By 121 News
Panchkula, June 05, 2026:- पारस हेल्थ पंचकूला के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 70 वर्षीय महिला के जटिल किडनी कैंसर का सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया। मरीज की दाईं किडनी में बड़ा कैंसरयुक्त ट्यूमर था, जो शरीर की प्रमुख रक्त वाहिका इन्फीरियर वेना कावा (आईवीसी) तक फैल चुका था। इस तरह के मामले कैंसर सर्जरी की सबसे कठिन चुनौतियों में गिने जाते हैं।
मरीज लंबे समय से कमजोरी, भूख कम लगने और पेट में असहजता की समस्या से जूझ रही थी। जांच के दौरान पता चला कि कैंसर किडनी से बढ़कर आईवीसी तक पहुंच गया है, जो शरीर से रक्त को हृदय तक पहुंचाने वाली मुख्य नस है। शुरुआती स्कैन में ट्यूमर लीवर के पास तक फैला दिखाई दिया, जिससे सर्जरी का जोखिम काफी बढ़ गया था। इस जटिल सर्जरी का नेतृत्व यूरोलॉजी एवं यूरो-ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत शर्मा तथा लीवर एवं एचपीबी सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. करण मिधा ने किया। उन्हें एनेस्थीसिया, क्रिटिकल केयर और अन्य सर्जिकल विशेषज्ञों की टीम का सहयोग मिला।
सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने नस के भीतर मौजूद ट्यूमर की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए विशेष इमेजिंग तकनीकों का उपयोग किया। ऑपरेशन के दौरान किए गए डॉप्लर अल्ट्रासाउंड से पता चला कि ट्यूमर की वास्तविक स्थिति शुरुआती स्कैन में दिखाई गई स्थिति से नीचे थी। इस महत्वपूर्ण जानकारी के आधार पर सर्जिकल टीम ने अपनी रणनीति बदली, जिससे अधिक जटिल प्रक्रिया और संभावित हार्ट-बाईपास सहायता की आवश्यकता टल गई।
इसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक प्रभावित किडनी को निकालने के साथ-साथ आईवीसी में मौजूद ट्यूमर थक्का भी पूरी तरह हटा दिया। सर्जरी के बाद रक्त प्रवाह सामान्य हो गया और मरीज की स्थिति स्थिर बनी रही। डॉ. दुष्यंत शर्मा ने कहा कि बड़ी रक्त वाहिकाओं तक फैल चुके किडनी कैंसर का उपचार बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। आधुनिक इमेजिंग तकनीकों और विभिन्न विशेषज्ञों के बेहतर समन्वय से इस जटिल सर्जरी को सुरक्षित रूप से पूरा किया गया।
वहीं, डॉ. करण मिधा ने बताया कि ऐसे मामलों में सटीक योजना और कई विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयास सफलता की कुंजी होते हैं। इससे मरीज को बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। पारस हेल्थ पंचकुला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि यह सफलता मल्टी-डिसिप्लिनरी उपचार पद्धति और उन्नत सर्जिकल विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मामला दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम के सहयोग से गंभीर एवं हाई-रिस्क कैंसर का भी सफल इलाज संभव है।
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