Friday, 29 May 2026

हीलिंग हॉस्पिटल ने 6,000 से ज़्यादा एआई-आधारित रोबोलेंस नी (घुटने) के प्रोसीजर पूरे किए:.         एडवांस्ड रोबोटिक एफटी-3डी प्रोग्राम लॉन्च किया

By 121 News
Chandigarh, May 29, 2026:-भारत में ऑर्थोपेडिक हेल्थकेयर सर्विस के क्षेत्र में एक बड़ी तरक्की हासिल करते हुए, हीलिंग हॉस्पिटल चंडीगढ़ ने 6,000 से ज़्यादा एआई-आधारित रोबोलेंस एफटी-3डी घुटने के रिसर्फेसिंग प्रोसीजर सफलतापूर्वक पूरे करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इसके साथ ही, हॉस्पिटल ने एडवांस्ड, पूरी तरह से ऑटोमेटिक रोबोटिक तकनीक द्वारा संचालित  अगली पीढ़ी का 'रोबोटिक एफटी-3डी नी रिसर्फेसिंग प्रोग्राम' भी लॉन्च किया है।

इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, दृशमीत सिंह बुट्टर, मैनेजिंग पार्टनर, हीलिंग हॉस्पिटल, ने कहा कि सर्जरी का भविष्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और एडवांस्ड एनालिटिक्स द्वारा संचालित इंटेलीजेंट, सटीक तकनीकों में सम्माहित है। हमारा दृष्टिकोण हमेशा से मरीजों को ऐसी एडवांस्ड हेल्थकेयर सर्विस तकनीकों तक पहुंच प्रदान करता रहा है जो परिणामों को बेहतर बनाती हैं और मरीजों का विश्वास मजबूत करती हैं।

बुट्टर के अनुसार, जैसे-जैसे दुनिया भर में हेल्थकेयर सर्विस सटीक, न्यूनतम चीर-फाड़ वाली (मिनीमली इनवेसिव) और मरीज-केंद्रित इलाज प्रक्रियाओं की ओर बढ़ रही है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी तकनीकें सर्जिकल प्रक्रियाओं में तेज़ी से बदलाव ला रही हैं।

उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक घुटने बदलने के प्रोसीजर अभी भी आम हैं, वहीं ऑर्थोपेडिक देखभाल उन इंटेलीजेंट  सर्जिकल सिस्टम्स के माध्यम से तेज़ी से विकसित हो रही है जो अधिक पर्सनलाइजेशन और सटीकता की सुविधा देती हैं।

एक सवाल के जवाब में, बुट्टर ने कहा कि हीलिंग हॉस्पिटल का रोबोलेंस एफटी-3डी घुटने के रिसर्फेसिंग प्लेटफ़ॉर्म एआई-ऑपरेटेड सर्जिकल योजना को माइक्रोसॉफ्ट होलोलेंस-ऑपरेटेड ऑगमेंटेड रियलिटी विज़ुअलाइज़ेशन के साथ जोड़ता है, जिससे सर्जन प्रोसीजर के दौरान मरीज की शारीरिक रचना का वास्तविक समय में 3डी रूप में गहराई से अध्ययन कर पाते हैं।

हॉस्पिटल के विशेषज्ञों के अनुसार, रोबोलेंस एफटी-3डी सिस्टम सटीक मैपिंग, इंटेलीजेंट ज्वाइंट बैलेंस, सटीक इम्प्लांट पोजीशन और मिनिमल इनवेसिव यानि न्यूनतम चीर-फाड़ वाले प्रोसीजर पर केंद्रित है। इन नए बदलावों का उद्देश्य टिश्यूज को होने वाली क्षति को कम करना, रक्त की हानि को न्यूनतम करना, मरीजों की गतिशीलता को तेज करना और उनके पुनर्वास (रीहैबलीटेशन) को आसान बनाना है।

ऑर्थोपेडिक इनोवेशन पर अपने विचार साझा करते हुए, डॉ अजय एस.भाम्बरी, डायरेक्टर- ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट और एफटी-3डी टीम के सदस्य ने कहा कि दुनिया भर में घुटने के प्रोसीजर एआई-संचालित योजना, रोबोटिक प्रोसीजर और ऑगमेंटेड विज़ुअलाइज़ेशन सिस्टम्स के माध्यम से तेज़ी से विकसित हो रहे हैं, जो अधिक सर्जिकल सटीकता और तेज रिकवरी में सहायक हैं।

व्यक्तिगत उपचार योजना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, डॉ. निशांत सेतिया, सीनियर कंसल्टेंट ने कहा कि प्रत्येक रोगी का शारीरिक स्ट्रक्चर, चलने-फिरने की क्षमता के लिए जरूरी आवश्यकताएं और जोड़ों की स्थिति काफी बेहतरीन होती है, जिससे व्यक्तिगत सर्जीकल प्लानिंग आवश्यक हो जाती है। उन्होंने विस्तार से बताया कि एआई, एफटी-3डी सटीक मैपिंग और रोबोटिक एनालसिस को इंटीग्रेट करने से लॉन्गटर्म मोबिलिटी और जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से अत्यधिक कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट दृष्टिकोण संभव हो पाते हैं।

रोगी सुरक्षा और रिकवरी पर अपना दृष्टिकोण जोड़ते हुए, डॉ हरसिमरन कौर बुट्टर, सीनियर एनेस्थेटिस्ट ने इस बात पर जोर दिया कि आज की एडवांस्ड नी प्रोसीजर्स केवल सर्जरी तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि सुरक्षित रिकवरी, कम सर्जीकल तनाव, जल्द से चलने-फिरने की क्षमता और रोगियों के लिए बेहतर रीहैबलीटेशन अनुभव पर भी समान रूप से ध्यान केंद्रित करती हैं।

हीलिंग हॉस्पिटल चंडीगढ़ में आज न केवल पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर और चंडीगढ़ से, बल्कि भारत के कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग अलग देशों से भी एडवांस्ड नी रिप्लेसमेंट सर्जरी, रोबोटिक नी सर्जरी और आधुनिक ऑर्थोपेडिक देखभाल चाहने वाले मरीज आते हैं। इनमें से कई मरीज विशेष रूप से एडवांस्ड रोबोटिक और एआई-सहायता प्राप्त घुटने की प्रक्रियाओं को करवाने के लिए लंबी दूरी तय करते हैं।

एडवांस्ड टेक्नोलॉजी, स्पेशलाइज्ड सर्जीकल विशेषज्ञता और रोगी-केंद्रित इनोवेशन में निरंतर निवेश के साथ, हीलिंग हॉस्पिटल चंडीगढ़ भारत में रोबोटिक और एआई-सहायता प्राप्त ऑर्थोपेडिक केयर के लिए एक प्रमुख सेंटर के रूप में अपनी स्थिति को लगातार मजबूत कर रहा है।
Uploaded Image

No comments:

Post a Comment