By 121 News
Chandigarh, Nov.22, 2021:- हरियाणा पब्लिक सर्विज़ कमीशन व हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन भर्ती घोटालों का अड्डा बन गए हैं। यह पूर्णतया स्पष्ट हो गया है कि ये दोनों कमीशन निष्पक्ष भर्ती करने में पूरी तरह से नाकारा हैं और सत्ता में उच्च पदों पर बैठे लोग इन भर्ती घोटालों में सीधे रूप से शामिल हैं। भाजपा-जजपा सरकार के संरक्षण में हो रहे इन घोटालों के कारण बार-बार भर्तियां रद्द करनी पड़ रही हैं और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकारी भर्तियों में आए दिन जो खुलासे हो रहे हैं वह बताते हैं कि हरियाणा में इस सरकार में भ्रष्टाचार हर स्तर पर फैल चुका है। सरकार एक घोटाले को छिपाती है तो दूसरा सामने आ जाता है। पारदर्शिता को किनारे कर दिया गया है। जमकर पर्ची-खर्ची का खेल चल रहा है।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा कुमारी सैलजा ने प्रेस को जारी एक बयान के माध्यम से भाजपा-जजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले सात सालों में इतनी भर्तियां नहीं हुई, जितने भर्ती घोटाले हुए हैं। मनोहर सरकार के कार्यकाल के दौरान सात साल में तीन दर्जन के करीब पेपर लीक हो चुके हैं। एचएसएससी के पूर्व तथा मौजूदा चेयरमैन भर्ती घोटालों को लेकर विवादों में घिरते रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री का उनके खिलाफ कार्रवाई न करना इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा में हो रहे भर्ती घोटालों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने मांग की कि एचपीएससी व एचएसएससी कमीशन को भंग करके नए कमीशन गठित होने चाहिए और सभी विवादित भर्ती परीक्षाएं दोबारा करवाई जाएं, ताकि हरियाणा के शिक्षित बेरोजगारों को न्याय मिल सके।
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा ने कहा कि विजीलेंस ब्यूरो द्वारा एचपीएससी के डिप्टी सेक्रेटरी व अन्यों को गिरफ्तार किए जाने के बावजूद सरकार की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा में नौकरियां निलाम करने में सरकार के करीबी लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री बिना खर्ची-बिना पर्ची के नौकरी दिए जाने का तथाकथित बयान दे रहे हैं, वह वास्तव में सही है क्योंकि यहां पर्चियां नहीं बल्कि नोटों से भरी अटेचियां चल रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल से पिछले सात सालों में हुई भर्तियों पर श्वेत-पत्र जारी करने की मांग करते हुए कहा कि वह प्रदेशवासियों को बताएं कि उनके कार्यकाल के दौरान कितनी भर्तियों को अदालत में चुनौती दी गई है, सरकार ने किस विभाग में कितनी भर्तियां की हैं और कितनी बार पेपर लीक होने के कारण भर्तियों को रद्द किया गया है।
कुमारी सैलजा ने एचएसएसएसी तथा एचपीएससी को तुरंत प्रभाव से भंग करने की मांग करते हुए कहा कि इस समय यह दोनों संस्थान अपनी विश्वसनीयता गंवा चुके हैं और इस मामले में कार्रवाई करने वाले प्रदेश के मुखिया चुप है। ऐसे में हरियाणा के माननीय राज्यपाल को मीडिया रिपोर्ट और विजीलेंस कार्रवाई का स्वत: संज्ञान लेते हुए दोनों संस्थानों को भंग करके भर्ती घोटालों की सिटिंग जज से जांच करवानी चाहिए।
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