाली जातिवादी और भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा तथा संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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