Friday, 14 November 2025

Paras Health Panchkula Performs Region’s First Advanced Cool-Tip RFA to Treat Debilitating Bone Tumour in 9-Year-Old

By 121 News
Panchkula, Nov.14, 2025:- पारस हेल्थ पंचकूला ने क्षेत्र में पहली बार कूल-टिप रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन तकनीक का उपयोग करके 9 वर्षीय बच्चे के असहनीय बोन ट्यूमर का सफल उपचार कर एक महत्वपूर्ण चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। यह सफलता न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि बाल रोग ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी में मरीजों के लिए एक नई उम्मीद भी लेकर आई है। चंडीगढ़ के 9 वर्षीय संयम कोहली को कूल्हे की हड्डी (प्रॉक्सिमल फीमर) में 'ओस्टियोइड ओस्टियोमा' नामक छोटा लेकिन अत्यंत दर्दनाक ट्यूमर था। इस स्थिति के कारण उसे विशेषकर रात के समय तीव्र दर्द होता था, जिसके चलते वह लंगड़ाकर चलता था और सामान्य गतिविधियाँ भी नहीं कर पाता था। पिछले कई महीनों से उसका जीवन लगभग ठहर-सा गया था।

पारस हेल्थ की ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी टीम ने मेरिल लाइफसाइंसेज के विशेष प्रोब की मदद से सीटी-गाइडेड कूल-टिप आरएफए प्रक्रिया को अंजाम दिया। यह एडवांस्ड तकनीक कम समय में बड़ा और अधिक प्रभावी एब्लेशन ज़ोन बनाती है, जिससे ट्यूमर को अत्यधिक सटीकता से निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही, यह आसपास के स्वस्थ टिश्यू को नुकसान पहुँचाए बिना तेज़ रिकवरी की सुविधा देती है। पारंपरिक आरएफए की तुलना में यह प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, सटीक और तेज़ परिणाम देने में सक्षम है।

प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए ऑर्थोपेडिक ऑन्कोलॉजी के सीनियर कंसल्टेंट डा जगनदीप विर्क ने कहा कि ओस्टियोइड ओस्टियोमा भले ही आकार में छोटा होता है, लेकिन इसका दर्द बेहद असहनीय होता है। यह बच्चों की नींद, चलने-फिरने और सामान्य जीवन की गुणवत्ता को पूरी तरह प्रभावित कर देता है। इस केस में कूल-टिप की मदद से हमने ट्यूमर को अत्यंत सटीकता से नष्ट किया, जिससे आसपास के टिश्यू को कोई नुकसान नहीं हुआ। प्रक्रिया के तुरंत बाद बच्चा दर्द-मुक्त हो गया और अगले ही दिन सामान्य रूप से चलने लगा। यह न्यूनतम इनवेसिव ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी प्रगति का स्पष्ट प्रमाण है।

पारस हेल्थ पंचकुला के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक क्लीनिकल सफलता नहीं, बल्कि हमारे क्षेत्र में अत्याधुनिक और साक्ष्य-आधारित उपचार उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कूल-टिप जैसी आधुनिक तकनीकें मरीजों की परेशानी को कम करती हैं, रिकवरी तेज़ करती हैं और स्थानीय स्तर पर हेल्थकेयर की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों पर ले जाती हैं। हमें गर्व है कि इस प्रक्रिया ने एक बच्चे के जीवन की गुणवत्ता को तुरंत और प्रभावी रूप से बेहतर किया।

प्रक्रिया के 24 घंटों के भीतर संयम को पूरी तरह दर्द से राहत मिल गई और वह बिना किसी दिक्कत के चलने लगा। महीनों की तकलीफ के बाद यह तेज़ रिकवरी परिवार के लिए बड़ी राहत लेकर आई। पारस हेल्थ लगातार एडवांस्ड, न्यूनतम इनवेसिव और वैज्ञानिक उपचार प्रदान करके क्षेत्र के प्रमुख हेल्थकेयर संस्थान के रूप में अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। यहाँ उपलब्ध अत्याधुनिक तकनीकें मरीजों को कम दर्द, तेज़ रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता का भरोसा देती हैं।

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