Monday, 9 February 2026

चंडीगढ़ में नेशनल थायरॉयड कॉन्फ्रेंस आयोजित, शोध, रोकथाम और गुणवत्तापूर्ण उपचार पर रहा विशेष जोर

By 121 News
Chandigarh, Feb.09, 2026:- इंडियन थायरॉयड सोसायटी (आईटीएस) ने औद्योगिक क्षेत्र फेज 1 स्थित हयात रीजेंसी, चडीगढ़ में अपना राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया, जिसमें देशभर से लगभग 400 प्रतिष्ठित एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, चिकित्सक, सर्जन और शोधकर्ता शामिल हुए। यह कॉन्फ्रेंस थायरॉयड से जुड़े नवीनतम शोध, निदान तकनीकों और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच बना, जिसमें भारत में थायरॉयड विकारों के बढ़ते सार्वजनिक स्वास्थ्य महत्व को रेखांकित किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चिकित्सा शोध और नवाचार को मजबूत करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला, विशेष रूप से नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के माध्यम से बढ़े हुए वित्तीय सहयोग का उल्लेख किया। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, शीघ्र निदान और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों की ओर भारत के प्रगतिशील रुख को रेखांकित किया। साथ ही, उन्होंने थायरॉयड विकारों सहित गैर-संचारी रोगों के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए चिकित्सा संगठनों और नीति-निर्माताओं के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

आयोजन सचिव डॉ. सचिन मित्तल ने कहा कि लगभग 400 प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी इस विषय की गंभीरता और थायरॉयड देखभाल को बेहतर बनाने के प्रति चिकित्सा समुदाय की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस ज्ञान साझा करने, उपचार प्रक्रियाओं के मानकीकरण और दीर्घकालिक रोग प्रबंधन रणनीतियों को सुदृढ़ करने का एक उत्कृष्ट मंच साबित हुआ।

इंडियन थायरॉयड सोसायटी के प्रेसीडेंट लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेंद्र कोटवाल ने थायरॉयड शिक्षा को आगे बढ़ाने, क्लिनिकल दिशानिर्देश तैयार करने और इस क्षेत्र में शोध को प्रोत्साहित करने में सोसायटी की अहम भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने स्वास्थ्य पेशेवरों में जागरूकता बढ़ाने और शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मरीजों के हित में सर्वोत्तम उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए आईटीएस के निरंतर प्रयासों की सराहना की।

कॉन्फ्रेंस के वैज्ञानिक सत्रों में आधुनिक निदान विधियों, इमेजिंग और प्रयोगशाला चिकित्सा में हुई प्रगति, तथा हाइपोथायरॉयडिज़्म, थायरॉयड नोड्यूल्स और थायरॉयड कैंसर के प्रबंधन की उभरती रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। शोध और वास्तविक चिकित्सीय अभ्यास के बीच की दूरी को कम करना और मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित करना कॉन्फ्रेंस का प्रमुख उद्देश्य रहा।

कॉन्फ्रेंस का समापन बहु-विषयक सहयोग को बढ़ावा देने, शोध पहलों के विस्तार और आम जनता व स्वास्थ्य पेशेवरों में जागरूकता को और मजबूत करने के साझा संकल्प के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य देशभर में थायरॉयड स्वास्थ्य और मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार करना है।

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