By 121 News
Chandigarh Nov. 19, 2021:- गुरुपर्व के शुभ अवसर पर 'जूता-चप्पल संग्रह अभियान' की घोषणा की गयी है। इस अनूठे अभियान की शुरुआत शनिवार, 20 नवंबर को शहर के एक किशोर, सुमेर भाटिया द्वारा की जायेगी, जो अमेरिका स्थित दि जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी हाई स्कूल में कक्षा 10 का छात्र है और अपने माता-पिता के साथ सेक्टर 35 में रहता है। सुमेर इन दिनों ऑनलाइन माध्यम से अपनी पढ़ाई कर रहा है। पहले वह चंडीगढ़ के स्ट्राबेरी फील्ड्स हाई स्कूल में पढ़ता था।
सुमेर ने द हेल्पिंग फीट इनीशिएटिव' की स्थापना की है, जिसके तहत वह ऐसे बच्चों की मदद करने का प्रयास कर रहा है, जिनके पास जूते-चप्पल भी नहीं है। मैं गरीब बच्चों को जूते-चप्पल मुहैया कराने की आवश्यकता के बारे में जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रयासरत हूं। मैंने चंडीगढ़ क्लब में एक 'सेवा बॉक्स' कार्यक्रम का आयोजन किया है, जो 20 और 21 नवंबर को होगा। वहां ट्राइसिटी और आसपास के लोग सर्दियों के मौसम में इस्तेमाल लायक जूते-चप्पल दान कर सकते हैं, ताकि उन बच्चों के जीवन को आसान बनाया जा सके जिन्हें नंगे पैर चलना पड़ता है।
सुमेर ने आगे कहा, "द हेल्पिंग फीट इनिशिएटिव' बच्चों को जूते-चप्पल प्रदान करके जरूरतमंद माता-पिता की मदद करना चाहता है, ताकि उनको पैरों के इलाज पर पैसे खर्च न करने पड़ें। हर व्यक्ति के लिए, जूते एक आवश्यकता हैं। एक ऐसी जरूरत जिसके बिना हम रहने की कल्पना भी नहीं कर सकते। हालांकि, लाखों भारतीय बच्चों के लिए, 'नंगे पैर चलना' एक हकीकत है। उन्हें स्कूल जाने के लिए तक तपती सड़कों पर नंगे पैर चलना पड़ता है। यह हानिकारक है और शारीरिक व मनोवैज्ञानिक समस्याओं का कारण बनता है, जिससे उन्हें जीवन भर परेशानी हो सकती है।
सुमेर ने कहा कि कोविड19 महामारी के बाद अनेक परिवार गरीबी रेखा से नीचे चले गये। इस कारण से बच्चों की मूलभूत जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। इस महान देश के नागरिक के रूप में, यह समाज की जिम्मेदारी है कि वह महामारी के बाद उत्पन्न समस्याओं के प्रति करुणा भाव रखे, खासकर बच्चों के संबंध में ।
सुमेर ने बताया कि वह 'द हेल्पिंग फीट इनिशिएटिव' के तहत आर्थिक मदद स्वीकार नहीं करेगा। उसकी योजना है कि दान में मिले जूते-चप्पलों को साफ करके चंडीगढ़ और आसपास की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चों के बीच वितरित किया जायेगा।
सुमेर ने "द हेल्पिंग फीट इनीशिएटिव" अक्टूबर 2021 में शुरू किया था और इस पहल को ट्राइसिटी के निवासियों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। सुमेर अपनी पढ़ाई के साथ-साथ उन बच्चों के लिए जूते-चप्पल एकत्र करने संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। सप्ताहांत, 20 और 21 नवंबर को चंडीगढ़ क्लब में जूते-चप्पल दान किये जा सकते हैं। इस पहल को इंस्टाग्राम पर फॉलो किया जा सकता है: www.instagram.com/thehelpingfeet/

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