By 121 News
Chandigarh 14th December:- वेद, धर्म, संस्कृत भाषा एवं संस्कृति के प्रति जनमानस में आस्था जागृत करने के उदेश्य को प्रमुख रखकर श्री मुक्तिनाथ वेद विद्याश्रम (संस्कृत-गुरूकुल) रजि. चंडीगढ़ द्वारा आज श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ से पूर्व सैक्टर 17 स्थित श्री गौरीशंकर मंदिर से भव्य 108 कलश यात्रा का आयोजन परम् पूज्य जगद्गुरू स्वामी श्रीरामभद्राचार्यजी महाराज के सानिध्य में किया गया। यह यात्रा बैंड़ बाजों के साथ इस सैक्टर के विभिन्न हिस्सों से गुजरती हुई सैक्टर 16 स्थित अग्रवाल भवन के परिसर कथा स्थल में पहुंची। यह कलश यात्रा इन सैक्टरों के जिन जिन मार्गो से गुजरी लोगों ने इसका श्रद्धा भाव के साथ स्वागत् किया। इस दौरान क्षेत्र की विभिन्न कीर्तन मंडलियां भी इस यात्रा में सम्मिलित थी।
इस भव्य कलश यात्रा से पूर्व माता गौरी व श्रीगणेश का पूजा-अर्चना किया गया तद्पश्चात कलश में वरूण देव के साथ सभी देवी देवताओं का पूजन, ब्रहा्रमणों का पूजन भी किया गया। इसके पश्चात् शंख ध्वनि के साथ परम् पूज्य जगद्गुरू स्वामी श्रीरामभद्राचार्यजी महाराज के सानिध्य में कलश यात्रा का शुभारंभ किया गया। कथा स्थल में पहुंचने के बाद सर्वप्रथम महाराज जी के चरणपादूका का पूजन व व्यास पूजन किया गया।
भगवान को प्रणाम मात्र से ही दुर्भाग्य भाग्य में बदल जाते हैं: जगद्गुरू स्वामी श्रीरामभद्राचार्यजी महाराज ने श्रीमद् भागवत् कथा का श्रवण करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को कहा कि भगवान को प्रणाम करने से ही व्यक्ति के दुर्भाग्य, भाग्य में बदल जाते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान को प्रणाम करते है भगवान उससे बहुत खुश होते हैं। उन्होंने बताया कि जो आत्मा से भगवान को दण्डवत रूपी प्रणाम करने से उस व्यक्ति को कभी दण्ड नही मिलता। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि जो भगवान के संमुख हो जाते हैं उनके जन्मोजंमांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।
ईस अवसर पर श्री मुक्तिनाथ वेद विद्याश्रम (संस्कृत-गुरूकुल) के संचालक आचार्य स्वामी प्रसाद मिश्र,पं. ईश्वर चंद्र शास्त्री, चेयरमैन दिनेश सिंगला, एवं सहयोगी सुरेन्द्र पाल दास रामायणी, सुरेश बंसल, राकेश संगर, मुकेश सिंगला, बाल कृष्ण सिंगला, पीके बंसल, सी.एल मल्होत्रा, शरणदास कंबोज तथा कथा के उप-प्रधान मुकेश गुप्ता, संरक्षक राजेश कपूर, रमेश सिंह, विनोद अग्रवाल, अरविंद कपूर, ईश्वर जिंदल और पं. मदन लाल, राकेश बंसल, सुरेश भी मौजूद थे इसके अलावा देवालय पूजक परिषद् के पदाधिकारियों में पं.राम गोपाल शास्त्री, चंद्र भूषण शास्त्री, लाल बहादूर शास्त्री भी उपस्थित थे।
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