By 121 News
Chandigarh, May 25, 2026:- आम आदमी पार्टी (आप) चंडीगढ़ के प्रदेश मीडिया प्रभारी विक्रांत ए. तंवर ने चंडीगढ़ नगर निगम में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा शासित नगर निगम और मेयर पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने लायंस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट अचानक समाप्त होने और उसके बाद पैदा हुई अव्यवस्था को लेकर भाजपा की नीयत और नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
तंवर ने कहा कि जो भाजपा मंचों से 'स्वच्छता ही सेवा' का खोखला नारा देती है और सफाई कर्मचारियों को 'सफाई मित्र' कहकर केवल राजनीतिक रोटियां सेकती है, आज उसी भाजपा से शहर की जनता को पूछना चाहिए कि उसने अपने इन सफाई मित्रों से वफा की है या उनके साथ घोर विश्वासघात किया है?
विक्रांत तंवर ने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों से जिस दागी और विवादित कंपनी के बोझ को चंडीगढ़ शहर जबरन ढो रहा था, उसका अचानक से कॉन्ट्रैक्ट खत्म करके भाजपा ने अपने ही कथित 'सफाई मित्रों' को रातों-रात सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है।
उन्होंने कहा कि लायंस कंपनी को दोबारा टेंडर देने की पैरवी करने वाली भाजपा आज बैकफुट पर है। नगर निगम की हाउस मीटिंग में जब विपक्षी पार्षदों ने इस कंपनी को फिर से टेंडर देने का पुरजोर विरोध किया था, तब भाजपाई पार्षद और अधिकारी इसका बचाव कर रहे थे।
आज जब चौतरफा विरोध और भारी बहस के बाद कंपनी का टेंडर रिन्यू नहीं हो सका, तो भाजपा ने बिना किसी ठोस और पारदर्शी वैकल्पिक तैयारी के सैकड़ों कर्मचारियों के रोजगार को संकट में डाल दिया।
आप नेता ने कहा कि अक्सर स्वच्छता सर्वेक्षण में खुद को अग्रणी और नंबर वन बताने वाले भाजपा शासित नगर निगम के पास शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर कोई विजन नहीं है।
मेयर सौरभ जोशी द्वारा आनन-फानन में सफाई कर्मचारियों के प्रधानों के साथ बैठक करना और यह दावा करना कि कर्मचारी अब एक सरकारी एजेंसी 'स्टिक कंपनी' के तहत काम करेंगे, केवल अपनी प्रशासनिक नाकामियों पर पर्दा डालने और जनता के भारी आक्रोश से बचने का एक असफल प्रयास है।
उन्होंने पूछा कि जब नगर निगम को पहले से पता था कि रविवार को कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो रहा है, तो इसके लिए पहले से पारदर्शी और स्थायी नीतियां क्यों नहीं तैयार की गईं? क्यों शहर की स्वच्छता और गरीब कर्मचारियों के भविष्य को इस तरह दांव पर लगाया गया?
तंवर ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद से सफाई कर्मचारियों में अपनी नौकरी, वरिष्ठता और वेतन को लेकर भारी मानसिक तनाव और चिंता बनी हुई थी। हालांकि मेयर अब दावा कर रहे हैं कि वेतन और कार्यशर्तें पहले जैसी रहेंगी, लेकिन आम आदमी पार्टी भाजपा के इन मौखिक आश्वासनों पर कतई भरोसा नहीं करती।
पूर्व में भी भाजपा ने आउटसोर्सिंग और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों के साथ लगातार वादाखिलाफी की है। लायंस कंपनी के अंतर्गत काम कर रहे अधिकारियों और अन्य स्टाफ को इस व्यवस्था से बाहर रखकर भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि उनके पास इस बदलाव को लेकर कोई मुकम्मल योजना नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में प्रशासनिक गतिरोध पैदा होना तय है।
आज शहर के कई क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल देखने को मिली, जिसके कारण सेक्टरों, मार्केटों और रिहायशी इलाकों में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए, जिससे आम नागरिकों में भारी रोष देखने को मिला। यह स्थिति साफ तौर पर दर्शाती है कि भाजपा शासित नगर निगम के पास न तो कोई ठोस वैकल्पिक योजना थी और न ही सफाई कर्मचारियों के भविष्य को लेकर गंभीरता। आज की हड़ताल ने यह साबित कर दिया कि शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। नगर निगम और भाजपा नेतृत्व को तुरंत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि आखिर चंडीगढ़ शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसके हाथ में है और कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
आम आदमी पार्टी चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम से पुरजोर मांग करती है कि किसी भी सफाई कर्मचारी के रोजगार, वेतन या उनकी मौजूदा सुविधाओं के साथ कोई छेड़छाड़ या भेदभाव नहीं किया जाएगा। भाजपा की आपसी खींचतान और गलत नीतियों का खामियाजा चंडीगढ़ की जनता को गंदगी और महामारी के रूप में भुगतने नहीं दिया जाएगा।
यदि आने वाले दिनों में किसी भी सेक्टर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई या कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचा, तो आम आदमी पार्टी सड़कों पर उतरकर इसका पुरजोर विरोध करेगी।
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