Monday, 14 September 2020

गुरुद्वारा नानकसर साहिब में "ज्योति-जोत-दिवस" पाठ का डाला गया भोग: पहली पातशाही श्री गुरु नानकदेव जी के सम्मान स्वरूप 12 सितम्बर को रखा गया था पाठ

By 121 News

Chandigarh September 14, 2020:- गुरुद्वारा नानकसर सैक्टर 28, चंडीगढ़ में डेरा प्रमुख बाबा गुरदेव सिंह जी की रहनुमाई में गुरुद्वारा साहिब में पहली पातशाही श्री गुरु नानकदेव जी के सम्मान मे तथा विश्व-शांति और वैश्विक महामारी के प्रकोप से दुनिया को निजात दिलाने के लिए 12 सितंबर से प्रारंभ हुए "ज्योति-जोत-दिवस" पाठ का आज सोमवार 14 सितंबर को भोग डाला गया। इस अवसर पर उपस्थित समूह संगत ने गुरुद्वारा साहिब में सरकारी नियमों की पालना करते हुए, फेस मास्क पहने सोशल डिसटेंस का ध्यान रखा।

बाबा गुरदेव सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा नानकसर साहिब में हर साल पहली पातशाही श्री गुरु नानकदेव जी के सम्मान मे पाठ का आयोजन किया जाता है  जिसमे भारी संख्या में संगत भाग लेती थी, लेकिन इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते सीमित संख्या में संगत इस में शामिल हुई। पाठ का भोग बेहद ही सादगी और श्रद्धाभाव से डाला गया।वहीँ उन्होंने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस को लेकर कहा कि दुनिया भर में इस समय कोरोना के कारण केवल सामाजिक बल्कि आर्थिक, नैतिक आध्यात्मिक मूल्यों मे भी भारी गिरावट हुई है।  लोगों मे भय और निराशा का माहौल है। आज सतगुरु सच्चे पातशाह से अरदास कि गई कि लोगों का मनोबल बना रहे, नैतिक मूल्यों का ह्रास हो, आध्यात्मिक उन्नति बनी रहे तथा जीवन के प्रति समरसता बनी रहे।

 इसी आशा के साथ "ज्योति जोत दिवस" के पाठ का आयोजन किया गया था

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