Friday, 11 September 2020

कवियों ने कविताओं से विनोबा भावे को याद किया

By 121 News

Chandigarh September 11, 2020:- संवाद साहित्य मंच, चण्डीगढ़ ने आचार्यकुल चण्डीगढ़ के सहयोग से भारत-रत्न आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर विशेष ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता आचार्यकुल, चण्डीगढ़ के अध्यक्ष केके शारदा ने की। मंच के अध्यक्ष कवि प्रेम विज ने सबका स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन कवियत्री नीरू मित्तल 'नीर' ने बखूबी किया। केके शारदा ने विस्तार से विनोबा भावे जी के जीवन सिद्धांतों की जानकारी दी। उन्होने कहा कि विनोबा भावे जी ने गांव गांव जाकर भूमि दान मे लेकर भूमिहीन किसानो को दे दी। वे भारत की बहुत सी भाषाओं के ज्ञाता थे।

कवि गोष्ठी में प्रेम विज ने अपनी कविता में विनोबा जी का आह्वान करते हुए कहा 'संत विनोबा आपको फिर आना होगा, अबलाओं को बदमाशों से छुड़ाने।' शायर अशोक भंडारी नादिर ने गजल के माध्यम से कहा 'यूँ नामुमकिन किया मुमकिन अकेले ही विनोबा ने' नीरू मित्तल ने अपनी कविता 'बन जाए मेरे ख्वाबों का हिंदुस्तान, विश्वगुरु मेरा भारत महान' में विनोबा जी के सपने को दर्शाया।

प्रज्ञा शारदा ने 'विनोबा तेरा नाम जैसे भूदान का काम' के द्वारा विनोबा जी के हर कार्य को याद किया। सरिता मेहता ने 'सर्वोदय भूदान के प्रणेता संत विनोबा भावे' के द्वारा अपने बचपन के संस्मरण कविता के रूप में गाये। विनोद शर्मा ने विनोबा जी की जीवन यात्रा प्रस्तुत की 'स्वतंत्र सोच वाले विनोबा भावे' काव्य गोष्ठी में राशि श्रीवास्तव, नीलम त्रिखा, दलजीत कौर, गोगी गिल, सुभाष भास्कर, बी के गुप्ता ने भी शिरकत की।

अंत में अशोक भंडारी नादिर ने सभी का धन्यवाद किया।

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