Saturday, 22 August 2020

गणेश चतुर्थी पर रविन्द्र पठानिया ने की गणपति स्थापना, 10 दिन तक करेंगे बप्पा की सेवा: साज सज्जा से लेकर गणपति जी की मूर्ति है इको फ्रेंडली


By 121 News
Chandigarh August 22,2020 : गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के जिला अध्यक्ष रविन्द्र पठानिया ने इस बार भी गणपति बप्पा की स्थापना अपने निवास स्थान बढ़हेडी में बड़ी धूमधाम से की | उन्होंने अपने परिजनों सहित पूरे विधिविदान से गणपति बप्पा को अपने घर बुलाया |
आज आयोजित हुए कार्यक्रम की जानकारी प्रदान करते हुए जिला अध्यक्ष रविन्द्र पठानिया ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते वो सभी सावधानियों की पालना करते हुए पूजा अर्चना का आयोजन किया गया | पंडित जी के मंत्रोचारण के साथ गणपति बप्पा की मूर्ति को बैठाया गया | उपस्थित सभी लोगों को पूजा के बाद प्रसाद इत्यादि वितरित किया गया | 
उन्होंने बताया कि वे गत 4 वर्षों से इसी प्रकार से अपने निवास स्थान पर घर में गणपति जी को बिठाते हैं और पूरे मंत्रोचारण और पूजा अर्चना से भगवान् का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं | इस उत्सव की तैयारी के लिए परिवार के सदस्यों के अलावा मित्रगण भी गणपति जी के आगमन से पूर्व भांति भांति की तैयारी करते हैं | मंडप की साज सज्जा की जाती है | 
उल्लेखनीय है कि उनके यहाँ हर बार नया मंडप तैयार किया जाता है | किसी थीम आधारित मंडप की तैयारी की जाती है | गत वर्ष पहाड़ों के दृश्य और झरने की खूबसूरती देखते बनती थी | इस बार गाँव की छोटी सी कुटिया और रंगीले खूबसूरत छोटे घड़ों से बहते पानी और जगमगाती रौशनी से पूरे मंडप को सजाया गया है | इसके लिए कई दिन पहले तैयारी शुरू हो जाती है | 
गौरतलब है कि अब तक जितने भी मंडप बने हैं, उसकी साज सज्जा परिवार और मित्रगनो ने किसी अनुभवी व्यक्ति की सहायता के बिना अपने आप ही तैयार किया है | इस बार के मंडप में पार्टी के मंडल नंबर 9 के अध्यक्ष आजाद कुमार पंकज, अजय, सागर, चेरी डोगरा, प्रदीप यादव, स्वराज उपाध्याय, रवि रावत, बलराम पाण्डेय, धर्मपत्नी टीना, बेटा भव्य पठानिया, बेटी तविषी पठानिया ने पूरा पूरा सहयोग दिया | साज सज्जा के लिए भी इको फ्रेंडली सामान का ही प्रयोग किया गया है | घास फूस और बांस से झोपडी, मिटटी से बनी मूर्ति और मिटटी से बने झरने का उपयोग किया गया है | 
उन्होंने इस उत्सव को मनाने का कारण बताते हुए कहा कि 4 वर्ष पहले जब उनके बेटे भव्य ने जिद की कि उसके मित्र के घर की तरह हमारे घर पर भी गणपति जी विराजने चाहिए | उसकी जिद को पूरा करने के लिए हमने ये निर्णय लिया कि इस बार गणपति जी को घर बिठा लेते हैं | बस फिर क्या था जिस किसी को भी पता चला, वो गणपति जी के दर्शन करने आने लगा | हर शाम को भजन आरती करते और बाद में प्रसाद वितरित कर एक दुसरे का हाल चाल पूछते थे | 10 दिनों के बाद धूमधाम से ढोल बाजे और रंगों से खेलते हुए सभी लोग घाट पर जाते और बप्पा को ख़ुशी ख़ुशी विदा करते और अगले बरस फिर से आने की प्रार्थना करते | भंडारे का भी आयोजन किया जाता था | इस अवधारणा और धर्म के प्रति आस्था के दीये की लौ ऐसी जली कि हर वर्ष गणपति जी भी बड़े होते जा रहे हैं और उत्सव को मनाने का क्रम भी लगातार बढ़ता जा रहा है | हां इस बार कोरोना को लेकर लोगों का आवागमन तो सीमित है और नियमों की पालना के अनुरूप ही पूजा को किया जा रहा है तो उधर गणपति जी इस बार भी पूर्व से बड़े आये हैं और मंडप भी खूब चमक धमक रहा है | ये गणपति बप्पा ही हैं जो अपने आप सब करवाते हैं | वरना उनके बिना तो पत्ता तक नहीं हिल सकता | पूजा अर्चना में भाग लेने के लिए किसी व्यक्ति को अलग से निमंत्र्ण नहीं दिया जाता है | लोग स्वयं ही अपने अपने समय अनुरूप आकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं | इस बार हम सभी कोरोना महामारी से सभी लोगों के छुटकारे की प्रार्थना करते हैं और दुआ करते हैं कि ये विकट बिमारी जल्द से जल्द समाप्त हो | 
आज आयोजित हुई पूजा अर्चना में श्री दुर्गा मंदिर सेक्टर 41 की तरफ से प्रधान एच एल छाबड़ा, महामंत्री मनोहर लाल, डबल स्टोरी मंदिर की तरफ से शिव करण राणा, भरत यादव, ललित कंसल, राजीव कालिया, यशपाल राणा, हरविन्द्र गिल आदि ने भाग लिया और भगवान् का आशीर्वाद लिया |

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