Saturday, 11 March 2017

भारतीय संस्कृति उत्सवों की संस्कृति:प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी

By 121 News

Chandigarh 11th March:- भारतीय संस्कृति उत्सवों की संस्कृति है और इसी कारण यह महान संस्कृति पूरी धरती को अपना परिवार मानती आई है। उत्सव का अर्थ ही मन का खिल जाना होता है और भारतीय संस्कृति में तो सालभर उत्सव मनाए जाते रहते हैं। यह बात हरियाणा के राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी ने राजभवन में आयोजित होली मिलन समारोह में बोलते हुए कही। समारोह का आयोजन हरियाणा राजभवन स्पोर्टस क्लब द्वारा किया गया था।

होली की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने कहा कि होली दुश्मनों के भी दिल मिला देने वाला उत्सव है। यह पावन पर्व मानवमात्र को प्रेम, प्यार और भाईचारे का संदेश देता है। उन्होंने होली मिलन समारोह के आयोजन के लिए हरियाणा राजभवन स्पोर्टस क्लब की सराहना की।

समारोह में वायब्रेशन संगीत समूह के गायकों ने होली के और अन्य गीतों पर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। लोग गीतों के साथ बड़े उत्साह से झूमते रहे। कुमारी त्रिवेणी, सोनालिका, कृष्ण सांवरे, चन्देल, जगन बैंस एस पी दुग्गल ने होली आई रे, बड़ी देर भई नन्दलाला, रंग बरसे भीगे चुनर वाली, बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा, वायदा कर ले साजना, बेखुदी में सनम, नैन मिलाकर, बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी आदि अनेक गीतों से समां बांध दिया। रागनी गायक गुलाब सिंह ने भी होली पर नर-नारी सब गावैं फागण में आदि रागनियों चुटकुलों से सबका खूब मनोरंजन किया। हास्य कलाकार राजकुमार धनखड़ ने भी हरियाणवी चुटकुलों से हंसा-हंसाकर लोट-पोट कर दिया।
कार्यक्रम की शुरूआत राज्यपाल प्रो0 कप्तान सिंह सोलंकी, राज्यपाल के सचिव डा0 अमित कुमार अग्रवाल अन्य उपस्थित अधिकारियों को होली का टीका लगाकर की गई। इसके बाद उपनिदेशक बी एल धीमान ने सबका स्वागत किया और हरियाणा राजभवन स्पोर्टस क्लब की गतिविधियों और कार्यक्रमों को विवरण प्रस्तुत किया। अंत में क्लब के उपाध्यक्ष राजभवन में गृह नियंत्रक जगननाथ बैंस ने सबका धन्यवाद किया।

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