Thursday, 23 April 2026

चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों की तोड़फोड़ रोकी जाए, ‘दिल्ली समाधान’ की तर्ज पर वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू हो: देवशाली

By 121 News
Chandigarh, Apr.23, 2026:- चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के हजारों मकानों पर मंडरा रहे तोड़फोड़ के खतरे को लेकर नगर निगम के पूर्व पार्षद एवं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर शक्ति प्रकाश देवशाली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के लगभग 50 हजार से अधिक फ्लैटों में करीब 4 लाख लोग निवास करते हैं और इनमें से अधिकांश परिवार पिछले 40-45 वर्षों से वहां रह रहे हैं।

देवशाली ने कहा कि समय के साथ परिवारों के बढ़ते आकार और सीमित आवासीय विकल्पों के कारण लोगों ने अपने आवंटित प्लॉटेड एरिया के भीतर ही आवश्यकता अनुसार छोटे-मोटे बदलाव और अतिरिक्त निर्माण किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश मामलों में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नहीं किया गया, बल्कि आवंटित सीमा के भीतर ही निर्माण हुआ है।  उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड की पुरानी नीतियों के कारण एक बार किसी स्कीम का लाभ लेने वाले परिवार भविष्य में बड़ी आवासीय योजना के लिए पात्र नहीं रहते। इसी कारण परिवार बढ़ने पर लोगों के सामने अपने मौजूदा मकान में बदलाव करने के अलावा कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा।

देवशाली ने चिंता जताई कि वर्तमान में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा बड़ी संख्या में मकान मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं, और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार लगभग 1,400 घरों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह केवल निर्माण तोड़ने का मामला नहीं है, बल्कि हजारों परिवारों की छत, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर सामाजिक प्रश्न है। यदि इस प्रकार की कार्रवाई जारी रही तो बड़ी संख्या में परिवार बेघर हो सकते हैं और शहर में कानून-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

शक्ति प्रकाश देवशाली ने प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की है कि दिल्ली में अनधिकृत निर्माणों के समाधान के लिए अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के लिए भी एकबारगी समाधान योजना (One Time Settlement) लागू की जाए। इस योजना के अंतर्गत आवंटियों से स्वामित्व प्रमाण, कानूनी बाधा न होने का प्रमाण पत्र, संपूर्ण निर्माण का नक्शा तथा संरचनात्मक सुरक्षा प्रमाण पत्र लेकर अतिरिक्त निर्माण के आधार पर निर्धारित कंपाउंडिंग शुल्क लिया जाए और तत्काल प्रभाव से तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकी जाए।  उन्होंने कहा कि ऐसा करने से एक ओर सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है, वहीं दूसरी ओर लाखों नागरिकों को राहत मिलेगी। साथ ही यह भी आवश्यक है कि चार दशक से अधिक पुराने और जर्जर हो चुके इन मकानों के पुनर्विकास की ठोस योजना बनाई जाए।

देवशाली ने सुझाव दिया कि चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के मकानों का पीपीपी मोड पर चरणबद्ध पुनर्विकास किया जाए। वर्तमान तीन मंजिला ढांचे की जगह बेसमेंट पार्किंग, लिफ्ट और आधुनिक सुविधाओं से युक्त छह मंजिला फ्लैट बनाए जाएं, जिनमें से तीन मंजिलें मौजूदा आवंटियों को दी जाएं और शेष तीन मंजिलें खुले बाजार में बेचकर परियोजना को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जाए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को आवास उपलब्ध कराया है, इसलिए चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के निवासियों को भी न्यायपूर्ण और मानवीय राहत मिलनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि चंडीगढ़ के लाखों लोगों के सिर पर लटक रही बेघर होने की तलवार को हटाने के लिए तुरंत निर्णय लेकर नीति निर्धारित की जाए।
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