Tuesday, 6 January 2026

आईआईटी रोपड़ में डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद हॉल ऑफ योगिक साइंसेज़ एंड होलिस्टिक डेवलपमेंट का उद्घाटन

By 121 News
Ropar, Jan.06, 2026:-आईआईटी रोपड़ में विज्ञान-आधारित भारतीय ज्ञान परंपरा को आज उस वक्त नई दिशा मिली जब डॉ. ईशान शिवानंद के नेतृत्व में यहां तीन ऐतिहासिक पहल हुई।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने आज प्रख्यात वैश्विक मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता, योगा ऑफ इमोर्टल्स (YOI) के संस्थापक एवं आईआईटी रोपड़ के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर होलिस्टिक वेलबीइंग में एडजंक्ट फैकल्टी डॉ. ईशान शिवानंद के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक एवं संस्थागत कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य प्रमाण-आधारित भारतीय ज्ञान प्रणालियों (Indian Knowledge Systems – IKS) को आधुनिक उच्च शिक्षा, अनुसंधान और छात्र कल्याण में औपचारिक रूप से एकीकृत करना है।

RISE प्रोग्राम: छात्रों में मानसिक दृढ़ता का निर्माण:-
डॉ. ईशान शिवानंद द्वारा डिजाइन और संचालित RISE (Resilience in Students Everyday) प्रोग्राम का वर्तमान चरण आज एक फैकल्टी लीडरशिप मीट के साथ संपन्न हुआ, जिसमें इसके परिणामों और प्रभावों की समीक्षा की गई। यह उन्नत मानसिक दृढ़ता प्रशिक्षण कार्यक्रम अब तक आईआईटी रोपड़ सहित विभिन्न संस्थानों के 25,000 से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है।
यह कार्यक्रम चिंता, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याओं को संबोधित करता है। छात्रों ने साप्ताहिक संरचित सत्रों में प्रमाण-आधारित श्वसन, जागरूकता और कल्पना (विज़ुअलाइज़ेशन) तकनीकों का अभ्यास किया, जिनका उद्देश्य ध्यान को एक व्यावहारिक और मापनीय जीवन कौशल के रूप में विकसित करना है। यह पहल उच्च दबाव वाले शैक्षणिक वातावरण में भावनात्मक रूप से बुद्धिमान, दृढ़ और आत्म-जागरूक छात्रों के निर्माण की दिशा में एक आधारशिला है।

डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद हॉल ऑफ योगिक साइंसेज़ एंड होलिस्टिक डेवलपमेंट का उद्घाटन

आईआईटी रोपड़ के माननीय निदेशक प्रोफेसर राजीव आहूजा ने डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद हॉल ऑफ योगिक साइंसेज़ एंड होलिस्टिक डेवलपमेंट के भूमिपूजन एवं उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता की।
यह केंद्र मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण पर केंद्रित एक समर्पित अनुसंधान और नवाचार हब के रूप में कार्य करेगा। इसका मुख्य उद्देश्य प्राचीन भारतीय योगिक एवं ध्यानात्मक विज्ञानों का वैज्ञानिक सत्यापन करना और उन्हें आधुनिक अनुसंधान पद्धतियों के साथ संरेखित करना है, विशेष रूप से कम लागत, स्केलेबल और प्रमाण-आधारित मानसिक स्वास्थ्य समाधानों के विकास पर जोर देते हुए, ताकि व्यापक समाज को लाभ मिल सके।

डॉ. ईशान अवधूत शिवानंद छात्रवृत्ति का शुभारंभ:-
अनुसंधान और समावेशन के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करते हुए, आईआईटी रोपड़ ने ₹30 लाख मूल्य की एक स्थायी, मेरिट-आधारित छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष 10 उत्कृष्ट स्नातक छात्रों—मुख्य रूप से वंचित वर्गों से—को मानसिक स्वास्थ्य, योगिक विज्ञान, संज्ञानात्मक विज्ञान और समग्र कल्याण के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार हेतु सहायता प्रदान की जाएगी। इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य ऐसे भावी विद्वानों को तैयार करना है जो भारत की सभ्यतागत ज्ञान परंपरा और समकालीन वैज्ञानिक अनुसंधान के बीच सेतु का कार्य कर सकें।

डॉ. ईशान शिवानंद कौन हैं?
डॉ. ईशान शिवानंद एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त मानसिक स्वास्थ्य शोधकर्ता, प्रोफेसर और योगिक विद्वान हैं। वे योग ऑफ इमोर्टल्स (YOI) के संस्थापक हैं, जो एक प्रमाण-आधारित, गैर-औषधीय मानसिक दृढ़ता और ध्यान प्रोटोकॉल है। उनका कार्य प्राचीन ध्यानात्मक परंपराओं को आधुनिक मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस से जोड़ता है।
उनके शोध कार्य रटगर्स यूनिवर्सिटी में किए गए हैं और हार्वर्ड व स्टैनफोर्ड सहित विश्व के प्रमुख आइवी लीग संस्थानों में प्रस्तुत किए गए हैं। कठोर अकादमिक अनुसंधान और जीवंत योगिक परंपरा में निहित उनका दृष्टिकोण श्वसन, ध्यान और माइंडफुलनेस को मानसिक स्वास्थ्य, दृढ़ता और प्रदर्शन के लिए स्केलेबल ढाँचों में एकीकृत करता है—चाहे वह स्वास्थ्य सेवा हो, शिक्षा हो या पेशेवर क्षेत्र।
उनकी अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तक The Practice of Immortality—हैचेट बुक ग्रुप और पेंगुइन रैंडम हाउस जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों द्वारा प्रकाशित—15 से अधिक देशों में 4 भाषाओं में उपलब्ध है।
युवा कल्याण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता के साथ, डॉ. शिवानंद ने आईआईटी रोपड़, भारती विद्यापीठ और श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेज़ सहित विभिन्न संस्थानों में 25,000 से अधिक छात्रों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित किया है। वे आईआईटी रोपड़ के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर होलिस्टिक वेलबीइंग में एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में RISE (Resilience in Students Everyday) नामक उन्नत दृढ़ता प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का संचालन करते हैं।
उनके योग ऑफ इमोर्टल्स (YOI) प्रोटोकॉल अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नलों में प्रकाशित पीयर-रिव्यूड क्लिनिकल रिसर्च द्वारा समर्थित हैं, जिनमें कुछ ही सप्ताहों के नियमित अभ्यास में चिंता, अवसाद और अनिद्रा के लक्षणों में 72–82% तक की कमी दर्ज की गई है। अकादमिक साझेदारियों, संस्थागत सहयोगों और सतत अनुसंधान पहलों के माध्यम से डॉ. ईशान शिवानंद बड़े पैमाने पर समेकित, विज्ञान-आधारित मानसिक कल्याण समाधानों को आगे बढ़ा रहे हैं।

No comments:

Post a Comment