Saturday, 13 September 2025

मूक परिंदों की पिंजरों से आजादी के लिए चंडीगढ़ में मनाया गया “बर्ड फ्रीडम डे” का 12वां स्थापना दिवस

By 121 News
Chandigarh, Sept.13, 2025:-विगत 11 वर्षों से मूक परिंदों की पिंजरों से आजादी की आवाज को बुलंद करने के लिए सितंबर माह के दूसरे रविवार को बर्ड फ्रीडम डे के रूप में मनाया जाता है । गुलाबी नगरी जयपुर से वर्ष 2014 में शुरू हुए "बर्ड फ्रीडम डे" अभियान ने अपने 12 वें स्थापना दिवस प्रवेश कर रहा है और इस बार मूक परिंदों की पिंजरों से आजादी की आवाज बुलंद होगी  पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में और  इस विश्व अभियान से जोड़ा जाएगा पंजाब और हरियाणा के निवासियों को जिसकी शुरुआत चंडीगढ़ में सेक्टर 21ए, जीएमएसएस  स्कूल से  हो चुकी है और अनेक स्कूली बच्चों ने पक्षियों की पिंजरों से आजादी पर चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लिया और अपने कोमल मन से चित्रों के माध्यम से  पक्षियों की पिंजरों से आज़ादी की आवाज़ बुलंद की। यही नहीं इस अभियान के अंतर्गत शहर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिकों, बच्चों, पर्यावरण प्रेमियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर पक्षियों को पिंजरों से मुक्त करने का संकल्प लिया।जीएमएसएसएस स्कूल सेक्टर 21 के स्टूडेंट्स द्वारा बनाई पेटिंग्स के माध्यम से संदेश को ओर प्रभावशाली बनाया गया। इस दौरान स्कूल की प्रिंसिपल व गत दिनों टीचर्स डे पर स्टेट अवार्ड से नवाजी गई सुखपाल कौर, मेंटोर डा रुपेश सिंह और स्कूल की आर्ट टीचर शैल्यादीप का विशेष योगदान और सभी ने इस विषय पर अपने विचार रख कर परिंदों की पिंजरों से आजादी की आवाज को बल दिया और विश्व आवाज बनाने में मदद करी । इस अवसर पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा 10वीं की अन्वी को प्रथम पुरस्कार , कक्षा 12वीं के अंशु रावत को  द्वितीय कक्षा 11वीं की अनुषा सहा को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ एवं चित्रकला प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी प्रतिभागियों को बर्ड फ्रीडम डे अभियान के संस्थापक विपिन कुमार जैन और सह संस्थापक रुचिका जैन ने सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित भी किया ।

चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अभियान के संस्थापक विपिन कुमार जैन ने बताया कि "बर्ड फ्रीडम डे" हर वर्ष सितंबर माह के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। यह अभियान जयपुर से शुरू होकर अमेरिका स्थित शिकागो तक अपनी गूंज पहुँचा चुका है। और इस वर्ष दुबई से भी इस अभियान की शुरुआत हो चुकी है ।

वर्ष 2014 में इस अभियान को तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति स्वर्गीय श्री प्रणब मुखर्जी जी का आशीर्वाद एवं शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुआ था।

इस अभियान से जुड़ कर  अब तक हजारों बच्चों द्वारा बनाई गई बर्ड फ्रीडम डे विषय पर विश्व की सबसे बड़ी चित्रकला प्रदर्शनी भी लगाई गई, जो उपस्थित जनसमूह का विशेष आकर्षण बना। प्रदर्शनी में बाल कलाकारों ने रंगों के माध्यम से पक्षियों की आज़ादी और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।

चंडीगढ़ में आयोजित इस विशेष अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह मुहिम न केवल पक्षियों की आज़ादी के लिए है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और पर्यावरण संरक्षण का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में सभी ने संकल्प लिया कि भविष्य में विश्व के हर कोने से पिंजरों में कैद पंछियों को मुक्त कराने की आवाज़ और बुलंद की जाएगी।

अंत में अभियान के संस्थापक विपिन कुमार जैन ने सभी को धन्यवाद दिया सभी से यह निवेदन किया कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से ही सम्पूर्ण विश्व से पिंजरों में बंद पंछी आजाद हो सकेंगे  ।

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