By 121 News
Chandigarh, June 10, 2026:- गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच), सेक्टर-32, चंडीगढ़ के सामुदायिक चिकित्सा विभाग एवं मनोरोग विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-2 (एनएमएचएस-2) के अंतर्गत मेन्टल हेल्थ सिस्टम असेसमेंट (एमएचएसए) सर्वसम्मति बैठक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार वालिया ने सभी गणमान्य अतिथियों एवं हितधारकों का स्वागत किया। जीएमसीएच-32 की डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. रवनीत कौर ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण के महत्व पर बल दिया तथा एनएमएचएस-2 टीम के प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज ऑथोरिटी, चंडीगढ़ के चीफ जुडिशल मेजिस्ट्रेट कम सेक्रेटरी सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य को समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग बताते हुए मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की हेड डॉ. सोनिया पुरी और मनोरोग विभाग की प्रो. प्रीति अरुण ने एनएमएचएस-2 एवं मेन्टल हेल्थ सिस्टम असेसमेंट का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एनएमएचएस-2 भारत के सभी 28 राज्यों एवं 8 केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करेगा तथा आईसीडी-11 के आधार पर मानसिक रोगों की व्यापकता, उपचार अंतराल, उपचार तक पहुंच के मार्ग, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता एवं राज्य-स्तरीय कार्ययोजनाओं का आकलन करेगा।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-1 (2015-16) की उपलब्धियों पर भी चर्चा की गई, जिसमें मानसिक एवं मादक पदार्थ उपयोग विकारों की व्यापकता, उपचार अंतराल, स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का आकलन किया गया था। बताया गया कि एनएमएचएस-2 इस कार्य को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।
प्रतिभागियों को वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य परिदृश्य से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि विश्वभर में एक अरब से अधिक लोग किसी न किसी मानसिक विकार से प्रभावित हैं, जिससे मजबूत मानसिक स्वास्थ्य प्रणालियों की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। बैठक में भारत की प्रमुख मानसिक स्वास्थ्य पहलों जैसे राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (1982), राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति (2014) तथा मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (2017) पर भी चर्चा की गई।
बैठक में चंडीगढ़ में उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं, विशेषज्ञ कर्मचारियों की उपलब्धता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विभिन्न संस्थाओं के सहयोग, निगरानी व्यवस्था तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में मानसिक स्वास्थ्य को शामिल करने, मोबाइल मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रमों और मानसिक स्वास्थ्य कानूनों के क्रियान्वयन जैसे प्रयासों की समीक्षा की गई।
निमहांस (NIMHANS) से डॉ. गिरीश राव ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया और चंडीगढ़ टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि एनएमएचएस-2 के निष्कर्ष देशभर में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और उपचार संबंधी कमियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
बैठक का समापन विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श और सहमति निर्माण प्रक्रिया के साथ हुआ। इसमें चंडीगढ़ में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा एनएमएचएस-2 के तहत साक्ष्य आधारित नीतियां तैयार करने के लिए सुझावों पर चर्चा की गई।
No comments:
Post a Comment