By 121 News
Chandigarh, June 13, 2026:- चंडीगढ़ नगर निगम की अप्रैल 2026 के बाद से हाउस मीटिंग न बुलाए जाने पर पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर एवं वार्ड नं. 24 के पार्षद जसबीर सिंह बंटी ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे शहर के अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता के हितों से जुड़े कई मुद्दे लंबित पड़े हैं।
जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि नगर निगम की हाउस मीटिंग लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जहां शहर के विकास, बुनियादी सुविधाओं और जनहित से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा कर निर्णय लिए जाते हैं। लेकिन पिछले कई महीनों से हाउस मीटिंग न होने के कारण अनेक परियोजनाएं और विकास कार्य मंजूरी के इंतजार में रुके हुए हैं, जिसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हाल ही में ऋषिकेश में मेयर सौरभ जोशी द्वारा दिया गया यह बयान कि “चंडीगढ़ में मेयर से ज्यादा शक्तिशाली उसका चपरासी है” अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। यदि मेयर स्वयं को इतना शक्तिहीन महसूस करते हैं कि वे अपने अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि वे अपने दायित्वों का निर्वहन करने में असमर्थ हैं, तो नैतिक आधार पर अपने पद पर पुनर्विचार करना चाहिए।
बंटी ने कहा कि पूर्व में अक्सर विकास कार्यों में देरी का कारण वित्तीय संसाधनों की कमी बताया जाता था, जबकि वर्तमान में नगर निगम के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हैं। इसके बावजूद हाउस मीटिंग न बुलाए जाने से विकास कार्यों का अटकना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
उन्होंने चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से आग्रह किया कि शहर के विकास और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर निगम की हाउस मीटिंग शीघ्र बुलाई जाए, ताकि लंबित प्रस्तावों को मंजूरी मिल सके और रुके हुए विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके।
जसबीर सिंह बंटी ने कहा कि नगर निगम का मूल उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और शहर के विकास को सुनिश्चित करना है। वर्तमान स्थिति में राजनीतिक और प्रशासनिक कारणों से विकास कार्य प्रभावित होना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से इस विषय में तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
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