By 121 News
Chandigarh, Apr.24, 2026:- पंचायती राज दिवस के अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई। यह गर्व का विषय है कि पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय कांग्रेस पार्टी की देन है। स्वर्गीय राजीव गांधी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह कदम उठाया गया, जिससे देश की लाखों महिलाओं को राजनीति में भागीदारी का अवसर मिला और उन्होंने अपनी प्रतिभा से समाज में नई पहचान बनाई। यह कहना है पूर्व मेयर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलेश बनारसी दास का।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि वर्तमान सरकार इस विषय पर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। यह कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण बिल को पास नहीं होने दिया, जबकि सच्चाई यह है कि वर्ष 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हो चुका है।
प्रश्न यह उठता है कि जब बिल पास हो गया, तो उसे फिर से राजनीतिक मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है? स्पष्ट है कि यह महिलाओं के सशक्तिकरण से अधिक चुनावी लाभ का साधन बन गया है।
कमलेश ने कहा कि बिना जनगणना के लोकसभा सीटों में बदलाव और परिसीमन की बात करना भी गंभीर चिंता का विषय है। परिसीमन एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो जनगणना के आधार पर ही निष्पक्ष रूप से की जाती है। इसी आधार पर यह तय होता है कि कौन सा क्षेत्र आरक्षित होगा और कौन सामान्य।
कमलेश ने आगे कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में काम करना चाहती है, तो मौजूदा सीटों में ही 33% आरक्षण लागू करने में देरी क्यों? जब पूरा विपक्ष इसके समर्थन में खड़ा है, तो फिर बाधा कहां है?
मैं देश की सभी बहनों से अपील करना चाहती हूं कि वे किसी भी जानकारी को आंख बंद करके स्वीकार न करें, बल्कि सोच-समझकर निर्णय लें। महिलाओं के नाम पर राजनीति करना बंद होना चाहिए।
महिलाओं की आड़ लेकर सच्चाई को छुपाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
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