By 121 News
Chandigarh, August 18, 2025:-चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आज भोपल सिंह स्टेडियम, सेक्टर 45, चंडीगढ़ से विशाल कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य बीजेपी द्वारा चुनाव आयोग (ईसीआई) की मिलीभगत से की जा रही बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली और वोट चोरी का पर्दाफाश करना था।
सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे, मोमबत्तियाँ और तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे और गगनभेदी नारे लगाए—"वोट चोर गद्दी छोड़!"—जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि भारत की जनता लोकतंत्र की हत्या बर्दाश्त नहीं करेगी।
इस मार्च का नेतृत्व चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एच.एस. लक्की ने किया, जबकि आयोजन चंडीगढ़ यूथ कांग्रेस के उपाध्यक्ष संदीप गुज्जर ने किया। वरिष्ठ डिप्टी मेयर जसबीर बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता, पार्षद सचिन गालव, विजय राणा, जाहिद परवेज़ खान, आसिफ चौधरी, यदविंदर मेहता, ज़फ़र सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए एच.एस. लक्की ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और कहा कि राहुल गांधी के खुलासों ने मोदी की तथाकथित लोकतंत्र की नकली परत को पूरी तरह उतार दिया है। मतदाता सूची में हेरफेर, लाखों नामों की कटौती और फर्जी नामों का जोड़ा जाना बीजेपी-ईसीआई की मिलीभगत को उजागर करता है। कल मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने आयोग की खुली पक्षपातपूर्ण सोच को सामने ला दिया—वह भाषा एक संवैधानिक प्राधिकरण की नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की थी। यह लोकतंत्र के खिलाफ राजद्रोह से कम नहीं है। अगर चुनाव आयोग बीजेपी की कठपुतली बनना चाहता है, तो उसे अस्तित्व में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग भारतीय लोकतंत्र का संरक्षक है। अगर वही धोखाधड़ी में शामिल हो जाए, तो लोकतंत्र ही धराशायी हो जाएगा। चंडीगढ़ कांग्रेस पूरी जवाबदेही, पूर्ण पारदर्शिता और मोदी सरकार व हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की बीजेपी सरकारों के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है, जिन पर वोट चोरी के ये चौंकाने वाले आरोप हैं। कांग्रेस पार्टी तब तक चैन से नहीं बैठेगी जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों को सज़ा नहीं मिलती।
प्रदर्शन के दौरान सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का भी स्वागत किया गया, जिसमें आज बिहार की मतदाता सूची के मामले में चुनाव आयोग को कड़ा झटका दिया गया। कोर्ट ने अस्थायी ड्राफ्ट रोल प्रकाशित करने, 65 लाख हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करने और हटाने के कारण बताने का निर्देश दिया। साथ ही, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वोटर शामिल करने के लिए आधार कार्ड स्वीकार किया जाए। संदीप गुज्जर ने इस निर्णय को "समझौता किए हुए आयोग पर जनता की जीत" बताया।
चंडीगढ़ कांग्रेस ने दोहराया कि यह मार्च सिर्फ शुरुआत है। संविधान और भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को बचाने के लिए यह लड़ाई और तेज होगी। पार्टी ने संकल्प लिया कि जब तक चुनावी प्रणाली से भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म कर उसकी विश्वसनीयता बहाल नहीं होती, तब तक यह संघर्ष पूरे देश में जारी रहेगा।
No comments:
Post a Comment