Tuesday, 1 February 2022

केंद्रीय बजट ने किया देशवासियों की उम्मीदों को कुचलने का काम: कुमारी सैलजा

By 121 News                        

Chandigarh Feb.01, 2022:- हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने केंद्रीय बजट को देशवासियों की उम्मीदों को कुचलने वाला बताया है। बजट में हरियाणा की उपेक्षा पर भी कुमारी सैलजा ने निराशा जताई है। कुमारी सैलजा ने कहा कि आज बेरोजगारी चरम पर है, महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है और अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। सरकार की विफल नीतियों और कोरोना काल में उपजे हालातों के बीच लोगों को उम्मीद थी कि इस बजट के जरिए उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मगर आज इस बजट से देशवासियों को घोर निराशा हाथ लगी है और इस बजट ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। यह पूरी तरह से जन विरोधी बजट है।

यहां जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा कि समय-समय पर भाजपा सरकार यह साबित करती रहती है कि उनकी नीतियां आम जनता, गरीब, किसान, युवा, छोटे उद्योगों के लिए नहीं हैं। केंद्रीय बजट प्रस्तुत होते ही सबसे पहला प्रहार नौकरी-पेशा और मध्यम वर्ग पर हुआ है। पूरा देश जब सरकार से आयकर में कटौती की उम्मीद लगा रहा था तब सरकार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

केंद्रीय बजट में हरियाणा प्रदेश की अनदेखी पर दुःख व्यक्त करते हुए कुमारी सैलजा ने कहा कि इस बजट से हरियाणा प्रदेश की जनता की उम्मीदों पर भी पानी फिर गया है। इसके लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ हरियाणा की भाजपा-जजपा सरकार भी जिम्मेदार है। बजट में हरियाणा प्रदेश की घोर उपेक्षा की गई है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने की बातें इस सरकार द्वारा कई वर्षों से की जा रही हैं, लेकिन किसानों के हालात बदतर होते जा रहे है। बजट पूरी तरह से किसान विरोधी बजट है। देश के गरीब वर्ग को भी इस बजट से कुछ नहीं मिला है और इस बजट में गरीबों की सीधे तौर पर अनदेखी की गई है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह बजट किसी भी मायने में आम जनता के भले के लिए नहीं है। वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए प्रस्तुत बजट में सब्सिडी में कटौती करके भी गरीबों पर प्रहार किया गया है। वित्त वर्ष 2021-22 में फूड सब्सिडी 2.86 लाख करोड़ रुपये थी जो वित्त वर्ष 2022-23 में घटा कर 2.06 लाख करोड़ कर दी गई है। किसानों को खाद पर मिलने वाली सब्सिडी 1.40 लाख करोड़ रुपये से घटा कर 1.05 लाख करोड़ रुपये किया गया है तो वही मनरेगा का बजट 98,000 करोड़ रुपये से कम करके 73,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है। केंद्र सरकार के बजट में किसानों के लिए कोई घोषणा नहीं की गई है। इससे पहले किसानों को बजट में कुछ मिले या न मिले, उनके लिए अच्छी बातें तो होती थी, इस बार के बजट में कोई घोषणा भी नहीं की गई।

सरकार ने किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य का बजट भी कम कर दिया है। पिछले वर्ष न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद का बजट 2.48 लाख करोड़ रूपये था, जिसमें पूरे 11000 करोड़ की कटौती करके उसे इस वर्ष 2.37 लाख करोड़ रखा गया है। इसके अलावा महामारी के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी इस बजट में कुछ ख़ास नहीं है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि इस सरकार ने 2 करोड़ युवाओं को नौकरियां देने का वादा किया, लेकिन उसे जुमला बना दिया। अब इस सरकार ने बजट में 60 लाख नौकरियां देने का नया शिगूफा छोड़ा है। यह सरकार रोजगार देने का वादा यह सरकार शुरू से कर रही है लेकिन असल में युवाओं के हाथ बेबसी और लाचारी के सिवा कुछ नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि क्या बड़े-बड़े दावे और वादे करने वाली भाजपा सरकार के पास आम जनता के लिए कुछ नहीं है? यह देश अभी महामारी से हुए भारी नुकसान से उभरा नहीं है। ऐसे में सरकार को जनता के भले के लिए कदम उठाने चाहिए थे लेकिन किसानों, गरीबों, मजदूरों, युवाओं को इस सरकार से सिर्फ विश्वासघात ही मिला है।

Budget 2022: Disappointment for Taxpayers, But Impetus on Infrastructure and Digital Economy

By 121 News                        

Chandigarh Feb.01, 2022:- Budget 2022 was announced by the finance minister in the shortest speech ever today. It brought huge disappointment for the salaried and middle-class income group which was expecting an increase in standard deduction, increase in tax slabs etc. Nevertheless, the FM seems to have focused on building eco-system for the digital economy. Not only did FM announce the extension of tax schemes for the start-ups and new manufacturing unit but also opened up the arena for digital currency and digital education. The concept of digital university which shall come up in GIFT city would prove advantageous to a large number of students across the country. To curb the tax evasion, budget 2022 brought harsh provisions in respect of undisclosed incomes found during Income Tax Search proceedings. Further a concept of Updated Income Tax Return has also been announced which will now allow the taxpayer to file updated returns by paying additional tax ranging from 25% to 50%. The focus has also been made to reduce the corruption in the Income Tax Department by introducing the National Faceless Assessment Centre. This will go a long way in bringing transparency in the income tax procedures. The introduction of 30% tax on the income earned on crypto currencies is a welcome step looking at the huge amount of money invested. Further the announcement of digital currency by the Reserve Bank of India came as a big surprise looking at the lack of infrastructure in the country to effectively implement blockchain.

All in all Budget 2022 is absolutely futuristic which tries to build an imaginative castle heading towards 100 years of India's independence. Budget near to the ground realities would have been much more appreciated. 

विश्वास फाउंडेशन ने सेक्टर 11 मार्किट में लगाया रक्तदान शिविर

By 121 News                        

Chandigarh Feb.01, 2022:- विश्वास फाउंडेशन ने आज मंगलवार को मार्किट सेक्टर 11डी में ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। यह कैंप कुमार ब्रदर्स केमिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड व इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी पंजाब स्टेट ब्रांच के सहयोग से लगाया गया। शिविर में सामाजिक दूरी, मास्क व सैनिटाईज़ेशन का ख़ास ध्यान रखा गया। 40 रक्तदानियों ने अपनी स्वेछा से रक्तदान किया।

विश्वास फाउंडेशन की महासचिव साध्वी नीलिमा विश्वास ने बताया कि ब्लड बैंक जीएमएसएच-16 चंडीगढ़ की आठ सदस्यीय टीम ने डॉक्टर सिमरजीत कौर गिल की देखरेख में रक्त एकत्रित किया गया। शिविर का उद्घाटन कुमार ब्रदर्स केमिस्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अश्वनी कुमार सिंगला, वरुण सिंगला, अरुण सिंगला व शरून सिंगला के करकमलों द्वारा किया गया। अश्वनी कुमार सिंगला ने रक्तदाताओं को बैज लगाकर उनका होंसला बढ़ाया।

उन्होंने कहा की रक्तदान महादान है। किसी जरुरतमन्द व्यक्ति को रक्त देकर उसकी जान बचाई जा सकती है। आमतौर पर लोगों की मानसिकता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आती है। ये भ्रामक जानकारी है। रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती और सप्ताहभर में दिए गए खून कि आपूर्ति हो जाती है और नया खून शरीर में संचार हो जाता है। उन्होंने युवायों से अपील की है कि वो रक्तदान का संकल्प लें और जीवन में जरूर रक्तदान करें।

इस रक्तदान शिविर में आये सभी रक्तदानियों को प्रशंसा पत्र, मास्क, साबुन व गिफ्ट देकर प्रोत्साहित किया गया। इस मौके पर इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी पंजाब स्टेट ब्रांच से राकेश कुमारी व विश्वास फाउंडेशन से ऋषि मोहित विश्वास, अविनाश शर्मा, शत्रुघन कुमार, ब्लड बैंक के डॉक्टर्स व अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।

भाजपा सरकार द्वारा संसद में पेश किया गया बजट है एक लोलीपॉप बजट: हरमेल केसरी

By 121 News
Chandigarh Feb.01, 2022:-भाजपा सरकार द्वारा आज संसद में पेश किया गया बजट एक लोलीपॉप बजट है, इससे आम आदमी को कुछ भी नही मिला है। यह विचार बजट पेश होने के बाद कांग्रेस के सीनियर नेता हरमेल केसरी ने पेश किए।
हरमेल केसरी ने कहा कि इस बार केंद्र सरकार से चंडीगढ़ द्वारा वित मंत्रालय से 5836 करोड़  रूपए की मांग की गई थी, जबकि उन्हें 454 करोड़ रुपए कम मिले हैं। इतने पैसे कम मिलने से चंडीगढ़ में नए काम शुरू करने में मुश्किल आएगी और इतने पैसों की कमी पूरी करने के लिए चंडीगढ़ के लोगों पर नए टैक्स लगा कर और टैक्स बढ़ा कर आपूर्ति की जाएगी। 
यह बिल्कुल फीका एवं निराशाजनक बजट है, नौजवानों, मजदूरों का कोई जिक्र नहीं है। इसने आम आदमी की निराश किया है, मंहगाई नियंत्रण के लिए कोई चर्चा नही हुई । मध्यम वर्ग और नौकरी पेशा लोगों को टैक्स में कोई राहत नही है ।
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने वाले अब मुंह नहीं खोल रहे हैं ।

 किसानों विरोधी इस सरकार ने कार पर 35000 करोड़ सब्सिडी काट ली है। 
पीएम किसान सम्मान निधि नहीं बढ़ी। उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को 6000 से बढ़ा कर 9000 किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ ।

देश की महिलाएं इनकम टैक्स छूट, होम लोन और म्यूचुअल फंड में इन्वेस्टमेंट पर रियासतों की उम्मीद कर रही थी, लेकिन ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई ।
यह बजट मंहगाई बढ़ाने वाले , उद्योग पतियों की जेब भरने वाला एवं आम आदमी, किसान, मजदूर की जेब खाली करने वाला बजट है ।

क्या भाजपा फिर से लोगों के ऊपर पानी के तीन गुना रेट बढ़ा कर पानी से कमाई बढ़ाना चाहती है: गुरप्रीत सिंह गाबी

By 121 News
Chandigarh Feb.01, 2022:-
चंडीगढ़ नगर निगम की अगले वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए आयोजित विशेष जनरल हाउस मीटिंग में वार्ड नंबर 34 से कांग्रेस पार्टी के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने चर्चा दौरान बजट में प्रस्तावित पानी व सीवरेज सेस से 156 करोड की आमदनी की मुद्दे को लेकर महापौर सरबजीत कौर से यह सवाल पूछा कि वर्ष 2021-2022 में पानी व सीवरेज सेस से 150 करोड़ की आमदनी अनुमानित थी, जिसको लेकर पानी की दरों में के 3 गुना वृद्धि कर दी गई थी तथा इसके साथ ही बेहताशा सीवरेज सेस भी लगाया गया था, जिस से लोगों के अंदर पहले से ही कमर तोड़ महंगाई और बढ़े हुए करों को लेकर हाहाकार मचा हुआ था।  इसके बाद लोगो के विरोध व कांग्रेस पार्टी के लगातार रोष प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पानी की बढ़ी हुई दरों पर 31/03/2022 तक रोक लगा दी थी। गुरप्रीत सिंह गाबी ने कहा की इसके बाद निगम को पानी के बिलों से 91 करोड़ रुपय वर्ष 2021-2022 में आमदनी हुई थी। उन्होंने महापौर से मीटिंग के दौरान पूछा कि आप ने निगम बजट में अगले साल 156 करोड़ की आमदनी करने का प्रस्ताव रखा है, क्या भाजपा फिर से लोगों के ऊपर पानी के तीन गुना रेट बढ़ा कर पानी से कमाई बढ़ाना चाहती है। गाबी के इस सवाल से निगम सदन में कुछ देर के लिए सन्नाटा छा गया और उनके इस सवाल का महापौर सहित उनके साथी भजपा पार्षदों को भी कोई जवाब नहीं सूझा। 
इसके साथ ही पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने महापौर को एक और सवाल किया कि शहर में जो 'काऊ-सेस से करोड़ों रूपये की आमदनी होती है, उसका उचित इस्तेमाल नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि यह पैसा गोशाला में आवंटित करने कि लिए होता है ताकि गोधन की रक्षा व उनके चारे का उचित प्रबंध किया जा सके। गाबी ने महापौर सरबजीत कौर को अपील की कि वह एक बार शहर की गोशालाओं ख़ास कर इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित गोशाला का निरीक्षण करे व खुद देखे की गोमाता किन बुरे हालातों में रहने को मजबूर हो रही है। वहां पर ना तो चारे की उचित विवस्था है और ना सर्दी में उनके लिए कोई उचित प्रबंध कए गए है। वहां की विवस्था की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे भी पिछले l लंबे समयं से खराब पड़े है और सफाई विवस्था का तो और भी बुरा हाल है। गाबी ने कहा कि भाजपा के लिए गाय बस एक चुनावी मुदा रह गया है इससे ज्यादा कुछ नहीं। गाबी ने महापौर से शहर की तमाम गौशालाओं की दशा सुधारने के लिए अपील की।