Thursday, 24 September 2020

बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ सघर्ष तीखा करने का ऐलान-अक्तूबर में होगी हड़ताल

By 121 News

Chandigarh Sept. 24, 2020:- यूटी पावरमैन यूनियन चण्डीगढ़ के आहवान पर आज बिजली कर्मियों द्वारा बिजली दफ्तर सैक्टर 18 के सामने रोष रैली की गई। रोष रैली का आयोजन सुचारू रूप् से चल रहे तथा सस्ती बिजली देने के बावजूद 200 करोड़ के मुनाफे में चल रहे चण्डीगढ़ के बिजली विभाग का निजीकरण करने तथ निजीकरण की प्रक्रिया के दोरान खाली पड़ी प्रमोशन की पोस्टों को भरने में नाजायज देरी करने, सीधी भर्ती की पोस्टों को भरने से मना करने तथा किसी भी प्रकार के विकास का काम न कर सिर्फ व सिर्फ निजीकरण से सम्बन्धित काम करने व प्रषासन के अधिकारियों व कर्मचारियों का इस्तेमाल डिलोयटी कम्पनी के हितों की पूर्ति के लिए करने के विरोध में किया गया।

      रोष रैली को संबोधित करते हुए यूनियन के महासचिव गोपाल दत्त जोषी प्रधान ध्यान सिंह, गुरमीत सिंह, नरेन्द्र कुमार, हरजिन्द सिंह, करमजीत सिंह, अनिल कुमार आदि पदाधिकारियों ने मुनाफे में चल रहे विभाग को निजी हितों के लिए मुनाफाखोरों को बोचने के सरकार के फैसले की निन्दा करते हुए कहा कि 1967 में यूटी बनने के बाद से विभाग में काफी उन्नति की है व आम जनता को 24 घंटे बिजली सप्लाई दी जा रही है। बिजली एक्ट 2003 बनने के बाद एक्ट की सभी धरायें चण्डीगढ़ में लागू की जा रही है तथा 2009 में जेईआर सी के गठन के बाद से ही एक्ट के मुताबिक स्टैर्ण्डड परफारमेंस, सर्विस रेगुलेषन टैरिफ सहित सभी प्रोविजन पूर्ण रूप से लागू की जा रही हैं। भारत सरकार ने 17 अप्रैल 2020 को बिजली एक्ट में संषोधन करने के लिए बिजली (अमैन्डमेंट) बिल 2020 का ड्राफ्ट  तैयार कर संबन्धित स्टेक होल्डरों से सुझाव आमन्त्रित किये। अभी बिल संसद में पेष भी नहीं हुआ। इससे पहले ही सभी केन्द्रशासित प्रदेशों के बिजली वितरण का निजीकरण का फैसला कर लिया जिसमें चण्डीगढ़ के मुनाफे में चल रहे बिजली विभाग को निशाना बनाया जा रहा है। 

            चण्डीगढ़ के बिजली विभाग की कारगुजारी का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने कहा कि विभाग में जेईआर सी द्वारा निर्धारित स्टैन्डर्ड परफारमेंस 100 प्रतिषत लागू की जा रही है। 100 प्रतिषित मीटरिंग सप्लाई है। बिजली की दरें 2.75 पैसे से शुरू है तथा पड़ोसी राज्यों से कई गुना सस्ती बिजली दी जा रही है। पिछले 5 साल से बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है तथा विभाग को वैस्ट यूटीलिटी का अवार्ड दिया गया है। कर्मचारियों की कमी के बावजूद निर्विघ्न बिजली सप्लाई दी जा रही है तथा विभाग 200 करोड़ के करीब फायदे में है। दूसरी तरफ भारत सरकार बिजली मंत्रालय द्वारा तय 15ः लाइनलॉस के मुकाबले चण्डीगढ़ में सिर्फ 10 प्रतिशत लाइनलॉस हैं उसके बावजूद विभाग का निजीकरण करना किसी भी प्रकार से न्यायसंगत नहीं है जिसे रद्द कराने की अपील की ताकि आम जनता व कर्मचारियों के हितों के खिलाफ कुठाराघात न हो।

      वक्ताओं ने सभी कर्मचारियों को निजीकरण के खिलाफ संघर्ष तेज करने की अपील की तथा कहा कि सरकार व प्रषासन उपभोक्तओं व कर्मचारियों के हितों को निजी हाथों में बेच रही है। जो सिस्टम बीते समय में फेल हो चुका हो फिर भी मुनाफाखोरों को सरकारी सम्पत्ति बेची जा रही है। उन्होंने सभी कर्मचारियों से फेडरेशन  ऑफ यूटी इम्पलाईज के आहवान पर निजीकरण के विरोध में 29 सितम्बर 2020 को सभी कार्यालयों में रोष प्रर्दषन करने तथा 23 अक्तूबर को विषाल रोष धरने में शामिल होने की अपील की।

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