Sunday, 20 September 2020

कृषि प्रधान भारत देश में अन्नदाताओं के खिलाफ षड्यंत्र रचकर भाजपा सरकार ने देश की आत्मा पर किया प्रहार : कुमारी शैलजा

By 121 News
Chandigarh Sept.20, 2020:-हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा ने रविवार को राज्यसभा में पास हुए कृषि बिलों को लेकर कहा कि देश के इतिहास में आज के दिन को काले दिन के रूप में गिना जाएगा। कृषि प्रधान भारत देश में अन्नदाताओं के खिलाफ षड्यंत्र रचकर भाजपा सरकार ने हमारे देश की आत्मा पर प्रहार किया है। यह बिल कृषि क्षेत्र को पूंजीपतियों के हाथों में गिरवी रखने वाले हैं। यह किसानों को गुलाम बनाने वाले बिल हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि मंडी व्यवस्था न होने का मतलब न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म होना है। छोटे किसान बाजार की प्रतिस्पर्धा में कैसे टिकेंगे? कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का मतलब है कि पूंजीपति फसलों के लिए मूल्य निर्धारित करेंगे। यह हमारे देश के किसानों पर एक क्रूर हमला है कि नए कृषि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में मंडियों को खत्म कर दिया था। जिस कारण बिहार में किसान की हालत बद से बदतर हो गई है। वर्तमान भाजपा सरकार भारतीय इतिहास की पहली ऐसी सरकार है जो किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकार छीनने के लिए यह बिल लाई है। ये बिल किसानों को बर्बाद करने वाले हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यह सरकार सिर्फ अपने कुछ चुनिंदा चहेते पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। पहले लोकसभा और फिर अब राज्यसभा में बहुमत का दुरुपयोग कर पास करवाए गए यह बिल अन्नदाता की आत्मा पर प्रहार हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ पूरे देश के किसान, मजदूर, आढ़ती इन बिलों के खिलाफ सड़कों पर थे वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा जल्दबाजी में लोकसभा और राज्यसभा में पास करवाए गए यह बिल भाजपा सरकार के किसान, मजदूर और आढ़तियों को खत्म करने के षड्यंत्र को उजागर करते हैं।

कुमारी सैलजा ने कहा कि किसानों की आय दोगुणी करने का झूठा ढोंग पीटने वाली भाजपा सरकार के पहले के फैसलों ने भी किसानों की कमर तोड़ने का काम किया था। भाजपा सरकार के फैसलों की वजह से किसान की लागत में बढोतरी हुई। कीटनाशक से लेकर कृषि उपकरण तक, सब कुछ महंगा कर दिया गया। 

कुमारी सैलजा ने कहा कि देश का अन्नदाता भाजपा सरकार को कभी माफ नहीं करेगा। कांग्रेस सरकार आते ही यह बिल खारिज कर दिए जाएंगे। 21 सितंबर को हरियाणा प्रदेश के हर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा इन बिलों के विरोध में धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। वह खुद जींद में मौजूद रहकर धरना प्रदर्शन का नेतृत्व करेंगी।

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