By 121 News
Chandigarh, Oct.10, 2025:-पंजाब के मोहाली जिले के गांव भरतपुर में दो एकड़ शामलात जमीन से हजारों फल-फूलदार पौधों को बिना अनुमति उखाड़ने का मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है। इस संबंध में गांव के पूर्व सरपंच हरमेश सिंह ने आज चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान मौजूदा ग्राम पंचायत पर गंभीर आरोप लगाए।
हरमेश सिंह ने बताया कि गांव की मौजूदा पंचायत ने ग्लास फाउंडेशन एनजीओ की सहायता से लगाए गए 3,300 पौधों को उखाड़ दिया। उन्होंने इस मामले की शिकायत पंजाब विजिलेंस तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी है। उनका कहना है कि यह मामला न केवल पर्यावरण सुरक्षा के प्रति लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं के तहत लगाए गए पौधों के संरक्षण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल मार्च 2024 में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए थे, जिसका सारा खर्च नरेगा के तहत किया गया था। लेकिन दो साल बाद, नए चुने गए सरपंच सुखविंदर सिंह ने बिना किसी मंजूरी के इन पौधों को उखाड़ने का आदेश दिया।
हरमेश सिंह ने बताया कि उन्होंने इस मामले के बारे में आरटीआई डाली थी। जिसमें 8 बिंदुओं पर जवाब मांगे गए थे, लेकिन केवल 5 का ही उत्तर दिया गया। जब उन्होंने अधिक जानकारी मांगी, तो स्पष्ट हुआ कि ग्राम पंचायत ने बिना अनुमति पौधे उखाड़े।
उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या पंचायत पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
वहीँ जब इस सम्बंध में मौजूदा सरपंच सुखविंदर सिंह से बात कर उनसे उनका पक्ष जानना चाहा तो जब उनके नंबर 97817-43550 पर फ़ोन किया गया। तो उनका नम्बर नेटवर्क क्षेत्र से बाहर बता रहा था। इस बाबत उनसे बात नही हो पाई, ताकि उनका पक्ष जाना जा सके।
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