Monday, 26 October 2020

क्लेन्स्टा ने कोविड-19 प्रोटेक्शन लोशन किया लॉन्च

By 121 News

Chandigarh Oct. 26, 2020:- आईआईटी, दिल्ली के साथ मिलकर एक प्रमुख इनोवेटिव हेल्थ टेक्नोलॉजी स्टार्टअप, क्लेन्स्टा ने क्लेन्स्टा-कोविड-19 प्रोटेक्शन लोशन लॉन्च किया है। यह लोशन किसी व्यक्ति को वायरस से सुरक्षित रखने में प्रभावी है और इसका असर 24 घंटे तक बना रहता है। इस प्रॉडक्ट को इस्तेमाल करना बहुत आसान है तथा वायरस, बैक्टीरिया और फंगस से 100% सुरक्षा पाने के लिए इसे दिन में तीन बार लगाने की आवश्यकता है। 100 मिलीलीटर लोशन 298/- में मिलेगा। यह प्रॉडक्ट नये कोविड-19 वायरस से लड़ने में आपके लिए कारगर समाधान है।

कोविड-19 प्रोटेक्शन लोशन प्रोलॉन्ग्ड एंटीवायरल प्रोटेक्शन टेक्नोलॉजी यानी पीएपी टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो कोविड-19, फ़्लू वायरस, एमआरएसए और कैंडिडा एल्बिकांस सहित रोगजनक सूक्ष्मजीवों से 24 घंटे तक की सुरक्षा प्रदान करता है। प्रॉडक्ट नैनो-बायो टेक्नोलॉजी फॉर्म्युलेशन की एडवांस उपलब्धियों पर आधारित है जिसमें मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाए बिना वायरल, बैक्टीरियल और फंगल संक्रमण को रोकने के लिए पेटेंट की गई, अपनी तरह की पहली पीएपी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया गया है। प्रॉडक्ट की एंटीवायरल और रोगाणुरोधी प्रभावकारिता का परीक्षण, अलग-अलग समय पर 99.5% प्रभावशीलता के साथ क्रमशः एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला और आईआईटी, दिल्ली इन्क्यूबेशन सेंटर में किया गया है।

लॉन्च के इस अवसर पर, डॉ. पुनीत गुप्ता, सी.. और संस्थापक, क्लेन्स्टा इंटरनेशनल ने कहा कि मैंने तय किया कि आत्मनिर्भर बनने और अपने सर्वोत्तम संभव तरीके से कोविड-19 से लड़ने के समाधान तैयार करने का समय गया है। पूरी तरह से मेक इन इंडिया प्रॉडक्ट, क्लेन्स्टाकोविड-19 प्रोटेक्शन लोशन कोविड-19 के खिलाफ आपके संपूर्ण कवच की तरह काम करता है। प्रॉडक्ट को तकनीकी रूप से और तीन एडवांस सक्रिय एनग्रेडिएंट्स के साथ तैयार किया गया है। ये एनग्रेडिएंट्स नैनोपार्टिकल्स (AgNPs), बायो सर्फैक्टेंट और एसिड हैं। यह ट्रिपलेट कॉम्प्लेक्स 24 घंटे तक एक नियंत्रित स्तर पर रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पिशीज (आरओएस) जारी करता है और त्वचा की सतह पर एक एंटीवायरल या एंटीमाइक्रोबियल माइक्रोएनवॉयरनमेंट बनाता है जो अन्य रोगाणुओं सहित कोविड-19 वायरस से लंबे समय तक 99.5% गहरी सुरक्षा प्रदान करता है। प्रॉडक्ट के एनग्रेडिएंट्स सीडीसी और डब्ल्यूएचओ के निर्देशों का अनुपालन करते हैं और दीर्घकालिक उपयोग के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) द्वारा अनुमोदित है।

इसकी माइक्रोबियल दक्षता केवल कोविड-19 वायरस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह सर्जिकल साइट इंफेक्शन (एसएसआई) से भी लड़ेगा और प्रतिरोधी बैक्टीरिया (एमआरएसए) से भी रक्षा करेगा जिसे मारना मुश्किल होता है।

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