Tuesday, 25 March 2025

हरियाणा की राजधानी हरियाणा के बीच बनाओ: रणदीप लोहचब नया विधानसभा भवन चंडीगढ़ में नही हरियाणा के बीच बनाओ: रणदीप लोहचब

By 121 News
Chandigarh, Mar.25, 2025-हरियाणा प्रदेश के अस्तित्व में आने के 58 वर्ष बाद भी हम अपनी स्वतंत्र और अलग नई राजधानी तथा अलग हाइकोर्ट से वंचित है। यह प्रदेश की तीन करोड़ जनता के स्वाभिमान को आहत करने वाला है। यह बात रणदीप लोहचब चौधरीवास, संयोजक "स्वाभिमान आंदोलन" ने चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।

रणदीप सिंह लोहचब ने अपनी बात को आगे रखते हुए कहा कि इस समय हरियाणा परदेश सरकार की योजना चंडीगढ़ में पंचकूला सीमा के पास नया हरियाणा विधानसभा भवन बनाने की है। आगामी 2029 की नई विधानसभा की बढ़ी हुई सीटों के लिए एक बड़ा नया हरियाणा विधानसभा का भवन चंडीगढ़ में बनाया जाना यह दर्शाता है कि वर्तमान हरियाणा सरकार तथा विपक्ष की प्रदेश के बीच मे नई राजधानी तथा अलग हाइकोर्ट बनाने में कोई रुचि नही है, इनकी सोच है समय बीतने के बाद कभी नई राजधानी बने तो वह पंचकूला में ही बने।
उन्होंने आगे कहा कि पंचकूला में कई विभागों के मुख्य कार्यालय पिछले दो दशकों से बन रहे हैं। संकेत स्पष्ट है यदि नया विधानासभा चंडीगढ़ में बनेगा तो भविष्य में प्रदेश की राजधानी कभी भी हरियाणा के बीच नहीं बनेगी। यह प्रदेश की जनता तथा भावी पीढ़ियों के लिए कभी न भरने वाला घाव होगा। रणदीप लोहचब ने कहा कि चंडीगढ़ हरियाणा से अलग थलग दूरदराज कोने में पंजाब के बीच स्थित है। यहां दक्षिण पश्चिम हरियाणा से आने जाने में 800 किलोमीटर का सफर तय करते हुए पंजाब के बीच से आना जाना पड़ता है। जिससे हमारा समय और धन बर्बाद होता है। अनेक तरह की कठिनाइयां होती हैं। प्रदेश के विकास, व्यापार- कारोबार और रोजगार में कमी आ रही है। हमारा मान सम्मान स्वाभिमान मर रहा है, युवा पीढ़ी का पुरुषार्थ उत्साह घट रहा है। वर्तमान परिस्थिति में समय की मांग है कि नया विधानसभा भवन चंडीगढ़ में न बनाकर हरियाणा प्रदेश के बीच में बनाया जाए। दिल्ली से परे, उत्तर दक्षिण से समान दूरी पर हिसार, महम, जींद भिवानी के बीच सर्वे करवाकर उपयुक्त स्थान पर बनाया जाए। यहीं पर हरियाणा प्रदेश की अलग हाईकोर्ट बनवाई जाए। इस स्थान पर एक अति आधुनिक सुविधा संपन्न वर्ल्ड क्लास का श्रेष्ठ सुंदर शहर बसाया जाए। बहुत देरी के बाद भी वर्तमान हरियाणा सरकार के पास पिछली भूलों को सुधारने का एक सुनहरा अवसर है। हरियाणा के बीच राजधानी हरियाणा के हर नागरिक को समृद्ध बना सकती है। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है कि हरियाणा भारत का सिंगापुर बन कर दुनियां में नाम कमाएगा। जब हरियाणा के बीच में नई राजधानी बनेगी, दुनियां का अति आधुनिक सुविधा संपन्न सुंदर शहर बसेगा। प्रदेशहित, लोकहित, भावी पीढ़ी के उज्जवल भविष्य, सुविधा, समान विकास, युवाओं को रोजगार, मान सम्मान, नागरिक स्वाभिमान के लिए जनभावनाओं के अनुरूप न्यायपक्ष इस मुद्दे पर" स्वाभिमान आंदोलन चला रहा है। हमारा सरकार से सत्याग्रह है कि इसी सत्र में हरियाणा का विधानसभा भवन हरियाणा के बीच में बनाने का पारित कर प्रदेश और जनता से न्याय करें।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री अत्तर सिंह सैनी, पूर्व विधायक महम उमेद सिंह, पूर्व विधायक बेरी अजीत सिंह कादियान, कई मुख्यमंत्रीयो के राजनीतिक सलाहकार रहे मास्टर हरिसिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हुकम सिंह के भांजे दलीप सरपंच सामन, महम चौबीसी खाप के प्रधान सुभाष नंबरदार, रोड समाज के प्रधान सुभाष रोड पुंडरी, पूर्व सांसद जगवीर के पुत्र कमल सिंह, फूल कुमार पेटवाड़ भी मौजूद रहे।

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