Thursday, 16 September 2021

‘’पुण्य बनाना कठिन-पाप करना आसान पुण्य ही मुक्ति में सहायक’’ वा.ब्र.आशीष भैया जी ‘’पुण्यांश’’

By 121 News
Chandigarh Sept.16, 2021:-श्री दिगम्बर जैन समाज के दसलक्षण महापर्व के छठे दिवस पर दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर 27 में आयोजित धर्मसभा में वा.ब्र.आशीष भैया जी ''पुण्यांश'' ने कहा कि सत्य महसूस करने की चीज है प्रग्रट करने की नहीं, सत्य एक हीरा है, सत्य धर्म का जीवन में आए बिना मोक्षमार्ग की शुरुआत नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि व्यक्ति तीन तरह से बात को समझ सकता है, सुनकर 2. देखकर 3. बोलकर।
उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य असंभव नहीं| हम किसी भी कार्य को करने से पहले ही निर्णय कर लेते हैं। भैया जी ने कहा कि थोडे से स्वाद के लिए लाखो जीवों को नष्ट कर देते हैं। हमें क्या खाना, कैसा खाना, कब खाना, यह विवेक होना चाहिए। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि तीन तरह के जैनी होते हैं। 1.कच्चे जैनी, 2.पक्के जैनी, 3.श्रावक, हमें यह प्रयास करना चाहिए कि हम श्रावक बने।
प्रातकाल सहस्त्रनाम विधान में सौधर्म इन्द्र बनने का सौभाग्य इन्दरमल जैन तथा कुबेर इन्द्र बनाने का सौभाग्य सतीश कुमार जैन ने प्राप्त किया। धर्मसभा का संचालन निलेश जैन रतलाम ने किया। उक्त जानकारी समाज के प्रधान धर्म बहादुर जैन, महामंत्री संत कुमार जैन और कोषाध्यक्ष अजय कुमार जैन ने दी।

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