By 121 News
Chandigarh, Mar.25, 2026:-उद्योग व्यापार मंडल, चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन ने प्रशासन द्वारा कलेक्टर रेट में की गई बढ़ोतरी के फैसले पर अपना विरोध दर्ज करते हुए इस निर्णय को वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में पूरी तरह गैर-जरूरी, अव्यवहारिक एवं व्यापारिक वर्ग पर अतिरिक्त बोझ डालने वाला बताया है।
आज यहां जारी एक प्रेस नोट में कैलाश जैन ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर रेट में वृद्धि केवल कुछ प्रतिशत तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा असर कन्वर्जन चार्जेज और अन-अर्न्ड प्रॉफिट (Unearned Profit) जैसे अन्य शुल्कों पर भी पड़ता है, जिससे व्यापारियों पर कुल आर्थिक बोझ कई गुना बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि "सरकार जहां एक ओर Ease of Doing Business को बढ़ावा देने की बात करती है, वहीं इस प्रकार के फैसले व्यापार करने को और कठिन बना देते हैं।"
जैन ने यह भी उल्लेख किया कि पिछले वर्ष भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी, जिसका व्यापक विरोध हुआ था और आज तक व्यापारी वर्ग उस बढ़ोतरी को स्वीकार नहीं कर पाया है। ऐसे में पुनः रेट बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसे फैसले लेने से पहले व्यापारियों को राहत देने वाले प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। व्यापारियों की लंबे समय से लंबित मांगों—जैसे बिल्डिंग बायलॉज में सुधार, FAR में बढ़ोतरी, OTS स्कीम लागू करना, तथा बिल्डिंग वायलेशन मामलों में राहत—को स्वीकार कर व्यापार को प्रोत्साहन देने वाले निर्णय लेने चाहिए।
उद्योग व्यापार मंडल के सचिव नरेश कुमार गोयल ने कहा कि इस समय व्यापारियों को राहत देने की आवश्यकता है, न कि उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की।
उन्होंने प्रशासक से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलेक्टर रेट में की गई बढ़ोतरी के इस फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लेने तथा व्यापारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर राहत प्रदान करने की मांग की है।
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