Wednesday, 6 November 2024

Founder of NGO Shree Shyam Karuna Foundation Amitabh Rungta Felicitated by College Principals

By 121 News
Panchkula, November 6, 2024:- Inspired by the Haryana government's promise to support the education of underprivileged girls, Amitabh Rungta, a well-known social worker and founder of Non-Governmental Organization(NGO) Shree Shyam Karuna Foundation, has launched an initiative to provide financial aid for the higher education of needy female students. The foundation is currently offering financial assistance to economically disadvantaged students at several colleges, including Government P.G. College for Women, Sector-14, Panchkula; Shri Mata Mansa Devi Sanskrit College, Panchkula; and Government College, Barwala.

During the felicitation ceremony held at Government P.G. College for Women, the beneficiary students expressed heartfelt thanks to Amitabh Rungta for his generosity, which has inspired them to pursue higher education. All the principals present at the event praised the social initiatives of the Shree Shyam Karuna Foundation and urged Amitabh Rungta to expand the foundation's efforts to help more girls, benefiting society as a whole. Beneficiary students from various colleges also personally thanked Amitabh Rungta.

At the event, Amitabh Rungta and his wife Anupama Rungta presented cheques to as many as 16 financially disadvantaged girl students for supporting their college  education .

Amitabh Rungta, the founder of the Shri Shyam Karuna Foundation, said that his step to provide financial aid to needy students is an effort to bring about a positive change in society, in line with the government's policies. He believes that people at large should be made aware of such initiatives, so that other individuals and NGOs also contribute to a brighter future for girls, strengthening the government's efforts in this direction.

He added that he is deeply honoured to receive blessings from the college principals and students.

Reeta Gupta, Principal of SMM Sanskrit College, Panchkula, stated thatsuch financial support raises awareness about the importance of girls' education and provides opportunities for the beneficiary students.

Dr. Richa Setia, Principal of Government College for Women, Panchkula, said that the support provided by the Shree Shyam Karuna Foundation for the education of needy students is highly commendable. She is grateful to Amitabh Rungta for helping the underprivileged girls in our college continue their education and also for planting fruit-bearing trees around the college hostel.
 
Prof. (Dr) Hemant Verma ,  Principal of Government College, Barwala, said that he expresses his gratitude to the foundation for this support. It will play an important role in brightening the future of our needy girl students.

Beneficiary students expressed their thanks for Amitabh Rungta's initiative, saying that we are all grateful to you for helping us continue our education. Our financial situation was poor, and it was difficult for us to continue our studies. Then we learned that you help with scholarships, and we benefited from it. Your contribution is helping us achieve our goals.

From 2023 to 2025, the Shree Shyam Karuna Foundation has provided support to 63 needy girls studying at Government P.G. College for Women, Panchkula; Shri Mata Mansa Devi Sanskrit College, Panchkula; and Government College, Barwala, as well as other colleges and schools. The foundation has extended its assistance beyond Panchkula, reaching areas in even Madhya Pradesh and Gujarat.

Tuesday, 5 November 2024

खेल मंत्री गौरव गौतम ने बलरामजी दास टंडन क्रिकेट टूर्नामेंट का किया उद्घाटन चंडीगढ़ और जेएंडके ने जीते अपने पहले मैच, दिल्ली और पंजाब का मैच रहा ड्रा

By 121 News
Panchkula, Nov.05,2024:- चौथा अंडर 16 बलरामजी दास टंडन मल्टी डेज टूर्नामेंट मंगलवार को पंचकुला स्थित ताउ देवी स्टेडियम में विधिवत रुप से शुरु हुआ। हरियाणा सरकार के खेल मंत्री गौरव गौतम और हरियाणा विधान सभा के पूर्व स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने औपचारिक रुप से आयोजक यूटीसीए अध्यक्ष संजय टंडन की मौजूदगी में टूर्नामेंट की ट्राफी का अनावरण किया। टूर्नामेंट में चंडीगढ़ की दो टीमों ए और बी के अलावा जेएंडके, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, त्रिपुरा और मिजोरम की टीमें भाग ले रही हैं। टूर्नामेंट का फाईनल 16-17 नवंबर को होगा। 
अपने स्वागत संबोधन में यूटीसीए अध्यक्ष संजय टंडन ने जमीनी स्तर से क्रिकेट को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंनें बताया कि इसी दिशा में दो वर्ष पहले गली क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत की गई थी जिसे व्यापक समर्थन और उत्साह मिल रहा है। 
इस अवसर खेल मंत्री गौरव गौतम ने यूटीसीए और संजय टंडन के प्रयासों की प्रशंसा करते हुये कहा कि चंडीगढ़ में क्रिकेट को नई दिशा देने में उनका अहम भूमिका रही है। उन्होंनें युवा खिलाड़ियों को खेल का नशा करने की नसीहत दी जिससे की वे अपने सर्पोर्टिंक करियर को निखार सके। उन्होंनें टूर्नामेंट के उत्थान के लिये पांच लाख रुपये की घोषणा भी की । इस अवसर एसडीएम गौरव चौहान, डीएसओ पंचकुला नीलकमल, पूर्व विधायक और डायरेक्टर साहित्य एकेडमी हरपाल सिंह चीका सहित अन्य गणमान्य और क्रिकेट प्रेमी शामिल हुये। 

इससे पूर्व इसी मैदान पर चंडीगढ़ ए ने हिमाचल प्रदेश पर 180 रनों की धमाकेदार जीत दर्ज की। चंडीगढ़ के 167 के जवाब में हिमाचल प्रदेश 36 पर ढेर हो गया। चंडीगढ़ ने दूसरे दिन 56/1 के अपने ओवरनाईट स्कोर को आगे बढ़ाया। मेजबान टीम 147 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई जिसमें कप्तान अकुल भनोट (41) टॉप स्कोरर रहे। हिमाचल को 279 का लक्ष्य मिला। जवाब में मेहमान टीम 98 रनों पर ढेर हो गई जिसमें वरुण ठाकुर ने सर्वाधिक 30 रन बनाये। रणवीर आहुजा (5/31) ने पारी पांच विकेट लिये जबकि पूरे मैच में दस विकेट लिये। इसके लिये रणवीर को मैन आफ दी मैच से नवाजा गया।  
क्रिकेट इंस्टीच्यूट आफ चंडीगढ़ में खेले गये एक अन्य मैच में जेएंडके ने मिजोरम को पारी और 158 रनों से हराया। मिजोरम को 85 रनों पर ढेर कर जेएंडके ने 344/6 रन बनाये। जवाब में मिजोरम दूसरी पारी में 101 रन ही जुटा पाया। मीर वकास ने मैच में सात विकेट लिये।  
जीएनपीएस 36 में पंजाब और दिल्ली के बीच खेले गया दिन का तीसरा मैच ड्रा रहा। पंजाब के 164 रनों के जवाब में दिल्ली ने 129 रन बनाये। पंजाब ने दूसरी पारी में 191/3 रन बनाये जिसके बाद दिल्ली ने 115/1 रन बना कर मैच को ड्रा करवाया। 
बुद्धवार को टूर्नामेंट का रेस्ट डे है।

Saturday, 2 November 2024

अन्नकूट दिवस पर श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने लगाया 138वां अन्न भंडारा

By 121 News
Panchkula, Nov.02, 2024:-- श्री श्याम करुणा फाउंडेशन ने अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 में 138वां अन्न भंडारा लगाया। इस अवसर पर फाउंडेशन के स्वयंसेवक अनुपमा रुंगटा, चैतन्य रुंगटा, अवधेश मिश्रा ने इस सेवाकार्य में सक्रिय सहभागिता दिखाई।

फाउंडेशन के संस्थापक अमिताभ रुंगटा ने अन्नकूट दिवस पर भंडारा आयोजित करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अन्नकूट दिवस, जिसे 'गोवर्धन पूजा' भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। इस दिन लोग भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और अन्न का भंडारा आयोजित करते हैं।

उन्होंने कहा कि इस दिन भंडारा ग्रहण करने से समस्त पापों का नाश होता है और घर में बरकत आती है। उन्होंने बताया कि इस परंपरा का पालन करते हुए परिवार के सभी सदस्यों को भंडारे में शामिल होना चाहिए, ताकि यह लाभ सभी को प्राप्त हो सके।

रुंगटा ने कहा कि यह दिन न केवल अन्न के वितरण का प्रतीक है, बल्कि समाज में भाईचारे और एकता को भी बढ़ावा देता है। अन्नकूट दिवस पर भंडारा लगाना न केवल धार्मिक आस्था को व्यक्त करता है, बल्कि समाज में सहयोग और सहानुभूति की भावना को भी मजबूत करता है।

आज ही के दिन प्रभु को मिला था गोवर्धन गिरधारी का नाम : वामन जी महाराज

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2024:-- श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, से. 20, चण्डीगढ़ में गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया गया। मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह मंगला आरती के पश्चात प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। भक्तों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौडिया मठ के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष श्री भक्ति सौरभ आचार्य महाराज जी ने कहा कि जब ब्रजवासियों ने इंद्र देवता की पूजा करने से मना कर दिया तो क्रोधित होकर इंद्र देवता ने ब्रज मंडल को बारिश द्वारा पानी में डुबोने का निर्णय ले लिया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर ब्रजवासियों को पर्वत के नीचे बुला कर उनकी पानी और वर्षा से रक्षा की। आज ही के दिन भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की थी, इसलिए गोवर्धन पूजा हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है। आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चावलों से गोवर्धन पर्वत का रूप बनाया गया था। हजारों की संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर भगवान श्री गोवर्धन धाम लीला के दर्शन किए एवं अपने श्रद्धा सुमन भेंट किए। भगवान गोवर्धन को 56 भोग के व्यंजन अर्पित किए गए व भोग आरती के पश्चात हजारों की संख्या में लोगों ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों के चेहरों पर उमंग उल्लास झलक रहा था। उन्होंने हरि नाम संकीर्तन नृत्य गान कर अपनी श्रद्धा प्रकट की और गिरिराज धरण को नतमस्तक किया।   चंडीगढ़ मठ के इंचार्ज वामन जी महाराज जी ने बताया कि आज के दिन भगवान श्री गिरधारी जी के दर्शन करने से भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है और घर में शुभ मंगल एवं हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है क्योंकि आज ही के दिन प्रभु को उनकी लीला के कारण गोवर्धन गिरधारी का नाम मिला था। आज विशेष रूप से गौ माता का पूजन वंदना, अर्चना भी की गई। बड़ी संख्या ने भक्तों ने उपस्थित होकर नृत्य संकीर्तन का आनंद प्राप्त किया। तत्पश्चात भक्तों को भगवान को अर्पित भंडारा प्रसाद वितरित किया गया।

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2024:-- श्री चैतन्य गौड़ीय मठ, से. 20, चण्डीगढ़ में गोवर्धन पूजा अन्नकूट महोत्सव आयोजित किया गया। मठ के प्रवक्ता जयप्रकाश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि सुबह मंगला आरती के पश्चात प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। भक्तों को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय श्री चैतन्य गौडिया मठ के पूर्व आचार्य एवं अध्यक्ष श्री भक्ति सौरभ आचार्य महाराज जी ने कहा कि जब ब्रजवासियों ने इंद्र देवता की पूजा करने से मना कर दिया तो क्रोधित होकर इंद्र देवता ने ब्रज मंडल को बारिश द्वारा पानी में डुबोने का निर्णय ले लिया, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी तर्जनी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा कर ब्रजवासियों को पर्वत के नीचे बुला कर उनकी पानी और वर्षा से रक्षा की। आज ही के दिन भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा की थी, इसलिए गोवर्धन पूजा हजारों वर्षों से मनाया जा रहा है। आज के कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चावलों से गोवर्धन पर्वत का रूप बनाया गया था। हजारों की संख्या में लोगों ने उपस्थित होकर भगवान श्री गोवर्धन धाम लीला के दर्शन किए एवं अपने श्रद्धा सुमन भेंट किए। भगवान गोवर्धन को 56 भोग के व्यंजन अर्पित किए गए व भोग आरती के पश्चात हजारों की संख्या में लोगों ने भंडारा प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों के चेहरों पर उमंग उल्लास झलक रहा था। उन्होंने हरि नाम संकीर्तन नृत्य गान कर अपनी श्रद्धा प्रकट की और गिरिराज धरण को नतमस्तक किया।   चंडीगढ़ मठ के इंचार्ज वामन जी महाराज जी ने बताया कि आज के दिन भगवान श्री गिरधारी जी के दर्शन करने से भगवान कृष्ण की भक्ति प्राप्त होती है और घर में शुभ मंगल एवं हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती है क्योंकि आज ही के दिन प्रभु को उनकी लीला के कारण गोवर्धन गिरधारी का नाम मिला था। आज विशेष रूप से गौ माता का पूजन वंदना, अर्चना भी की गई। बड़ी संख्या ने भक्तों ने उपस्थित होकर नृत्य संकीर्तन का आनंद प्राप्त किया। तत्पश्चात भक्तों को भगवान को अर्पित भंडारा प्रसाद वितरित किया गया।

चंडीगढ़ वासियों को सभी सरकारी योजनाओं का नहीं मिल रहा लाभ, वर्षो से भुगत रहे हैं खमियाजा: डा जगमोहन सिंह राजू

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2024:- पंजाब देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां राजधानी चंडीगढ़ के निवासियों को रोजगार, राज्य सरकार की योजनाओं के लाभ आदि मामलों में गंभीर नुकसान उठाना पड़ता है, जो पंजाब राज्य के अन्य निवासियों को उपलब्ध है। इसका कानूनी कारण यह है कि चंडीगढ़ एक नवंबर 1966 से पंजाब राज्य का हिस्सा नहीं रहा है। यह बात पूर्व आईएएस अधिकारी डा जगमोहन सिंह राजू ने एक पत्रकार सम्मेलन के दोरान कही।
 
पंजाब सरकार ने डा राजू की आरटीआई अर्जी के जवाब में इस कानूनी स्थिति की पुष्टि की है। भगवंत मान सरकार ने डा राजू को स्पष्ट रुप से सूचित किया है कि पंजाब सरकार द्वारा चंडीगढ़ को  पंजाब   की राजधानी घोषित करने संबंधी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है और उनके पास ऐसा कोई अधिकारिक रिकार्ड उपलब्ध नहीं है जो साफ करता हो कि चंडीगढ़ ही चंडीगढ़ की राजधानी है।

अपने संबोधन में डा राजू ने कहा कि इस समस्या का मूल कारण 1966 में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू किया गया भेदभावपूर्ण कानून है। उदाहरण पेश करते हुए कहा कि 2014 में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू किये आंध्र प्रदेश पुनर्गठन मे यह स्पष्ट रूप से प्रावधान दिया गया था कि हैदराबाद दस साल के लिये तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों की आम राजधानी होगी और उसके बाद आंध्र प्रदेश के लिये एक नई राजधानी होगी। लेकिन पुनर्गठन अधिनियम 1966 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पंजाब राज्य के लिये राजधानी का कोई प्रावधान ही नहीं किया। इसके बजाय अधिनियम कहता है कि चंडीगढ़ पंजाब राज्य का हिस्सा नहीं रहेगा। डा राजू ने कहा कि 25 जुलाई 2024 को उन्होंनें पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह (राजा वारिंग) को सार्वजनिक बहस के लिये आमंत्रित किया था। परन्तु एक अगरूत 2024 को वह बहस छोड़ कर भाग निकले।  

डा राजू ने एक अप्रैल 2022 के विधान सभा में पारित प्रस्ताव को महज एक तमाशा बताया। इस प्रस्ताव में सिफारिश की गई थी कि राज्य सरकार चंडीगढ़ को तुरन्त पंजाब को ट्रांसफर करने के लिये केन्द्र सरकार के समक्ष मामला उठाये। लेकिन आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला है कि भगवंत मान सरकार ने एक अप्रैल 2022 को भारत सरकार को एक नियमित पत्र लिखकर महज एक दिखावा किया है। इस पत्राचार के बाद कोई फोलो अप कार्यवाही नहीं की गई। न तो कोई मुख्यमंत्री ने इसके बाद आज तक यह फाईल दोबारा मंगवाई और न ही कोई रिमांडर जारी किया।  

डा राजू ने हैरानी जताई कि पंजाब विधानसभा में उस प्रस्ताव पारी पारित करने के बाद इतने सारे सत्र आयोजित हुये लेकिन न तो सदन के अध्यक्ष, न ही हाउस समीतियों के अध्यक्षों ने सरकार से कोई भी कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है। यह तक कि सत्तारुढ़ आप पार्टी के 92 विधायक और मुख्य विपक्षी कांग्रेसी विधायक भी पूरी तरह से शांत हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि बड़े पैमाने पर आम जनता की कीमत पर पंजाब के मुद्दे पर लोगों को धोखा देने में यह पार्टियां एक दूसरे का साथ दे रही हैं।
 
डा राजू ने एक बार फिर पुरजोर मांग की है कि पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ दर्जा मिले जिससे की शहर के लोगों को ओर ज्यादा खमियाजा ने भुगतना पड़े।

किन्नर मंदिर में लक्ष्मी नृसिंह भगवान के यज्ञ, सुदर्शन यज्ञ, गौ पूजा, कुबेर लक्ष्मी पूजन, महादुर्गा चंडी पाठ, सुंदरकांड पाठ यज्ञ,  महालक्ष्मी व भगवान गणेश 31 दिन का यज्ञ की संपूर्ण आहुति डाली

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2024:--कार्तिक माह की अमावस्या पर दीपावली का पर्व बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व हिंदुओं के मुख्य त्योहारों में से एक है। इस दिन पर विशेष रूप से लक्ष्मी जी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। इसी शुभावसर पर जय माता किन्नर मंदिर, बापूधाम सेक्टर 26 में दीवाली पर्व महोत्सव हवन यज्ञ पूजन आज भक्ति और श्रद्धाभाव के साथ संपन्न हुआ। किन्नर मंदिर की पुजारिन महंत कमली माता के सानिध्य में मंदिर के ब्राह्मणों ने लक्ष्मी नृसिंह भगवान के यज्ञ, सुदर्शन यज्ञ, गौ पूजा, कुबेर लक्ष्मी पूजन, महादुर्गा चंडी पाठ, सुंदरकांड पाठ यज्ञ,  महालक्ष्मी व भगवान गणेश 31 दिन का यज्ञ संपूर्ण आहुति डाली।
        पुजारिन महंत कमली माता ने बताया कि दिवाली या दीपावली, रोशनी का त्योहार, भारत के सबसे बड़े और लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। बहुत उत्साह के साथ मनाया जाने वाला यह त्योहार बहुरंगी रंगोली, विशेष अनुष्ठान, दीपों की रोशनी, फूलों की सजावट, आतिशबाजी, दिवाली की मिठाइयों और उपहारों के आदान-प्रदान से चिह्नित है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह पाँच दिवसीय त्योहार दशहरा के 20 दिनों के बाद मनाया जाता है। दिवाली का जश्न अश्विन (अक्टूबर/नवंबर) महीने के अंधेरे पखवाड़े के 13वें दिन से शुरू होता है और अश्विन के अंधेरे पखवाड़े के 15वें दिन अमावस्या को पड़ता है। रोशनी का त्योहार कार्तिक के उज्ज्वल पक्ष के दूसरे दिन समाप्त होता है। दिवाली भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद लौटने और रावण पर उनकी जीत की याद में मनाई जाती है। यह शब्द संस्कृत शब्द दीपावली से लिया गया है - 'दीप' का अर्थ है दीया (मिट्टी से बने छोटे बर्तन) या प्रकाश और 'अवली' का अर्थ है पंक्ति - यानी दीयों की एक पंक्ति या दीपों की एक सरणी। इस प्रकार यह त्यौहार पूरे घर में छोटे-छोटे दीये, मोमबत्तियाँ और दीप रखकर मनाया जाता है। इसी शुभावसर पर किन्नर मंदिर में लक्ष्मी नृसिंह भगवान के यज्ञ, सुदर्शन यज्ञ, गौ पूजा, कुबेर लक्ष्मी पूजन, महादुर्गा चंडी पाठ, सुंदरकांड पाठ यज्ञ,  महालक्ष्मी व भगवान गणेश 31 दिन का यज्ञ संपूर्ण आहुति डाली गई।

 महंत कमली माता ने बताया कि दिवाली के तीसरे दिन लक्ष्मी पूजा होती है। यह पांच दिवसीय उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण दिन है जिसमें पटाखों की होली, दीपों की रोशनी, स्वादिष्ट मिठाइयों और नए कपड़ों की धूम रहती है। यह दिन देवी लक्ष्मी को समर्पित है और उत्तर और पश्चिम भारत में दिवाली पर देवी की पूजा करना मुख्य कार्यक्रम है। देवी लक्ष्मी पूजा पांच देवताओं की संयुक्त पूजा है: सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है; देवी लक्ष्मी की पूजा उनके तीन रूपों में की जाती है - महालक्ष्मी (धन और पैसे की देवी), देवी सरस्वती (विद्या की देवी) और कुबेर (देवताओं के कोषाध्यक्ष) की भी पूजा की जाती है।

उन्होंने बताया कि दिवाली पर जो कोई भी माता लक्ष्मी का पूजन करता है, उसकी प्रार्थना अवश्य स्वीकृत होती है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा से पूरे साल धन और समृद्धि मिलती है। दिवाली पर ज्यादातर लोग घर में माता लक्ष्मी का पूजन सामान्य दिनों की तरह ही करते हैं, जबकि मंदिरों में इनकी पूजा कई विशेष चरणों में होती है।

Friday, 1 November 2024

The cyclists across the Country to Converge at Fifth Edition of Tour De Sanawar on Nov 3

By 121 News
Chandigarh, Nov.01, 2024:-The Lawrence School, Sanawar, in collaboration with Hero Cycles and the Old Sanawarian Society, announces the 5th Edition of the Tour De Sanawar, India's largest Inter-School Cycling Competition, scheduled to be held on November 3, 2024 at its 177 year old school's campus situated at the height of 1750 metres.

 

This year's competition aims to take cycling to every school in India, with plans to establish a national league. Over 175 participants from 16 schools and more than 20 cities, including Bangalore, Pune, and Guwahati, will converge for this exciting race.

 

Vivek Bhatia (IAS), the Director Youth Services and Sports & Principal Private Secretary-cum-Special Secretary to CM Himachal Pradesh, an enthusiastic and avid cyclist himself will grace the occasion as the chief guest.

 

The competition featured four categories in an MTB XCO style, with routes ranging from 11 km for those under 14 years to 15 km with a 600-meter elevation gain for the elite category. Riders will navigate a challenging mix of steep ascents, thrilling descents, and sharp turns, testing the skills of the best cyclists.

 

The Old Sanawarian Society conceived the idea of cycling in Sanawar in 2017 and since then the Tour De Sanawar has rapidly transformed from a recreational event into a highly anticipated competition, reflecting the growing interest in cycling across the nation.

 

The success of the Tour De Sanawar has been made possible through the visionary support of  Pankaj M Munjal, Chairman of Hero Cycles and an alumnus of The Lawrence School, Sanawar. His commitment to promoting cycling at the grassroots level has inspired countless young athletes. He said that by offering a platform for budding cyclists to test their endurance in a supportive environment, Sanawar is setting a standard for how educational institutions can merge history, education, and sports to foster a lasting sporting culture. We envision a future where cycling is part of daily life for everyone.

 

Himmat Singh Dhillon, the School Headmaster, said that as Tour De Sanawar continues to grow, the vision is clear to bring schools from every state of India and even overseas into the fold, making the next edition even more inclusive and impactful.

Diwali Celebrations at Lawerance PublicSchool 

By 121 News

Mohali, Nov. 01, 2024:-Lawrence Public Senior Secondary School celebrated Diwali with a sensational Diwali Gala. Instead of exploding the noisy crackers the students of the school decorated earthen wares and candles and colourful rangolies at the campus. The air was vibrating with the laughter of the children. Students participated in various green activities. Later, students also shared their views on a clean and green Diwali at the moment. Students also took rally in Badala and kharar to make residents aware of green and clean Diwali .The students also informed residents about ill effects of the crackers .

 

School Principal Veena Malhotra of the school stated that these events help build the attributes of team spirit and the spirit of camaraderie among the children. She further motivate students to use earthen lamps rather than electric bulbs and Distribute useful things like clothes, books, eatables to less fortunate people than fire the crackers then this can be turn out to be brighter Diwali and more meaningful one. At the end the programme was concluded while taking pledge to not to burn the fireworks.

The cyclists across the Country to Converge at Fifth Edition of Tour De Sanawar on Nov 3

By 121 News
Chandigarh, Nov.02, 2024:-The Lawrence School, Sanawar, in collaboration with Hero Cycles and the Old Sanawarian Society, announces the 5th Edition of the Tour De Sanawar, India's largest Inter-School Cycling Competition, scheduled to be held on November 3, 2024 at its 177 year old school's campus situated at the height of 1750 metres.

 

This year's competition aims to take cycling to every school in India, with plans to establish a national league. Over 175 participants from 16 schools and more than 20 cities, including Bangalore, Pune, and Guwahati, will converge for this exciting race.

 

Vivek Bhatia (IAS), the Director Youth Services and Sports & Principal Private Secretary-cum-Special Secretary to CM Himachal Pradesh, an enthusiastic and avid cyclist himself will grace the occasion as the chief guest.

 

The competition featured four categories in an MTB XCO style, with routes ranging from 11 km for those under 14 years to 15 km with a 600-meter elevation gain for the elite category. Riders will navigate a challenging mix of steep ascents, thrilling descents, and sharp turns, testing the skills of the best cyclists.

 

The Old Sanawarian Society conceived the idea of cycling in Sanawar in 2017 and since then the Tour De Sanawar has rapidly transformed from a recreational event into a highly anticipated competition, reflecting the growing interest in cycling across the nation.

 

The success of the Tour De Sanawar has been made possible through the visionary support of  Pankaj M Munjal, Chairman of Hero Cycles and an alumnus of The Lawrence School, Sanawar. His commitment to promoting cycling at the grassroots level has inspired countless young athletes. He said that by offering a platform for budding cyclists to test their endurance in a supportive environment, Sanawar is setting a standard for how educational institutions can merge history, education, and sports to foster a lasting sporting culture. We envision a future where cycling is part of daily life for everyone.

 

Himmat Singh Dhillon, the School Headmaster, said that as Tour De Sanawar continues to grow, the vision is clear to bring schools from every state of India and even overseas into the fold, making the next edition even more inclusive and impactful.

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Chandigarh, Nov.01, 2024:--चंडीगढ़ कांग्रेस ने सेक्टर 35 स्थित कांग्रेस भवन में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, जिन्होंने 40 साल पहले 31 अक्टूबर को भारत माता के चरणों में अपना जीवन बलिदान कर दिया था, को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कॉंग्रेस नेताओं ने दिवंगत नेता को पुष्पांजलि भेंट की और राष्ट्र के लिए उनके महान योगदान को याद किया।

इस अवसर पर बोलते हुए चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिवंगत प्रधानमंत्री की सराहना की। उन्होनें कहा कि यह उनके अदम्य साहस  का प्रमाण है कि भारी अन्तरराष्ट्रीय विरोध के बावजूद भारत उस समय एक परमाणु शक्ति बन गया, जब उनकी सरकार ने वर्ष 1974 में पोखरण में भारत का पहला परमाणु परीक्षण सफलतापूर्वक के सारी  दुनिया को स्तब्ध कर दिया था। विश्व के  अग्रिम पंक्ति के नेता के रूप मे उनकी सर्वमान्य छवि को याद करते हुए लक्की ने कहा उनकी सरकार की विदेश नीति को लेकर उनकी हिम्मत और कुशलता की आज भी दुनिया भर मे प्रशंसा की जाती है।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजीव शर्मा के अनुसार, बाद में काँग्रेस भवन में ही पर एक अलग समारोह में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने सरदार पटेल को गर्व के साथ याद करते हुए कहा कि वे भारत के पहले गृह मंत्री थे, जिन्होंने देश में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा फैलाए जा रहे सांप्रदायिक जहर की गंभीरता को समझ कर वर्ष 1948 में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। उन्होंने  कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रति उनका गुस्सा एवं आक्रोश उनके समकालीन बयानों और उनके द्वारा लिखे गए पत्रों से जाहिर होता है।

इन दोनों मौकों पर बोलने वालों में काँग्रेस नेता राजीव मौदगिल, एच.एस.कम्बोज, जाहिद परवेज खान, गुरदर्शन सिंह निरंकारी और सोनिया जायसवाल इत्यादि शामिल थे।

जैन मंदिर में दिवाली महोत्सव एवं निर्वाण लाडू अर्पण

By 121 News
Chandigarh, Nov. 01, 2024:-हर वर्ष की तरह इस साल भी श्री दिगम्बर जैन मंदिर सेक्टर चंडीगढ़ में  जैन समाज ने परंपरागत भक्ति और आध्यात्मिकता के साथ दिवाली का पावन पर्व मनाया।दीपावली को जैन धर्म के वे तीर्थकर भगवन महावीर स्वामी को मोक्ष प्राप्त हुआ था। यह कार्यक्रम क्षुल्लक श्री विशंक सागर जी एवं क्षुल्लक श्री क्षेमंकर नंदी जी महाराज के सान्निध्य में बड़े उल्लास के साथ संपन्न हुआ, जिसमें भव्य पूजा, भजन और प्रवचन का आयोजन किया गया। क्षुल्लक जी ने  जैन समाज के श्रद्धालुओं को  इस पर्व को शांति, प्रेम और भाईचारे के साथ मनाने का संदेश दिया।
मंदिर में भगवान महावीर के निर्वाण दिवस को विशेष रूप से मनाते हुए 24 किलो का एक और एक एक किलो के 72 लाडू अर्पित किये गए। 72 किलो का लाडू अर्पित करने का सौभग्य अजय जैन एडवोकेट को प्राप्त हुआ। यह परंपरा भगवान महावीर के मोक्ष की स्मृति में हर वर्ष दिवाली पर संपन्न की जाती है। मंदिर में आए हुए भक्तों ने भगवान महावीर के उपदेशों और उनके जीवन से प्रेरणा ली और जैन धर्म के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में हजारों भगतों ने शिरकत की। भक्तों के लिए विशेष ध्यान और प्रार्थना सत्रों का आयोजन भी किया गया, जिसमें समाज के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंदिर को दीपों और फूलों से सजाया गया, जो दिवाली की आस्था और उमंग का प्रतीक है।
 श्री दिगम्बर जैन सोसाइटी के प्रधान धर्मबहादुर जैन ने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया और उन्हें भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आवाहन किया।  श्री दिगम्बर जैन सोसाइटी की कार्यकारिणी की और से धर्मबहादुर जैन , संत कुमार जैन , एडवोकेट आदर्श जैन, एडवोकेट राजा बहादुर सिंह जैन , करुण जैन , रमेश जैन उपस्थित थे।  
सांय बजे छुल्लक जी के चातुरमास का निष्ठापन समारोह आयोजित किया गया तत्पश्चात दीपकों द्वारा महा आरती की गयी।  यह चातुर्मास इस अगस्त में स्थापित हुआ था। इन चार महीनों में श्रावकों ने छुल्लक जी से धार्मिक ज्ञान प्राप्त किया।