By 121 News
Chandigarh, July 15, 2026:-चंडीगढ़ निगार निगम के पूर्व पार्षद एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रकोष्ठ समन्वयक शक्ति प्रकाश देवशाली ने कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल द्वारा राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे के सम्बन्ध में दिए गए बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि बयान पढ़कर उन्हें बरबस ही 'छाज तो बोले छलनी भी बोले......' वाली कहावत याद आ गई। देवशाली ने उनका जयपुर में दिया गया बयान याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि मंदिर के लिए चंदे को लेकर लोगों ने संपर्क किया था लेकिन मैंने मना कर दिया।
देवशाली ने कहा कि पवन कुमार बंसल को ऐसे बयान देने से पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। जिन लोगों की पार्टी की सरकार ने देश के बहुसंख्य वर्ग के आराध्य प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न खड़े किये, श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में रोड़े अटकाने के लिए कोर्ट में विरोध में वकीलों की फ़ौज खड़ी की, प्रभु श्रीराम को काल्पनिक बताने वाला शपथ-पत्र तक न्यायालय में दिया और जब मंदिर निर्माण के लिए चंदे की बात आई तो स्पष्ट रूप से मना करने पर जिन्हें गर्व का आभास हुआ, ऐसे लोगों को राममंदिर ट्रस्ट पर टीका- टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं।
देवशाली ने कहा कि देशवासी न तो पवन कुमार बंसल के रेल मंत्री रहते रेलवे में पोस्टिंग प्राप्त करने के लिए चलते रहे खेल को भूल पाए हैं और न ही चंडीगढ़ के लोग आज तक 'बूथ घोटाला' एवं अन्य भर्तियों में हुए गोलमाल को भूल पाए हैं। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इन सबकी जांच करवाने की बात करते तो शायद लोग आपकी बात सुनते। पवन बंसल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 'जिनके घर शीशे के होते हैं, वे औरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते'।
देवशाली ने पवन बंसल को याद दिलाते हुए कहा कि उनके कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान ही कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने 'एक रूपया-राम के नाम' अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान एकत्र की गई राशि के बारे में भी कुछ प्रकाश डालते तो अच्छा रहता।
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