By 121 News
Chandigarh, July 20, 2025:-- निरंकारी सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज की कृपा व निर्देशानुसार संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा सैक्टर 15 और सैक्टर 40 एरिया के रक्तदान शिविर का आयोजन संत निरंकारी सत्संग भवन सैक्टर 15-डी चंडीगढ़ में किया गया जिसमें निरंकारी श्रद्धालुओं द्वारा स्वेच्छा से 272 युनिट रक्तदान किया जिसमें अनेको महिलाएं भी शामिल थी।
इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन ओ पी निरंकारी, जोनल इंचार्ज, चंडीगढ़ जोन ने स्थानीय मुखी महात्माओं एस.एस. बांगा एवं पवन कुमार तथा उपस्थित गण्यमान्य सज्जनों की उपस्थिति में अपने कर कमलो द्वारा किया। ओ पी निरंकारी ने युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी के कहे कथन अनुसार कि "रक्त नाड़ियों में बहना चाहिए नालियों में नहीं" की पालना करते हुए निरंकारी मिशन द्वारा हर वर्ष 1986 से अनेकों स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं जिसमें अब तक मानवता की भलाई के लिए लगभग 15 लाख यूनिट रक्तदान निरंकारी मिशन कर चुका है।
इस रक्तदान शिविर का उद्घाटन ओ पी निरंकारी, जोनल इंचार्ज, चंडीगढ़ जोन ने स्थानीय मुखी महात्माओं एस.एस. बांगा एवं पवन कुमार तथा उपस्थित गण्यमान्य सज्जनों की उपस्थिति में अपने कर कमलो द्वारा किया। ओ पी निरंकारी ने युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह जी के कहे कथन अनुसार कि "रक्त नाड़ियों में बहना चाहिए नालियों में नहीं" की पालना करते हुए निरंकारी मिशन द्वारा हर वर्ष 1986 से अनेकों स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं जिसमें अब तक मानवता की भलाई के लिए लगभग 15 लाख यूनिट रक्तदान निरंकारी मिशन कर चुका है।
ओ पी निरंकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम में अधिकतर ब्लड बैंकों में रक्त की कमी हो जाती है लेकिन संत निरंकारी मिशन द्वारा पूरे वर्ष में समय-समय पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जाता है यहां उपस्थित रक्त दाताओं का हौंसला देखने को मिलता है। यह जो दान किया जा रहा है यह परमात्मा द्वारा दिए गए तन से ही किया जा रहा है क्योंकि हम सभी के शरीर में परमात्मा ने एक रिजर्व रक्त का सिस्टम बनाया होता है उसी के कारण ही हम रक्त दान कर पाते हैं । यह तभी संभव है जब हम पूर्ण सतगुरु से ब्रह्मज्ञान की प्राप्त कर लेते हैं।
इस अवसर पर सैक्टर 15 के मुखी सोहन सिंह बांगा और सैक्टर 40 के मुखी पवन कुमार ने पी.जी.आई. चण्डीगढ़ व मल्टी स्पैशलिटी अस्पताल सैक्टर 16 चण्डीगढ़ से आई डाक्टरों की टीम व सभी रक्तदाताओं का धन्यवाद किया ।
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