Wednesday, 18 November 2020

विश्व सीओपीडी दिवस: सीओपीडी से पीडि़त लोगों को कोविड संक्रमण होने का अधिक खतरा

विश्व सीओपीडी दिवस: सीओपीडी से पीडि़त लोगों को कोविड संक्रमण होने का अधिक खतरा


By 121 News

Chandigarh Nov. 18, 2020:- अनियंत्रित क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) से पीडि़त लोगों को गंभीर कोविड -19 संक्रमण विकसित होने का अधिक खतरा होता है। कोविड -19 के संपर्क में आने की संभावना को कम करने के लिए सीओपीडी के रोगियों को उचित इनहेलर और सहायक उपचार के साथ अपनी बीमारी को नियंत्रण में रखना चाहिए।

विश्व सीओपीडी दिवस पर बोलते हुए, डॉ सुरेश गोयल, सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट, आईवी अस्पताल, मोहाली ने कहा कि दुनिया में सीओपीडी के 300 मिलियन वर्तमान मामले हैं। सीओपीडी अब वैश्विक स्तर पर मौत का तीसरा प्रमुख कारण है और कम संसाधन वाले देशों में अत्यधिक है।

डॉ सुरेश गोयल ने आगे बताया कि हालांकि यह एक उपचार योग्य रोग है जो एयरफ्लो में लिमिटेशन के कारण होता है। हालांकि दिन दिन संकीर्ण हो चुके वायुमार्ग के कारण रोगी के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है।

डॉ सुरेश गोयल ने आगे बताया कि सीओपीडी के लिए मुख्य जोखिम कारक तम्बाकू धूम्रपान, वायुमंडलीय वायु प्रदूषण के साथ-साथ खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता बायोमास से धुएं के कारण वायु प्रदूषण है। तम्बाकू के सेवन से हर 8 सेकंड 1 व्यक्ति की मृत्यु के साथ तम्बाकू हर साल 1 मिलियन से अधिक लोगों को मारता है। तंबाकू मुंह, फेफड़े, अन्नप्रणाली और मूत्राशय के कैंसर के लिए जिम्मेदार है। धूम्रपान छोडऩे से कोविड -19 के जोखिम को कम किया जा सकता है।

डॉ सुरेश गोयल ने बताया कि परिवार या देखभाल करने वाले को सीओपीडी रोगियों,  दवाओं के स्टॉक और अन्य आवश्यक आपूर्ति की लगातार निगरानी करनी चाहिए जो कई हफ्तों तक चल सकती है।

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