By 121 News
Chandigarh July 26, 2021:- लेखकों और प्रोफेसरों की मंडली में एक जाना-पहचाना नाम, नरिंदर जीत कौर ने गद्य (परोज) लिखने के क्षेत्र में अपने बारीक और सटीक लेखन से अपने लिए एक जगह बनाई है। उनकी एक अलग लेखन शैली है जो कि स्पष्ट और वाक्पटु है। इसी शैली में लिखे गए उनके कई आर्टिकल्स, जो प्रतिष्ठत समाचार पत्रों सहित क्षेत्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित हुए हैं, को उन्होंने चुन चुन कर अपने नए लिटरेरी वंडर, डॉन टू डस्क में शामिल कर प्रकाशित किया है। नरिंदर जीत कौर की पुस्तक डॉन टू डस्क का अनावरण चंडीगढ़ में वर्चुअल तौर पर किया गया।
ये प्रतिनिधि कहानियां, जो किसी के अनुभव को अर्थ देने और दूसरों के साथ साझा करने के लिए बुनियादी मानवीय आवेग का परिणाम हैं, कौर के सामाजिक परिवेश के सर्वोत्कृष्ट लोकाचार से संबंधित हैं। बांधकर रखने वाले लेखन में महारत रखने वाली एक विशिष्ट लेखिका होने के नाते, उनके लिए जब भी कोई चीज उनको गुदगुदाने या मुस्कुराने पर मजबूर करती है, या दिमाग को परेशान करती है, या दिल की धडक़नों को छूती है, तो उनकी कलम से एक कहानी पैदा होती है। उनके लिए लिखने का एकमात्र उद्देश्य पाठकों के साथ जुड़ाव से पैदा हुए आपसी जुड़ाव का बंधन स्थापित करना और उसे मजबूत बनाना है।
नरिंदर जीत कौर ने बताया कि सुबह की चाय के पहले प्याले के साथ पाठकों द्वारा पढऩे और स्वाद लेने के लिए, जीवन के ये पल, जिंदगी की मिठास को बढ़ाते हैं और कुछ नया मसाला भी देते हैं। इनके बिना जिंदगी कुछ उबाऊ या बोरियत से भर जाती है और एक आम रोजमर्रा की सी जिंदगी जीनी पड़ती है। यह कलेक्शन एक तरफ हास्य और व्यंग का मेल है, और दूसरी ओर दर्द और पीड़ा है।
नरिंदर जीत कौर ने बताया कि सुबह की चाय के पहले प्याले के साथ पाठकों द्वारा पढऩे और स्वाद लेने के लिए, जीवन के ये पल, जिंदगी की मिठास को बढ़ाते हैं और कुछ नया मसाला भी देते हैं। इनके बिना जिंदगी कुछ उबाऊ या बोरियत से भर जाती है और एक आम रोजमर्रा की सी जिंदगी जीनी पड़ती है। यह कलेक्शन एक तरफ हास्य और व्यंग का मेल है, और दूसरी ओर दर्द और पीड़ा है।

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