Saturday, 17 January 2026

चंडीगढ़ पुलिस की दोहरी नीति: आरोपी को संरक्षण दे, पीड़ित को ही किया जा रहा परेशान हिट एंड रन मामला: चंडीगढ़ पुलिस पर आरोप, शिकायतकर्ता को दबाया जा रहा

By 121 News
Chandigarh, Jan.17, 2026:--चंडीगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर से प्रश्न चिन्ह लगा है। आलाधिकारी अपने मातहतों को यहां पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई का पाठ पढ़ाते है और चंडीगढ़ पुलिस के स्लोगन वी केअर फ़ॉर यु पर भी बराबर अमल करने की नसीहत देते हैं। लेकिन हकीकत में पुलिसकर्मी अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने से नही चूकते। ऐसा ही वाकया बलटाना निवासी मोहित गुप्ता के साथ हुआ। यहां हिट एंड रन की शिकायत देने के बाबजूद भी थाना  पुलिस द्वारा उन्हें ही परेशान किया जा रहा है और तो और आरोपी पर कार्रवाई करने की बजाए उन्हें ही बार बार थाने बुलाया जा रहा है। एक तरहसे उन पर शिकायत वापिस लेने का दबाब बनाया जा रहा है। थाना पुलिस की ओर से उन्हें कोई इंसाफ न मिलते देख उन्होंने अपनी शिकायत एस एस पी पब्लिक विंडो पर दे दी है।

बलटाना-जीरकपुर निवासी मोहित गुप्ता सुपुत्र सुरिंदर कुमार ने बताया कि वो 10 जनवरी को बलटाना से सेक्टर 20 चंडीगढ़ जा रहा था। जब वो अपनी गाडी No. PB70L 1258 make Verna Black colour को चलाकर वक्त करीब 10.10 PM पर ट्रिब्यून चौक पर पहुंचा तो  ट्रिब्युन चौक की red light होने पर खड़ा रुक गए। तबहीअचानक पीछे से बडी जोर से एक गाडी ने मेरी गाडी में टक्कर मार दी जो मैने टक्कर मारने वाली गाडी काले रंग की थार थी। एक पल तो वो कुछ समझ न सके, फिर वो अपनी गाड़ी से उतर कर पीछे की तरफ गए। उन्होंने थार गाड़ी जिसे एक लड़का चला रहा था, और साथ वाली सीट पर लड़की बैठी थी। देखने मे लग रहा था कि उन्होंने ड्रिंक की हुई है। उन्होंने गाड़ी के नुकसान को लेकर जब थार ड्राइवर को टोका, तो उन्होंने न केवल उसके साथ बदतमीजी की, बल्कि उल्टा उन्हें ही धमकाने लग गया और गाड़ी को रेड लाइट में ही भगा कर ले गए। उन्होंने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम कॉल किया लेकिन पुलिस भी मौके पर लगभग डेढ़ घंटे बाद पहुंची। उनके आने पर उन्होंने अपने साथ हुए वाकये की पूरी जानकारी दी। थाना सेक्टर 31 से आई ओ अजमेर सैनी मौके पर पहुंचे। उन्होंने उनके साथ भी मामले की जानकारी सांझ की। उन्होंने उसका मेडिकल भी करवाना जरूरी न समझा और थाने आने को कहा। वहां पर फिर से उनसे मामले की जानकारी मांगी गई। उनके साथ ऐसे बर्ताव किया गया, जैसे वो पीड़ित नही अपराधी हों। उन्हें अगले दिन फिर शाम को आने को कहा गया और इस दौरान थार चालक का पता लगाने का आश्वासन दिया गया। अगले दिन जब वो तय समय पर पहुंचे तो भी पुलिस की और से कोई संतुष्टिजनक जबाब नही दिया गया कि थार चालक पर क्या कार्रवाई हो रही है। 
मोहित गुप्ता ने बताया कि पुलिस के पास मौके की सी सी टी वी फुटेज भी है, जिसमे Vehicle No. T1225UP0629J Make Thar Black Colour उनकी गाड़ी को हिट करते दिख रही है। इसके बाबजूद भी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया और  उन्हें कहा कि जब थार चालक मिल जाएगा तो उन्हें जानकारी दे दी जाएगी।
 पुलिस की इस कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने 14 जनवरी को एस एस पी पब्लिक विंडो पर अपनी शिकायत दे दी। 
 मोहित गुप्ता ने कहा कि पुलिस की ऐसी कारगुजारी के चलते ही सड़क हादसे में लोग किसी की मदद नही करते। यहाँ शिकायतकर्ता/ मददगार को ही आरोपी की तरह ट्रीट किया जाता हो। उन्होंने आलाधिकारियों से गुहार लगाई की कि मामले की निष्पक्षता से जांच की जाए और उन्हें इंसाफ दिलाया जाए।

वहीं जब मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए आई ओ अजमेर सैनी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्षता के साथ की जा रही है। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर ही कार्रवाई हो रही है। बाकि शिकायतकर्ता द्वारा आरोपी को संरक्षण देने का आरोप बेबुनियाद और निराधार है।

No comments:

Post a Comment