Thursday, 7 November 2019

मदनपुर कोपरेटिव सोसायटी की एजीएम में सैंकड़ों सदस्यों ने किया हंगामा: सदस्यों के दबाव में बैठक छोडक़र भागे पूर्व अध्यक्ष व पदाधिकारी

By 121 News

Chandigarh 07th November:- स्थानीय किसान भवन परिसर में बृहस्पतिवार को उस समय हंगामा हो गया जब मदनपुर कोपरेटिव सोसायटी के प्रबंधकों को उस समय सोसायटी सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ जब प्रबंध समीति द्वारा वर्ष 2019-20 के लिए वार्षिक आम सभा का आयोजन किया जा रहा था। सदस्यों के हंगामे और बढ़ते दबाव के बीच सोसायटी का पूर्व प्रधान तथा अन्य पदाधिकारी बैठक छोडक़र ही चले गए। जिसके बाद सदस्यों ने पूर्व प्रधान मनमीत सिंह द्वारा जारी एजेंडे को रद्द कर दिया और सहकारिता विभाग के इंस्पैक्टर ने सोसायटी के कामकाज के लिए एक अस्थाई कमेटी का गठन कर दिया।

आज आयोजित की गई कमेटी के विरोध में पंजाब,हिमाचल,हरियाणा तथा दिल्ली से कमेटी के सदस्य चंडीगढ़ पहुंचे मदनपुर कोरपरेटिव सोसायटी के सदस्यों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब राज्य सहकारी सभा एक्ट 1961 की धारा 26 के अनुसार धारा 26 (1सी) में जरूरी है कि प्रत्येक कमेटी अपना कार्यकाल समाप्त होने से 90 दिन पहले तक नई कमेटी का गठन करने की व्यवस्था करे। धारा 26 (1 डी) में कहा गया है कि जहां कोई कमेटी पदभार संभालने से रह जाती है और नई कमेटी नहीं बनाई जाती है तो रजिस्ट्रार द्वारा किसी भी सरकारी अधिकारी को प्रबंधक नियुक्त किया जा सकता है।

सोसायटी के वरिष्ठ सदस्य इकबाल सिंह ओबराय ने कहा कि मदनपुर कोपरेटिव सोसायटी की प्रबंध समीति का कार्यकाल सात फरवरी को समाप्त हो रहा है तथा नई कमेटी के गठन के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है। आज की बैठक में प्रबंध समीति द्वारा पेश किया गया एजेंडा सोसायटी सदस्यों के अधिकारों के उलट है। एजीएम का विरोध करने वाले सदस्यों ने कहा कि रजिस्ट्रार की जांच में यह साफ हो चुका है कि अध्यक्ष मनमीत सिंह की सदस्यता जायज नहीं है। इसके बावजूद रजिस्ट्रार विकास गर्ग द्वारा उन्हें क्लीन चिट देते हुए उल्टा सोसायटी सदस्यों को सहयोग करने के निर्देश दिए गए।

सोसायटी सदस्य जसवीर सिंह कलसी ने कहा कि रजिस्ट्रार द्वारा 14 अगस्त को दिए गए फैसले के विरोध में सदस्यों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिसे पांच नवंबर को मंजूर कर लिया गया। उन्होंने कहा कि सोसायटी की प्रबंध समीति द्वारा वर्ष 2018-2019 के खातों का अभी तक ऑडिट नहीं करवाया गया है। आरटीआई में यह साफ हो चुका है कि सोसायटी द्वारा बनाई गई इमारत पूरी तरह से गैर कानूनी है और गमाडा द्वारा इसे गिराने के आदेश जारी हो चुके हैं।

आज बैठक के दौरान जब उक्त सदस्यों ने विरोध किया तो मनमीत सिंह उसके साथी वहां से भाग खड़े हुए। हंगामा बढ़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। इसके बाद सहकारिता विभाग के इंस्पैक्टर लवजीत सिंह ने सदस्यों की सहमति से इकबाल सिंह ओबराय को चेयरमैन, जसबीर सिंह कलसी को वाइस चेयरमैन, रणदीप सिंह चंदोक को महासचिव, आशा कुमारी गुरिंदर कौर मोहाली को बतौर सदस्य शामिल करके एक अस्थाई कमेटी का गठन कर दिया। यह कमेटी अगले साल फरवरी माह में होने वाले चुनावों तक सोसायटी का कामकाज देखेगी।

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