Thursday, 5 November 2020

यूटी व एम सी कर्मचारियों ने विशाल रैली में किया 26 नवम्बर 2020 की हड़ताल का ऐलान

By 121 News

Chandigarh Nov. 05, 2020:- अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैड़रेशन के फैसले के तहत फैड़रेशन ऑफ यूटी इम्पलाईज एण्ड वर्करज चण्डीगढ़ के आहवान पर यूटी एम सी के अलग अलग विभागों के हजारों कर्मचारियों ने सैक्टर 17 में विशाल रैली प्रदर्शन कर प्रशासन को 26 नवम्बर 2020 को की जा रही हड़ताल का नोटिस दिया। रैली में बिजली, पानी, बागवानी, सड़क, बाल कल्याणपरिषद, सिटको, वीडीओ, एमसी मनीमाजरा, कैपीटल प्रोजैक्ट, सफाई कर्मचारी आदि 18 यूनियनों से सम्बन्धित हजारों कर्मचारी शामिल हुए।  

रैली को सम्बोंधित करते हुए फैड़रेशन के महासचिव अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फैड़रेशन के राष्ट्रीय सचिव गोपाल दत्त जोशी ने  26 नवम्बर को की जा रही हड़ताल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हड़ताल 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों पर लागू न्यू पैन्शन स्कीम रद्द कर पुरानी पैंशन लागू करने, डेलीवेज, वर्कचार्ज कान्ट्रेक्ट, आउटसोर्स हर प्रकार के कर्मचारियों  को पक्का करने, माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले अनुसार बराबर काम के आधार पर बराबर वेतन देने, मुनाफे में चल रहे चण्डीगढ़ के बिजली विभाग का किया जा रहा निजीकरण का फैसला रद्द करने, एम सी कर्मचारियों पर थोपी गई गुलामी की पटृी स्मार्ट घड़ी लगाने का फैसला वापिस लेने, केन्द्र सरकार द्वारा जारी प्री-म्चयॉर रिटायरमैंट का फैसला वापिस लेने, पंजाब यूटी कर्मचारियों का 2016 से लंबित 6वें पे-कमीषन की रिर्पोट लागू करने, अप्रैल महीने से लागू डीसी रेट का भुगतान शीघ्र करने, स्थाई प्रकृति के कार्यो पर ठेकाकरण बन्द करने नियमित भर्ती शुरू करने, कम से कम वेतन 21000/- प्रति महीना देने सभी के लिए रू 10000/- प्रति माह पेंशन देने, मजदूर विरोधी श्रम कानून को रद्द करने, मृतक कर्मियों के आश्रितों को पंजाब पैट्रन पर नौकरी देने भर्ती प्रमोशन  के नियमों में संशोधन करने, जेम प्रणाली के तहत भर्ती किये गये कान्ट्रेक्ट कर्मियों को दिल्ली की तर्ज पर सीधे विभागों द्वारा रखने, यूटी एम सी के रिटायर हुए सैकडों कर्मचारियों के पैंषन के केसों का शीघ्र निपटारा करने आदि मांगों को लागू करवाने के लिए की जा रही है।

फैडरेशन ऑफ यूटी इम्पलाईज एंड वर्कर्स चण्डीगढ़ के प्रधान रघवीर चन्द ने कहा कि जहां केन्द्र सरकार कर्मचारियों के संयुक्त मुददो पर चर्चा से भाग रही है वहीं चण्डीगढ़ प्रशासन भी बार बार संघर्ष करने के बावजूद कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रहा है जिस कारण विभागों में हजारों की संख्या में खाली पोस्टें भरने, 5 प्रतिशत सीलिंग खत्म कर पंजाब के आधार पर नौकरी देने, कैशलैस मैडीकल स्कीम लागू करने, विभागों में भर्ती के नियमों में संशोधन करने, कान्ट्रैक्ट कर्मचारियों को जेम में रजिस्टर्ड आऊटसोर्स एजेसिंयों की बजाए विभाग द्वारा सीधी भर्ती करने समेत अन्य मांगों पर नाकारात्मक रवैया अपना रहा है। 

रैली  को फैडरेशन के वरिष्ठ उप प्रधान राजेन्द्र कटोच, भीमसेन, ध्यान सिंह, रेखा शर्मा संयुक्त सचिव अमरीक सिंह, हरकेश चन्द, नसीब सिंह, बिहारी लाल के अलावा गुरमीत सिंह, दलेर सिंह, रंजीत सिंह (बिजली), हरपाल सिंह चैन सिंह (पानी), विशराम, राजेन्द्रन (यूटीरोड), एम सुब्रहमण्यम, रामबख्श (एमसी होल्टीकल्चर), पी. कामराज, राम बहादर (एमसी रोड़), सीटू चण्डीगढ़ के प्रधन का. कुलदीप सिंह महा सचिव दिनेश प्रसाद तथा एलआईसी के राजीव सहगल, किरणदीप सिंह आदि कर्मचारी नेताओं ने सम्बोंधित करते हुए सरकार की निन्दा की तथा कर्मचारियों को 26 नवम्बर 2020 की हड़ताल को लामिशाल कामयाब करने की अपील की।

धरने में  विषेष प्रस्ताव पास कर मुनाफे में चल रहे चण्डीगढ़ के बिजली विभाग का निजीकरण करने का फैसला रद्द करने की मांग करते हुए सरकार को चेतावनी दी गई कि अगर चण्डीगढ़ प्रषासन ने  सुचारू रूप से चल रहे तथा पब्लिक को सस्ती निर्विघ्न बिजली दे रहे विभाग को कौड़ियों के दाम में निजी मालिकों को बेचने का फैसला रद्द नहीं किया तो फैडरेशन बिजली कर्मचारियों के समर्थन में लड़ीवार संघर्ष करेगी तथा मुक्मल काम ठप्प रखेगी जिस कारण आम जनता को होने वाली परेषानी के लिए केन्द्र सरकार तथा प्रषासन का नाकारात्मक गैर संवैधानिक फैसला जिम्मेवार होगा। एक अन्य प्रस्ताव में किसानों के चल रहे संघर्ष का समर्थन करते हुए किसान विरोधी बिलों को रद्द करने की मांग की गई तथा नगर निगम द्वारा लागू की गई गुलामी की पटृी स्मार्ट वॉच का फैसला भी रद्द करने का प्रस्ताव पास किया गया। रैली के दौरान सरकार के प्रतिनिधि एसडीएम (सैंटरल) को हड़ताल का नोटिस दिया गया। 

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