By 121 News
Chandigarh, June 06, 2026:-चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा डीबीटी राशन कार्ड धारकों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन व्यवस्था) में प्रस्तावित बदलाव को लेकर लोगों में चिंता और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पात्र राशन कार्ड धारकों को राशन सामग्री उपलब्ध कराने के बजाय उसके बराबर राशि डिजिटल करेंसी के रूप में पीएनबी डिजिटल रुपी ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई है, जिसका उपयोग केवल प्रशासन द्वारा चिन्हित दुकानों पर ही किया जा सकेगा।
इस विषय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चंडीगढ़ के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर जसवीर सिंह बंटी ने कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों, विशेषकर गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए अनेक व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने कहा कि कई लाभार्थी तकनीकी संसाधनों और डिजिटल भुगतान प्रणालियों के उपयोग से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें आवश्यक खाद्य सामग्री प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जसबीर बंटी ने कहा कि वर्तमान राशन वितरण प्रणाली सीधे तौर पर लाभार्थियों को खाद्यान्न उपलब्ध कराती है, जिससे उनके परिवारों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है। यदि इसके स्थान पर सीमित दुकानों पर उपयोग की जाने वाली डिजिटल करेंसी व्यवस्था लागू की जाती है, तो इससे लोगों की सुविधा, विकल्पों और पहुंच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उन्होंने चंडीगढ़ के प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल महोदय से अपील की कि इस प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाए तथा राशन कार्ड धारकों को पूर्व की भांति सीधे राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले आम जनता, सामाजिक संगठनों तथा जनप्रतिनिधियों की राय अवश्य ली जानी चाहिए।
जसबीर सिंह बंटी ने प्रशासन से मांग की कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए ऐसी किसी भी व्यवस्था को लागू न किया जाए, जिससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग को असुविधा हो। उन्होंने कहा कि जनता की सुविधाओं और अधिकारों की रक्षा के लिए वे इस मुद्दे को लगातार उठाते रहेंगे और जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी इस विषय को मजबूती से रखेंगे।
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